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HP VVIP Guest Expenses: खस्ताहाल खजाने के बीच VVIPs की मेहमाननवाजी पर 6.50 करोड़ खर्च, 426 हस्तियां रहीं ‘स्टेट गेस्ट’

Himachal News: हिमाचल में आर्थिक तंगी के बीच VVIP मेहमाननवाजी के चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। विधानसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, 426 हस्तियों को 'स्टेट गेस्ट' का दर्जा मिला, जिन पर सरकार ने 6.50 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए।
HP VVIP Guest Expenses: खस्ताहाल खजाने के बीच VVIPs की मेहमाननवाजी पर 6.50 करोड़ खर्च, 426 हस्तियां रहीं 'स्टेट गेस्ट'
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HP VVIP Guest Expenses: हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति जो भी हो, लेकिन अपने मेहमानों की आवभगत में सरकार ने सरकारी खजाने से खूब खर्च किया है। बावजूद इसके, प्रदेश में कुछ ऐसे मेहमान भी आए हैं जिन्होंने अपना रहन-सहन और खान-पान का पूरा खर्च खुद उठाया है। दरअसल हिमाचल प्रदेश की वित्तीय स्थिति को लेकर जारी चर्चाओं के बीच राज्य सरकार द्वारा विशिष्ट अतिथियों (VVIPs) के सत्कार पर किए गए व्यय के आंकड़े सामने आए हैं।

विधानसभा के बजट सत्र के दौरान दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में 426 हस्तियों को ‘स्टेट गेस्ट’ का दर्जा दिया गया, जिनकी सुविधाओं और यात्रा पर सरकार ने 6.50 करोड़ रुपये से अधिक की राशि व्यय की है। बता दें कि आनी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक लोकेंद्र कुमार द्वारा पूछे गए एक अतारांकित प्रश्न (संख्या 1685) के लिखित उत्तर में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इन खर्चों का विवरण साझा किया। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के रिकॉर्ड के अनुसार, 31 जनवरी 2026 तक की तीन साल की अवधि में कुल 426 VVIPs सरकारी मेहमान बने।

वर्षवार आंकड़ों पर नजर डालें तो 2023 में 143, 2024 में 127 और 2025 में 149 अतिथियों को स्टेट गेस्ट का दर्जा मिला। वहीं, जनवरी 2026 के पहले माह में 7 अतिथियों को यह सुविधा प्रदान की गई। इन सभी के आवास और भोजन पर 4.86 करोड़ रुपये, जबकि टैक्सी व परिवहन व्यवस्था पर 1.65 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुए।

राष्ट्रपति के दौरों पर खर्च का बड़ा हिस्सा
व्यय के कुल विवरण में राष्ट्रपति के दौरों पर हुआ खर्च सबसे प्रमुख है। 18 अप्रैल 2023 और 2024 के दौरान राष्ट्रपति के हिमाचल प्रवास के समय विभिन्न रेस्ट हाउस और सर्किट हाउस की व्यवस्थाओं पर क्रमशः 1.67 करोड़ और 2.40 करोड़ रुपये की राशि व्यय की गई।

राजनेताओं और न्यायमूर्तियों के सत्कार का विवरण
स्टेट गेस्ट की सूची में सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई वरिष्ठ नेताओं सहित न्यायपालिका की हस्तियां शामिल रहीं।

अनुराग ठाकुर: बतौर केंद्रीय मंत्री 2023 के दौरे के दौरान इनके प्रवास पर 37,355 रुपये और वाहनों पर 7.66 लाख रुपये खर्च हुए।

राजीव शुक्ला: जनवरी 2023 में शिमला प्रवास के दौरान इनके रहने-खाने पर 2.35 लाख रुपये और टैक्सी पर 11,687 रुपये का व्यय हुआ।

राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल: राज्यपाल नामित होने के समय सर्किट हाउस और गवर्नर हाउस में रुकने के दौरान उनके सत्कार पर 96 हजार रुपये और टैक्सी पर 1.58 लाख रुपये खर्च किए गए।

न्यायपालिका: सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के कई माननीय न्यायाधीशों को भी स्टेट गेस्ट का दर्जा दिया गया। न्यायमूर्ति एमएस रामचंद्र राव के मुख्य न्यायाधीश नामित होने पर उनके सत्कार और परिवहन पर कुल 11 लाख रुपये से अधिक की राशि व्यय हुई। इसके अलावा न्यायमूर्ति संजय करोल, सूर्यकांत और संजीव खन्ना के दौरों पर भी सरकारी कोष से व्यय किया गया।

