Prajasatta Side Scroll Menu
Bahra University - Shimla Hills

मेरी चलती, फिर क्या गलती: राजनितिक संरक्षण वाले शिक्षकों ने 3 दिन में ही बदलवा दिए प्रतिनियुक्ति रद करने के आदेश

मेरी चलती, फिर क्या गलती: राजनितिक संरक्षण वाले शिक्षकों 3 दिन में ही बदलवा दिए प्रतिनियुक्ति रद करने के आदेश

प्रजासत्ता न्यूज़ डेस्क|
हिमाचल में सांंठगांठ और राजनीतिक पहुंंच के चलते प्रतिनियुक्ति पर डटे 128 शिक्षकों और कर्मचारियों की प्रतिनियुक्तियों को बीते दिन रद्द कर सुक्खू सरकार ने खूब वाहवाही तो लुटी। लेकिन उनमें से कुछ शिक्षकों ने मात्र तीन दिन में ही, वो प्रतिनियुक्ति रद्द होने के ऑर्डर ही रद्द करवा कर, जिसकी लाठी, उसकी भैस.. व जिसकी चलती, उसकी क्या गलती… की कहावतों को एक बार फिर सही साबित कर दिया है। उच्च शिक्षा निदेशालय ने अपने फैंसले को बदलते हुए इस बारे में अधिसूचना भी जारी कर दी है।

89dc1a37 8c9f 4ae8 abff 5b603070cb39
जिन शिक्षकों के प्रतिनियुक्ति रद्द होने के ऑर्डर रद्द हुए हैं उनमे सभी राज्य परियोजना कार्यालय( समग्र शिक्षा) शिमला में लंबे समय से डेप्यूटेशन पर अपनी सेवाएँ दे रहें हैं। इनमे से अधिकतर राजनीतिक संरक्षण के चलते बीते लंबे समय से स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने की जगह कार्यालयों में बाबूगिरी ही कर रहे हैं। सरकारें कोई भी हो लेकिन ऐसे लोग अपनी जुगत लड़ा कर अपना काम निकलने में माहिर हैं।

इसे भी पढ़ें:  #Himachal_Budget_2022-23: जानिए! जयराम सरकार के आखरी बजट की बड़ी बातें

बता दें कि लंबे समय से शिक्षा विभाग को शिकायतें मिल रही थी कि स्कूलों में सेवाएं देने और बच्चों को पढ़ाने के बजाय ये शिक्षक विभागों या ब्रांचों में डटे हैं। ऐसे में बीते दिन ही प्रतिनियुक्ति पर डटे 128 शिक्षकों और कर्मचारियों की प्रतिनियुक्तियों को प्रदेश सरकार ने रद्द कर दिया है। उच्च शिक्षा निदेशालय ने इस बारे में अधिसूचना जारी कर दी थी। लेकिन एक बार फिर प्रतिनियुक्ति रद्द होने के ऑर्डर ही रद्द कर के सरकार ने नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।

गौरतलब है कि सत्ता में रहीं सरकारें इन शिक्षकों को स्कूलों में भेजने की बातें तों करती आई हैं, लेकिन धरातल पर इस बाबत कुछ नहीं किया गया। अब सत्ता परिवर्तन की जगह व्यवस्था परिवर्तन की बात कहने वाली सुक्खू सरकार ने प्रतिनियुक्तियों को लेकर कड़ा संज्ञान जरुर लिया था, लेकिन जयराम सरकार को पलटू सरकार कहने वाली, कांग्रेस की ही सरकार किन वजहों से अब अपने ही फैसले को पलटने पर मजबूर हो गई , यह भी सोचने वाली बात है। कहने को यह भी कह सकते हैं कि व्यवस्था बदलने वाली सरकार अपनी ही व्यवस्था बदल रही है।  वहीँ  फैसला पलटवाने वाले इन शिक्षकों की तरफ से अन्यों के लिए एक ही संदेश जाता है “मेरी चलती है, इसमें क्या गलती है।”

इसे भी पढ़ें:  HP Panchayat Election: हाईकोर्ट के फैसले से सियासी बवाल, जयराम ने कहा- लोकतंत्र की जीत, सुक्खू बोले- आपदा कानून के मायने ही खत्म?
Aaj Ki KhabrenHimachal Latest NewsHimachal NewsHimachal News in HindiHimachal Pradesh NewsHimachal Pradesh samacharHimachal updateHP government newsHP News Today

Join WhatsApp

Join Now