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सुखविंदर सिंह सुक्खू को हिमाचल का मुख्यमंत्री बना कांग्रेस ने दे दिया क्लियर मैसेज

Published on: 11 December 2022
हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू

प्रजासत्ता ब्यूरो।
हिमाचल प्रदेश में चुनाव जीतने के बाद मुख्यमंत्री की कुर्सी हासिल करने को लेकर कांग्रेस के भीतर तनातनी उस समय थमती नज़र आई जब हाईकमान ने कांग्रेस नेता और चार बार के विधायक सुखविंदर सिंह सुक्खू को मुख्यमंत्री और निवर्तमान विधानसभा में विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री को हिमाचल प्रदेश का डिप्टी सीएम बनाने का ऐलान किया। हालांकि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने भी कुर्सी पर दावा किया था, जिन्हें निराशा हाथ लगी। इसके अलावा उनके पुत्र विक्रमादित्य सिंह को भी दूसरा उपमुख्यमंत्री बनाने की खबरें बड़े जोरों शोर से चलाई गई लेकिन उसका आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ, और उन्हें भी निराशा ही हाथ लगी।

बता दें कि आठ दिसंबर को आए नतीजों के बाद से ही मुख्यमंत्री पद को लेकर कई नाम चर्चा में आ गए थे। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी और मंडी से लोकसभा सांसद प्रतिभा सिंह ने कई बयान देकर इशारा किया था कि वह भी राज्य की मुख्यमंत्री बनने की रेस में हैं, लेकिन कांग्रेस आलाकमान ने उनकी जगह सुक्खू को नया मुख्यमंत्री बनाकर क्लियर मैसेज दे दिया है।

जानकार मानते हैं कि कांग्रेस ने यह साफ कर दिया है कि मुख्यमंत्री उसी को बनाया जाएगा, जिसके पास विधायकों का समर्थन होगा। मालूम हो कि पार्टी के 40 विधायकों में से 25 से ज्यादा का समर्थन सुखविंदर सिंह सुक्खू को हासिल था। दूसरी ओर, वीरभद्र सिंह की विरासत के बावजूद प्रतिभा सिंह को ज्यादा समर्थन नहीं मिला। कांग्रेस आलाकमान ने सुखविंदर को कमान देकर भविष्य में किसी भी तरह के विद्रोह को भी काफी कम कर दिया है। यदि सुक्खू को नजरअंदाज करके प्रतिभा सिंह या किसी और को कमान सौंपी जाती, तो सुक्खू के समर्थक विधायक समय-समय पर पार्टी के लिए परेशानी भी खड़ी कर सकते थे। वहीं, कई ऐसी वजहें हैं, जिसकी वजह से सुखविंदर सुक्खू दिग्गज नेता प्रतिभा सिंह पर भारी पड़ गए और बाजी जीत गए।

उल्लेखनीय है कि बीजेपी हमेशा से ही
कांग्रेस पर परिवारवाद का आरोप लगाती रही है। खुद पीएम मोदी भी गांधी परिवार को सीधे निशाने पर लेकर परिवारवाद के खिलाफ बोलते हैं। इस वजह से यदि हिमाचल में वीरभद्र के बाद उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह या फिर बेटे विक्रमादित्य को कमान सौंप दी जाती, तो बीजेपी को कांग्रेस पर परिवारवाद को लेकर हमला बोलने का एक और मौका मिल जाता। नए मुख्यमंत्री को चुनते समय कांग्रेस आलाकमान के दिगाम में यह बात भी निश्चित आई होगी। मालूम हो कि सालों से परिवारवाद पर हमला बोले जाने की वजह से ही कांग्रेस ने इस बार मल्लिकार्जुन खड़गे के रूप में गैर-गांधी अध्यक्ष भी चुना है। अब हिमाचल में सुक्खू को मुख्यमंत्री बनाकर पार्टी भविष्य में लगने वाले किसी भी परिवारवाद के संभावित आरोपों से भी बच गई है।

इसके अलावा सुखविंदर सिंह सुक्खू को हिमाचल प्रदेश का नया मुख्यमंत्री चुने जाने के पीछे राहुल गांधी का इम्पैक्ट देखा गया है। सुखविंदर सिंह सुक्खू को राहुल गांधी का करीबी माना जाता है। हालांकि, गौर करने वाली बात ये है कि सुखविंदर सिंह सुक्खू इससे पहले तीन बार विधायक रहे। प्रदेश में पार्टी के अध्यक्ष रहे। बावजूद इसके वीरभद्र की किसी सरकार में उन्हें मंत्री नहीं बनाया गया। लेकिन इस बार किस्मत सुक्खू के साथ थी। और मुख्यमंत्री का ताज उन्हीं के सिर सजा।

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