प्रधानमंत्री के सिरमौर और कांगड़ा दौरे का खर्च
आंकड़ों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26 अप्रैल 2024 को सिरमौर दौरे पर आए थे। इस प्रवास के दौरान विभिन्न होटलों के बिल के रूप में 6.10 लाख रुपए से अधिक की राशि चुकाई गई। इसके अतिरिक्त, परिवहन व्यवस्था के लिए 9.76 लाख रुपए से अधिक के टैक्सी बिलों का भुगतान किया गया। इसके उपरांत, सितंबर 2025 में प्रधानमंत्री के कांगड़ा दौरे के दौरान राज्य सरकार ने होटलों और खान-पान पर 10.67 लाख रुपए खर्च किए। यह खर्च मुख्य रूप से उनके स्टाफ और एसपीजी (SPG) की व्यवस्थाओं से संबंधित माना जाता है। इस दौरे में परिवहन सुविधा पर भी 2.48 लाख रुपए से अधिक का व्यय हुआ।

कांग्रेस नेताओं और पूर्व मुख्यमंत्रियों के प्रवास का ब्योरा
कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा 12 सितंबर 2023 को शिमला पहुंची थीं, जहां उनके स्टाफ के सर्किट हाउस में ठहरने और खान-पान पर 36,910 रुपए खर्च हुए। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के 21 अप्रैल 2025 के शिमला प्रवास के दौरान सिसिल होटल और सर्किट हाउस का खर्च 1.68 लाख रुपए से अधिक रहा, जबकि परिवहन पर 79,626 रुपए व्यय किए गए। उनके साथ चार अन्य कांग्रेस नेता भी मौजूद थे।

कांग्रेस नेता आनंद शर्मा के मार्च 2025 के दौरे पर 1.56 लाख रुपए खर्च हुए, जबकि राज्यसभा चुनाव के दौरान उपजे राजनीतिक घटनाक्रम के बीच डीके शिवकुमार, भूपेंद्र हुड्डा, भूपेश बघेल और राजीव शुक्ला जैसे नेताओं के शिमला दौरे पर सरकारी खजाने से 6.39 लाख रुपए से अधिक के बिलों का भुगतान किया गया।

संवैधानिक पद और विदेशी राजदूतों के दौरे
पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के जनवरी 2024 के हमीरपुर दौरे पर सरकार ने 5.62 लाख रुपए खर्च किए। वहीं, फरवरी 2025 में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के दौरे के बिल के रूप में 14 हजार रुपए से अधिक की राशि चुकाई गई। वर्ष 2024 में कुल्लू दौरे पर आए गुयाना, जमैका, उज्बेकिस्तान, कजाकिस्तान और ब्रुनेई समेत कई देशों के राजदूतों के प्रवास पर भी 3 लाख रुपए से अधिक का सरकारी व्यय हुआ है।

अन्य महत्वपूर्ण खर्च और लंबित बिल
रिपोर्ट्स के अनुसार, कांग्रेस नेता विदित चौधरी और चेतन चौहान के 2024 और 2025 के दौरों पर कुल मिलाकर 5.65 लाख रुपए से अधिक के बिलों की अदायगी की गई। जून 2023 में कांगड़ा आए नवजोत सिंह सिद्धू के प्रवास पर 56 हजार रुपए खर्च हुए। ताजा जानकारी के अनुसार, जनवरी 2026 में शिमला आए चेतन चौहान, विदित चौधरी और रजनी पाटिल के खान-पान और ठहरने के बिल आना अभी शेष हैं, हालांकि इनके टैक्सी भाड़े के रूप में 60 हजार रुपए से अधिक का भुगतान पहले ही किया जा चुका है।

स्वयं खर्च वहन करने वाले विशिष्ट अतिथि
जवाब में यह भी स्पष्ट किया गया कि कुछ विशिष्ट अतिथियों ने राजकीय अतिथि का दर्जा मिलने के बावजूद अपने खर्च का वहन स्वयं किया। सेनाध्यक्ष जनरल मनोज पांडे और सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने अपने दौरों के दौरान भोजन और परिवहन की व्यवस्था स्वयं की। इसी प्रकार, दिल्ली के गुरु जी आश्रम के निदेशक नवदीप गौरव सिंह ने भी सरकारी व्यय का उपयोग नहीं किया।

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