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‘2 महीने तक रखा डिजिटल अरेस्ट’, ED और क्राइम ब्रांच का खौफ दिखाकर मंडी के रिटायर्ड बुजुर्ग अफसर से ₹1.14 करोड़ की ठगी

Mandi Cyber Fraud News: केंद्रीय जांच एजेंसियों का फर्जी अधिकारी बनकर साइबर ठगों ने सेवानिवृत्त अधिकारी को दो महीने तक डराया और किस्तों में हड़प ली करोड़ों की बड़ी रकम। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
Published on: 1 July 2026
Digital Arrest Fraud Digital Arrest: डिजिटल अरेस्ट कर रिटायर्ड फौजी से 98 लाख लूटे, फर्जी कोर्ट हियरिंग तक करवाई!

Digital Arrest Fraud: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले से साइबर अपराध का एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां साइबर ठगों ने ईडी, क्राइम ब्रांच और अन्य केंद्रीय जांच एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी बनकर एक सेवानिवृत्त अधिकारी को अपना शिकार बनाया है। ठगों ने पीड़ित को ‘डिजिटल अरेस्ट’ का भय दिखाकर उनसे कुल 1.14 करोड़ रुपये की मोटी रकम ठग ली। इस वारदात के बाद से इलाके में हड़कंप मच गया है और पुलिस प्रशासन भी सतर्क हो गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने पीड़ित सेवानिवृत्त अधिकारी को करीब दो महीने तक लगातार मानसिक दबाव में रखा। ठगों ने उन्हें गिरफ्तारी और सख्त कानूनी कार्रवाई का डर दिखाया। इस डर के कारण पीड़ित मानसिक रूप से इतना टूट गया कि उसने आरोपियों के बताए गए विभिन्न बैंक खातों में अलग-अलग किस्तों में कुल 1.14 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए।

शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि ठगों ने उनसे वीडियो और फोन कॉल के माध्यम से संपर्क किया था। बातचीत के दौरान आरोपियों ने खुद को केंद्रीय जांच एजेंसियों का बड़ा अधिकारी बताया। ठगों ने यह झूठा दावा किया कि एक गंभीर आर्थिक अपराध की जांच चल रही है और उस जांच में सेवानिवृत्त अधिकारी का नाम भी सामने आया है।

ठगों ने पीड़ित को विश्वास में लेने के लिए कहा कि जब तक इस मामले की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक उनकी धनराशि को सत्यापन और सुरक्षा के लिए एक सरकारी निगरानी खाते में जमा कराना होगा। उन्होंने पीड़ित को यह भरोसा भी दिलाया कि जांच पूरी होने के बाद उनकी पूरी रकम उन्हें वापस कर दी जाएगी। कानूनी कार्रवाई के डर और भ्रम में आकर सेवानिवृत्त अधिकारी आरोपियों के झांसे में आ गए।

पीड़ित अधिकारी ने डर के मारे 3 नवंबर 2025 से 2 जनवरी 2026 के बीच कई ऑनलाइन ट्रांजेक्शन किए। उन्होंने अलग-अलग बार में 5 लाख रुपये से लेकर 28 लाख रुपये तक की रकम ठगों के खातों में ट्रांसफर की। इस समयावधि के दौरान कुल 1.14 करोड़ रुपये विभिन्न बैंक खातों में भेज दिए गए। जब काफी समय बीतने के बाद भी रकम वापस नहीं मिली और कथित अधिकारियों के फोन नंबर बंद आने लगे, तब पीड़ित को अपने साथ हुई इस बड़ी ठगी का अहसास हुआ।

पीड़ित की शिकायत मिलने के बाद साइबर क्राइम पुलिस थाना मंडी ने इस मामले में तत्परता दिखाई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 319(2) और आईटी अधिनियम की धारा 66डी के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस की विशेष टीमें अब इन बैंक खातों और कॉल रिकॉर्ड्स के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुट गई हैं।

हिमाचल पुलिस ने इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए लोगों से अपील की है कि “डिजिटल अरेस्ट या किसी भी जांच एजेंसी के नाम पर आने वाले ऐसे फर्जी कॉल से बिल्कुल न घबराएं। कोई भी सरकारी एजेंसी फोन पर इस तरह की कार्रवाई नहीं करती है। किसी भी अनजान खाते में अपनी गाढ़ी कमाई का पैसा ट्रांसफर न करें। यदि ऐसी कोई संदिग्ध गतिविधि दिखती है, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या अपने निकटतम साइबर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं।”

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