Prajasatta Side Scroll Menu
IEC University Bahra University - Shimla Hills

Vimal Negi Death Case: CBI चार्जशीट में दस्तावेजों की हेरफेर और गहरी साजिश का पर्दाफाश

CBI Chargesheet Pekhubela Solar Power Project Scam: HPPCL के मुख्य अभियंता विमल नेगी की मौत के मामले में CBI ने चार्जशीट दाखिल कर दी है, जिसमें करोड़ों रुपये के घोटाले और गंभीर आपराधिक साजिश का पर्दाफाश किया गया है।
Vimal Negi Death Case: Vimal Negi Case Bilaspur News: विमल नेगी की रहस्यमयी मौत मामले में CBI की छापेमारी

Vimal Negi Death Case: हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के मुख्य अभियंता विमल नेगी की मौत की जांच में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अदालत के समक्ष एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। जांच एजेंसी द्वारा मामले को लेकर दाखिल की गई चार्जशीट में कथित दस्तावेजों में बड़े पैमाने पर हेरफेर, वित्तीय अनियमितता और एक गहरी आपराधिक साजिश रचने के गंभीर पहलू शामिल किए गए हैं। इस खुलासे के बाद से प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।

दरअसल, सीबीआई की चार्जशीट में दावा किया गया है कि पेखूबेला सौर ऊर्जा परियोजना में अधूरे कार्य को जानबूझकर पूरा दर्शाने और ठेकेदार के पक्ष में भुगतान करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर योजनाबद्ध तरीके से निर्णय लिए गए थे। जांच एजेंसी के अनुसार, इस परियोजना में जो वास्तविक जमीनी प्रगति थी और जो आधिकारिक रिकॉर्ड तैयार किए गए थे, उनके बीच बहुत बड़ा अंतर मौजूद था। इसके बावजूद, नियमों को ताक पर रखकर परियोजना का कंपलीशन सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया।

Kullu Dussehra 2026 Celebration

जांच एजेंसी का सीधा आरोप है कि इस प्रमाण पत्र को बैकडेट से लागू दिखाया गया था। ऐसा इसलिए किया गया ताकि परियोजना की वास्तविक स्थिति को कागजों में जमीनी हकीकत से पूरी तरह अलग और मुकम्मल दिखाया जा सके। सीबीआई की जांच में यह भी सामने आया है कि पेखूबेला सौर ऊर्जा परियोजना में संबंधित ठेकेदार को लगभग 13 करोड़ रुपये का अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए विभाग के बेहद वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा स्थापित नियमों को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया था।

चार्जशीट के मुताबिक, इस पूरी धांधली और वरिष्ठ अधिकारियों के रवैये के कारण मुख्य अभियंता विमल नेगी पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। इस भारी और निरंतर दबाव के चलते वह मानसिक रूप से बेहद परेशान हो गए थे। जांच में यह सनसनीखेज बात भी सामने आई है कि जिन अधिकारियों ने इस गलत भुगतान और नियम विरुद्ध कंपलीशन सर्टिफिकेट को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराई थीं, उन्हें पूरी निर्णय प्रक्रिया से ही पूरी तरह अलग कर दिया गया।

इतना ही नहीं, पूरी साजिश को अंजाम देने के लिए परियोजना की निगरानी की जिम्मेदारियां तक रातों-रात बदल दी गईं। इस दौरान उन अधिकारियों पर लगातार अनुचित दबाव बनाया गया, जो नियमों के अनुरूप कार्रवाई करने की वकालत कर रहे थे और गलत निर्णयों का विरोध कर रहे थे। सीबीआई ने अदालत को स्पष्ट रूप से बताया है कि वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा अपने अधीनस्थ कर्मचारियों और अधिकारियों से अपने अनुकूल टिप्पणियां और प्रस्ताव तैयार कराने का पुरजोर प्रयास किया गया था।

केंद्रीय जांच एजेंसी का मानना है कि यह पूरा घटनाक्रम केवल प्रशासनिक निर्णयों में चूक या लापरवाही का सामान्य मामला नहीं है, बल्कि यह एक सुनियोजित आपराधिक साजिश का हिस्सा था। इस साजिश का एकमात्र मुख्य उद्देश्य हर हाल में ठेकेदार के पक्ष में वित्तीय निर्णय सुनिश्चित करना था। जांच एजेंसी के अनुसार, परियोजना से जुड़े दस्तावेजों, बैठकों के आधिकारिक रिकॉर्ड और संबंधित अधिकारियों के बयानों से यह साफ संकेत मिलता है कि नियमों को दरकिनार कर आधिकारिक रिकॉर्ड को अपने फायदे के अनुरूप ढालने की कोशिश की गई।

इसी पूरे विवादित घटनाक्रम और बढ़ते मानसिक दबाव के केंद्र में रहे मुख्य अभियंता विमल नेगी की भूमिका भी इस समय सीबीआई की जांच का एक बेहद अहम हिस्सा बनी हुई है। सीबीआई ने चार्जशीट में साफ तौर पर बताया है कि इस पूरे मामले में पद के दुरुपयोग, सरकारी दस्तावेजों में जानबूझकर की गई गड़बड़ी और आपराधिक साजिश के ठोस सबूत स्पष्ट रूप से सामने आए हैं। इन सभी पुख्ता सबूतों के आधार पर अब इस मामले की न्यायिक जांच अदालत में आगे बढ़ेगी।

CBI InvestigationHimachal NewsPekhubela ProjectVimal Negi caseVimal Negi Death Case

Join WhatsApp

Join Now
error: Content is protected !!