Jairam Thakur Press Conference: मंडी। भाजपा की कार्यसमिति की बैठक के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार पर आरोप लगाया कि वह हिमाचल प्रदेश में ‘पाकिस्तान मॉडल’ लागू कर रही है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि पाकिस्तान में आर्थिक संकट के कारण कर्मचारियों और अधिकारियों का वेतन समय पर नहीं दिया जाता और उसे ‘डेफर’ कर दिया जाता है। ठीक उसी स्थिति का सामना आज हिमाचल प्रदेश में हो रहा है। सरकार न केवल अधिकारियों-कर्मचारियों बल्कि चुने हुए जनप्रतिनिधियों के वेतन भी रोकने पर मजबूर हो गई है। उन्होंने इसे प्रदेश के इतिहास में अभूतपूर्व और शर्मनाक घटनाक्रम बताया।
उन्होंने आरोप लगाया कि आर्थिक मोर्चे पर सुक्खू सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है। गलत नीतियों के कारण राज्य की वित्तीय स्थिति पूरी तरह डगमगा गई है। जयराम ठाकुर ने भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान शासनकाल में नेताओं और अधिकारियों पर ऐसे लांछन लगे हैं जो हिमाचल के इतिहास में पहले कभी नहीं देखे गए। भाजपा का अब एकमात्र एजेंडा इस भ्रष्ट सरकार को उखाड़ फेंकना है।
मंडी में आठ वर्षों के अंतराल के बाद हुई भाजपा कार्यसमिति बैठक में पारित राजनीतिक प्रस्तावों का उल्लेख करते हुए जयराम ठाकुर ने केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल को दी जा रही निरंतर सहायता के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भाजपा अब इन जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जनता के बीच जाएगी।
वहीं चेस्टर हिल मामले पर बोलते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण में धारा 118 के उल्लंघन के साथ-साथ ‘बेनामी ट्रांजेक्शन’ की स्पष्ट संभावना है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने राजस्व सचिव रहते हुए पद का खुला दुरुपयोग किया। मुख्यमंत्री को इसकी जानकारी पहले से थी, लेकिन अब इसे दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
जयराम ठाकुर ने प्रशासनिक विरोधाभासों पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि एक ओर मुख्य सचिव पुनर्नियुक्ति और सेवा विस्तार न देने के आदेश जारी करते हैं, वहीं उसी दिन मुख्यमंत्री कार्यालय से एक अधिकारी को सेवा विस्तार दे दिया जाता है। इससे साफ है कि सरकार में कोई तालमेल नहीं है और ‘व्यवस्था परिवर्तन’ के नाम पर केवल अराजकता व्याप्त है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को ‘झूठ का मसीहा’ करार देते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि असम चुनाव में स्टार प्रचारक के रूप में उन्होंने जो असत्य दावे किए, उससे लगता है कि कांग्रेस आलाकमान ने उन्हें केवल झूठ बोलने का ठेका दे रखा है। ऋण के आंकड़ों पर स्पष्ट करते हुए उन्होंने बताया कि उनके पांच वर्षों के कार्यकाल में मात्र 19 हजार करोड़ का ऋण लिया गया था, जबकि वर्तमान सरकार ने सवा साल में 40 हजार करोड़ से अधिक का बोझ प्रदेश पर लाद दिया है। अब कुल ऋण 1.10 लाख करोड़ के पार पहुंच गया है।
उन्होंने तंज कसा कि मुख्यमंत्री सदन में केंद्र की मदद स्वीकार करने से कतराते हैं, जबकि प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद ही राज्य को विकास कार्यों के लिए 4000 करोड़ रुपये मिले थे। अंत में उन्होंने मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री के विरोधाभासी बयानों का हवाला दिया। जब सरकार के भीतर ही 2027 तक आत्मनिर्भर हिमाचल बनाने के लक्ष्य पर सहमति नहीं है, तो जनता का विश्वास इस सरकार से पूरी तरह उठ चुका है।
ओपीएस मुद्दे पर कही ये बात
ओपीएस मुद्दे पर पूछे गए सवाल के जवाब में जयराम ठाकुर ने साफ कहा कि उन्होंने न कभी पुरानी पेंशन योजना का विरोध किया था और न ही आगे करेंगे। उन्होंने बताया कि भाजपा सरकार के दौरान उन्होंने केंद्र के समक्ष यह मुद्दा उठाया था। प्रदेश की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के बावजूद कांग्रेस ने इस मुद्दे को भुनाया और चुनाव जीता।
अब खुद कांग्रेस सरकार आर्थिक बदहाली का रोना रोते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों को यूपीएस की ओर जाने को कह रही है। जयराम ठाकुर ने चेतावनी दी कि आज प्रदेश की आर्थिक हालत इतनी खराब हो चुकी है कि 2027 में सबसे ज्यादा सेवानिवृत्तियां होने के कारण राज्य पर बड़ा आर्थिक संकट उत्पन्न होने वाला है।


















