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Kullu News: नशे के खिलाफ जागेगा कुल्लू, 25 जून को मौहल में लगेगा विशेष जागरूकता शिविर

Nasha Mukt Bharat Abhiyan: कुल्लू के मोहल में 25 जून 2026 को मादक पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बढ़ते सिंथेटिक ड्रग्स के मामलों पर विस्तृत चर्चा होगी।
Published on: 24 June 2026
Kullu News: नशे के खिलाफ जागेगा कुल्लू, 25 जून को मौहल में लगेगा विशेष जागरूकता शिविर

परस राम भारती | कुल्लू
Kullu News: भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सहयोग से संचालित समेकित नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र (पुरुष) मौहल कुल्लू का संचालन गुंजन संगठन द्वारा किया जा रहा है। यह केंद्र जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए), कुल्लू के संयुक्त तत्वावधान में 25 जून 2026 को मोहल, कुल्लू में “मादक पदार्थों के दुरुपयोग के विरुद्ध विशेष जागरूकता एवं संवेदनशीलता शिविर” आयोजित करेगा।

यह कार्यक्रम नशा मुक्त भारत अभियान (एनएमबीए) जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है।इस शिविर का मुख्य उद्देश्य समाज में बढ़ती नशे की समस्या के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना, उपचार एवं पुनर्वास संबंधी सेवाओं की जानकारी लोगों तक पहुँचाना तथा नशे की रोकथाम के लिए सामुदायिक सहभागिता को सुदृढ़ बनाना है।

कार्यक्रम में स्थानीय ग्रामीणों, प्रभावित परिवारों की महिलाओं, युवाओं, स्वयं सहायता समूहों, महिला मंडलों, सामुदायिक आधारित संगठनों, स्थानीय दुकानदारों तथा जराड़-भुट्टी एवं मोहल पंचायतों के पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों सहित लगभग 40 प्रतिभागियों के भाग लेने की संभावना है।

कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कुल्लू के अधिवक्ता डी.आर. भारद्वाज, जिला कल्याण अधिकारी, कुल्लू, डॉ. सत्यव्रत वैद्य, थाना प्रभारी भुंतर, डॉ. मोहिंदर हरियान, जराड़-भुट्टी एवं मोहल पंचायतों के प्रधान एवं वार्ड सदस्य तथा स्वयं सहायता समूहों एवं महिला मंडलों के सदस्य सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहेंगे।

वे प्रतिभागियों को नशे के दुष्प्रभावों, कानूनी प्रावधानों, उपलब्ध सहायता तंत्र तथा उपचार एवं पुनर्वास की प्रक्रियाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी एवं मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।

शिविर के दौरान मादक पदार्थों के दुरुपयोग का व्यक्तियों, परिवारों एवं समाज पर पड़ने वाले प्रभाव, नशा रोकथाम की रणनीतियाँ, उपचार, परामर्श, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन की प्रक्रियाएँ तथा अभिभावकों एवं समुदाय की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। साथ ही प्रतिभागियों को “से नो टू ड्रग्स” (नशे को ना कहें) की शपथ भी दिलाई जाएगी।

आईआरसीए कुल्लू के परियोजना समन्वयक संदीप मिन्हास ने बताया कि 17 जून से 26 जून 2026 तक नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत आईआरसीए (पुरुष), मोहल, कुल्लू द्वारा जागरूकता शिविर, रचनात्मक कला कार्यशालाएँ तथा युवाओं एवं प्रभावित परिवारों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास नशे के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ उपचार एवं पुनर्वास की आवश्यकता वाले व्यक्तियों को सेवाओं से जोड़ने तथा समाज में व्याप्त कलंक को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक सुंदरता एवं समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध कुल्लू जिला भी नशे की बढ़ती चुनौती से अछूता नहीं रहा है। पारंपरिक रूप से भांग एवं चरस के लिए पहचाने जाने वाले क्षेत्रों में अब सिंथेटिक नशीले पदार्थों, विशेषकर “चिट्टा” (हेरोइन) का बढ़ता प्रचलन गंभीर चिंता का विषय बन गया है।

हिमाचल प्रदेश पुलिस के अनुसार वर्ष 2023 में राज्य में एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत 2,147 मामले दर्ज किए गए, जो वर्ष 2022 की तुलना में लगभग 42 प्रतिशत अधिक हैं।

उपलब्ध सरकारी आँकड़ों के अनुसार हिमाचल प्रदेश की जेलों में बंद प्रत्येक दस कैदियों में से लगभग चार कैदी एनडीपीएस अधिनियम से संबंधित मामलों में बंद हैं। वर्ष 2022 में राज्य की जेलों में बंद 2,909 कैदियों में से 1,189 कैदी (40.8 प्रतिशत) नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में बंद थे, जबकि वर्ष 2023 में यह संख्या बढ़कर 1,205 हो गई, जिनमें 930 विचाराधीन तथा 275 दोषसिद्ध कैदी शामिल थे।

संदीप मिन्हास ने कहा कि यह केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं है, बल्कि एक गंभीर सामाजिक एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती है, जिसका प्रभाव परिवारों, महिलाओं, बच्चों तथा युवाओं पर पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि नशे की रोकथाम के लिए पुलिस की कार्रवाई के साथ-साथ परिवारों, पंचायतों, शैक्षणिक संस्थानों, स्वयं सहायता समूहों, नागरिक समाज संगठनों तथा उपचार एवं पुनर्वास संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी भी अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि समय पर पहचान, उचित परामर्श, उपचार तथा पुनर्वास के माध्यम से अनेक लोगों का जीवन बचाया जा सकता है।

उन्होंने समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे नशे के विरुद्ध इस सामूहिक जन-अभियान का हिस्सा बनें तथा उपचार एवं पुनर्वास की आवश्यकता वाले व्यक्तियों एवं परिवारों को आगे आने के लिए प्रोत्साहित करें।

26 जून 2026 को नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत “मादक द्रव्यों के सेवन एवं अवैध तस्करी के विरुद्ध अंतरराष्ट्रीय दिवस” भी मनाया जाएगा, जिसके माध्यम से नशामुक्त, स्वस्थ एवं सुरक्षित समाज के निर्माण का संदेश दिया जाएगा।

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