Prajasatta Side Scroll Menu
Bahra University - Shimla Hills

पेंशन के लंबित मामलों पर सरकार का सख्त आदेश, अब अधूरी जानकारी से नहीं होगा काम

HP Government Employees Pension News: राज्य में पेंशन आवेदनों में पाई जा रही गंभीर खामियों के चलते कड़े निर्देश जारी किए हैं। अब बिना पूर्ण डिजिटल रिकॉर्ड और सही दस्तावेजों के कोई भी पेंशन प्रकरण आगे नहीं बढ़ सकेगा। वित्त विभाग ने नई गाइडलाइन तय की है।
Pension case clearance process Himachal पेंशन के लंबित मामलों पर सरकार का सख्त आदेश, अब अधूरी जानकारी से नहीं होगा काम

Pension Case Clearance Process Himachal Pradesh: पेंशन मामलों के निपटारे में हो रही निरंतर देरी और दस्तावेजों में पाई जा रही गंभीर खामियों को लेकर प्रदेश सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। हिमाचल प्रदेश  वित्त विभाग ने राज्य के सभी प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि अब अधूरी या गलत ई-सर्विस बुक के आधार पर किसी भी पेंशन केस को महालेखाकार कार्यालय नहीं भेजा जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि पेंशन प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, मानव संपदा पोर्टल पर पेंशन से संबंधित सभी दस्तावेजों को सही और पूर्ण रूप से अपलोड करना अनिवार्य है। वर्तमान में डिजिटल सर्विस बुक में कई महत्वपूर्ण जानकारियों का अभाव देखा जा रहा है। इसमें नियुक्ति तिथि, विभाग का स्पष्ट नाम, पदोन्नति का विवरण, एसीपी लाभ और स्थायी अवशोषण का रिकॉर्ड शामिल नहीं किया जा रहा है। इन जानकारियों के बिना पेंशन मामलों के निस्तारण में बाधा उत्पन्न हो रही है।

इसे भी पढ़ें:  हिमाचल सरकार का बड़ा फैसला: कर्मचारी चयन आयोग निलंबित,लंबित भर्ती प्रक्रियाओं पर अगले आदेश तक रोक

उल्लेखनीय है कि वित्त विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है, तो संबंधित कर्मचारी की पूरी सर्विस बुक की स्पष्ट और पठनीय स्कैन कॉपी पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। स्कैन की गई प्रतियों में स्पष्टता का अभाव होने पर उन्हें स्वीकार नहीं किया जाएगा। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि पोर्टल पर मौजूद डेटा वास्तविक रिकॉर्ड से पूरी तरह मेल खाता हो।

जांच में यह भी पाया गया कि कई मामलों में वेतन सत्यापन प्रमाणपत्र और वर्षवार पे-फिक्सेशन शीट संलग्न नहीं की जाती है। इस लापरवाही के कारण पेंशन की गणना में बार-बार त्रुटियां सामने आ रही हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए सरकार ने निर्देश दिए हैं कि 30 सितंबर 2012 के बाद की सभी पे-फिक्सेशन शीट और ई-चालान की स्पष्ट प्रतियां अपलोड करना अनिवार्य है। इन दस्तावेजों के अभाव में पेंशन आवेदनों को वापस कर दिया जाएगा।

इसे भी पढ़ें:  Explosives Recovered: हिमाचल के 3 युवकों से देहरादून में 125 किलोग्राम विस्फोटक बरामद, गिरफ्तार

पेंशन आवेदन के लिए आवश्यक फॉर्म-7 में भी कई जानकारियां गायब पाई गई हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि फॉर्म-7 में गैर-अर्हकारी सेवा (non-qualifying service) और यदि कोई विभागीय या न्यायिक जांच लंबित है, तो उसका स्पष्ट उल्लेख करना अनिवार्य है। इन तथ्यों को छिपाना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा और इसके लिए संबंधित डीडीओ जिम्मेदार होंगे।

अंतिम रूप से सरकार ने सभी डीडीओ (डिपार्टमेंटल ड्राइंग एंड डिसबर्सिंग ऑफिसर) को निर्देशित किया है कि महालेखाकार को कोई भी केस भेजने से पूर्व सभी दस्तावेजों की स्वयं स्तर पर पूरी जांच करें। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही केस को आगे बढ़ाया जाए ताकि कर्मचारियों को उनकी सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन के लिए अनावश्यक भटकना न पड़े और मामलों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित हो सके।

इसे भी पढ़ें:  आज शाम पांच बजे तक आ जाएगी कांग्रेस प्रत्‍याशियों की पहली सूची
Himachal government updateHimachal Pradesh News TodayHP state newsShimla latest news

Join WhatsApp

Join Now