Kullu News: हिमाचल प्रदेश के जिला मुख्यालय स्थित क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में पीलिया के लगातार बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। अस्पताल में अब तक 20 बड़ी उम्र के लोगों और छोटे बच्चों सहित कुल 38 मरीज पीलिया से ग्रसित पाए गए हैं। इन सभी मरीजों का अस्पताल में उपचार चल रहा है। इसके अलावा, प्रतिदिन बड़ी संख्या में पीलिया के लक्षण वाले मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस बीमारी से सबसे अधिक प्रभावित छोटे बच्चे, किशोर और युवा हो रहे हैं। लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने तत्काल हरकत में आते हुए जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है और बीमारी के संभावित कारणों की पड़ताल की जा रही है। अस्पताल प्रशासन ने सोमवार को कुल्लू के पोस्ट ऑफिस और शास्त्री नगर क्षेत्र से पेयजल के पांच नमूने एकत्र किए हैं।

इन नमूनों को परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही संक्रमण के असली कारणों का सटीक पता चल पाएगा। बता दें कि कुल्लू के कई इलाकों से स्थानीय निवासियों द्वारा दूषित पेयजल आपूर्ति की लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद ही पानी के जरिए संक्रमण फैलने की आशंका जताई जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जल शक्ति विभाग को भी पूरी तरह सतर्क कर दिया गया है।
उधर, चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि बरसात के मौसम में अक्सर जल स्रोत दूषित हो जाते हैं, जिससे पीलिया जैसी जलजनित (वाटरबॉर्न) बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विभाग और डॉक्टरों ने आम जनता को पीलिया के प्रमुख लक्षणों के प्रति सतर्क किया है। विशेषज्ञों के अनुसार, आंखों और त्वचा का रंग पीला पड़ना, भूख कम लगना, शरीर में अत्यधिक कमजोरी महसूस होना, बुखार आना, उल्टी होना, पेट में दर्द और गहरे रंग का पेशाब आना पीलिया के मुख्य लक्षण हैं। यदि किसी व्यक्ति में ये लक्षण दिखाई दें, तो उन्हें बिना किसी देरी के तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए।
स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से विशेष सावधानियां बरतने की अपील की है। विभाग ने लोगों को केवल उबला हुआ या पूरी तरह स्वच्छ पानी पीने, साफ एवं ताजा भोजन करने, हाथों की स्वच्छता बनाए रखने और खुले में बिकने वाले खाद्य व पेय पदार्थों से बचने की सलाह दी है। इसके साथ ही अभिभावकों से विशेष आग्रह किया गया है कि यदि बच्चों में पीलिया का कोई भी लक्षण दिखाई दे, तो तुरंत उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाएं।
मामले की पुष्टि करते हुए क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू के सीएमओ डॉ. रंजीत ठाकुर ने बताया कि अस्पताल में लगभग 38 मरीज पीलिया से ग्रसित पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति को देखते हुए सोमवार को पेयजल के पांच सैंपल लिए गए हैं और जल शक्ति विभाग के साथ पत्राचार भी किया गया है। सैंपल की लैब रिपोर्ट आने के बाद ही बीमारी फैलने की सही वजह स्पष्ट हो पाएगी।
वहीं दूसरी ओर, कुल्लू में लगातार बढ़ रहे मामलों के बीच जल शक्ति विभाग ने भी पेयजल की गुणवत्ता की गहन जांच शुरू कर दी है। स्थानीय स्तर पर की जा रही जांच के अलावा, विभाग ने विभिन्न प्रभावित स्थानों से पेयजल के चार नमूने एकत्र किए हैं। इन नमूनों को विस्तृत और गहन परीक्षण के लिए कूरियर के माध्यम से पुणे स्थित राष्ट्रीय प्रयोगशाला भेजा जाएगा। पुणे से आने वाली विस्तृत रिपोर्ट से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पेयजल में संक्रमण किस कारण और किस स्तर पर फैल रहा है।


















