Lawrence School Sanawar Founders Day: हिमाचल प्रदेश के कसौली स्थित प्रतिष्ठित द लॉरेंस स्कूल सनावर में 179वें स्थापना दिवस समारोह का सोमवार, 5 अक्टूबर को भव्य समापन हुआ। इस तीन दिवसीय ऐतिहासिक अवसर पर भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने ओजस्वी संबोधन में नौसेना प्रमुख ने छात्रों से जीवन में अनुशासन, स्पष्ट उद्देश्य, सत्यनिष्ठा और दृढ़ता के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
उन्होंने संस्था के ऐतिहासिक आदर्श वाक्य “नेवर गिव इन” का स्मरण कराते हुए कहा कि जीवन में विपरीत परिस्थितियों के बावजूद कभी हार नहीं माननी चाहिए। अपने संबोधन के दौरान एडमिरल स्वामीनाथन ने अपने बचपन के दिनों को याद किया। उन्होंने बताया कि 10 वर्ष की आयु में एक आवासीय सैन्य स्कूल में प्रवेश लेने के उनके व्यक्तिगत अनुभव ने उन्हें जीवन भर काम आने वाले मूल्य सिखाए।
उन्होंने कहा कि बोर्डिंग स्कूल केवल किताबी ज्ञान नहीं देते, बल्कि शिक्षा, खेलकूद, हॉस्टल जीवन और शिक्षकों व वरिष्ठों के साथ संवाद के माध्यम से मजबूत व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं। इस दौरान उन्होंने सनावर के पूर्व छात्र और 1971 के युद्ध के परमवीर चक्र विजेता सेकेंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल के अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि 1971 के बसंतर के युद्ध में जब उन्होंने असाधारण साहस का परिचय दिया था, तब वे केवल 21 वर्ष के थे। उनकी कहानी हमें याद दिलाती है कि एक कठिन क्षण का सामना करने पर बहुत छोटी उम्र में भी कोई अत्यधिक साहसी काम कर सकता है।
नौसेना प्रमुख ने स्कूल के शिक्षकों, कर्मचारियों और अभिभावकों की सराहना करते हुए कहा कि एक बच्चे को बेहतर इंसान बनाने में पूरे समुदाय की भूमिका होती है। स्कूल की समृद्ध विरासत और यहाँ से निकले सितारों का उल्लेख करते हुए नौसेना प्रमुख ने ‘ओल्ड सनावेरियंस’ के योगदान की जमकर तारीफ की।
उन्होंने कहा कि पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल विष्णु भागवत, प्रसिद्ध व्यवसायी नेस वाडिया, ओलंपियन मानवजीत सिंह संधू और अभिनेता सैफ अली खान जैसे दिग्गजों ने इसी प्रांगण से अपनी यात्रा शुरू की थी। उन्होंने कहा कि भले ही इन हस्तियों की राहें और क्षेत्र अलग रहे हों, लेकिन उनकी सोच और संस्कार की शुरुआत सनावर ही रही है।
भाषण के दौरान एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने चंद्रयान मिशन का उदाहरण देते हुए छात्रों में कभी हार न मानने का जज्बा भरा। उन्होंने कहा कि सितंबर 2019 में जब चंद्रयान-2 चंद्रमा की सतह से कुछ ही मिनट दूर था और संपर्क टूट गया था, तब वैज्ञानिकों ने निराश होकर कदम पीछे नहीं खींचे। उन्होंने विफलता को अंतिम शब्द मानने के बजाय उससे सीख ली और उसी दृढ़ता के बल पर अगस्त 2023 में चंद्रयान-3 ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर तिरंगा फहराकर भारत को विश्व का पहला देश बना दिया।
नौसेना प्रमुख ने कहा कि असली दृढ़ता यही है कि जब जीवन में कोई चुनौती या असफलता आए, तो उसे अंत न मानकर आगे बढ़ने की सीख समझें। कसौली की खूबसूरत वादियों में आयोजित इस समारोह में नौसेना प्रमुख ने छात्रों को जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए अनुशासन, दृढ़ता, स्पष्ट उद्देश्य, सही राह चुनने और कृतज्ञता के पांच मूलमंत्र दिए। अंत में उन्होंने 42 देशों में फैले ‘ओल्ड सनावेरियन सोसाइटी’ के मजबूत नेटवर्क की सराहना की और छात्रों, शिक्षकों व अभिभावकों को बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
स्थापना दिवस समारोह के अंतिम दिन का मुख्य आकर्षण पारंपरिक ‘ट्रूपिंग ऑफ द स्कूल कलर्स’ और भव्य मार्च पास्ट रहा। स्कूल बैंड की देशभक्ति धुन पर 1956, 1961, 1966, 1971, 1976, 1996 और 2001 के जुबली बैच के पूर्व छात्रों ने कदम से कदम मिलाकर मार्च पास्ट में भाग लिया। अनुशासन और परंपरा का यह दृश्य उपस्थित जनसमूह के लिए अत्यंत प्रेरणादायी था।
समारोह में उत्कृष्ट सेवा देने वाले पूर्व छात्रों को सम्मानित किया गया। दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और नेपाल की शाही सेना के पूर्व प्रमुख व ब्रिटेन में नेपाल के पूर्व राजदूत जनरल गौरव समशेर जंग बहादुर राणा को प्रतिष्ठित ‘डिस्टिंगविश्ड ओल्ड सनावरियन अवॉर्ड’ से नवाजा गया। वहीं, प्रसिद्ध मानवाधिकार वकील माजा दारूवाला को ‘लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड’ प्रदान किया गया।
इसके साथ ही प्रतिभावान विद्यार्थियों को उनकी अकादमिक और सह-पाठ्यचर्या गतिविधियों के लिए प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किए गए। छात्रा इनाया कुमार (HGD) को बेस्ट कैडेट के लिए ‘चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ ट्रॉफी’, राउंड स्क्वायर गतिविधियों के लिए ‘किंग कॉन्सटेंटाइन मेडल’, ‘सोम दत्त ट्रॉफी फॉर एक्सीलेंस’ और हेड गर्ल का ‘होनोरिया लॉरेंस प्राइज’ दिया गया। छात्र रणराज सिंह चौधरी (VBD) को ‘चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ ट्रॉफी’ और हेड बॉय का ‘हेनरी लॉरेंस प्राइज’ प्राप्त हुआ।
अकादमिक क्षेत्र में 12वीं बोर्ड परीक्षा में पहला स्थान हासिल करने के लिए विराज गुप्ता (VBD) को ‘यशपाल चौधरी स्वर्ण पदक’ और ‘दिवंगत कैप्टन जबर सिंह नकद पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। विराज को विज्ञान संकाय में शीर्ष स्थान के लिए ‘नेली लोवेल स्वर्ण पदक’ भी मिला। इसके अलावा रक्षित बंसल (SBD) ने वाणिज्य संकाय और डविना धलीवाल (NGD) ने मानविकी संकाय में शीर्ष स्थान प्राप्त किया।
गौरतलब है कि 15 अप्रैल 1847 को सर हेनरी लॉरेंस और लेडी होनोरिया लॉरेंस द्वारा स्थापित यह आवासीय विद्यालय अपने 179 वर्षों के गौरवशाली इतिहास को संजोए हुए है। तीन दिवसीय इस वार्षिक उत्सव में खेलकूद, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और वार्षिक एथलेटिक मीट का आयोजन हुआ, जिसमें लगभग 700 छात्रों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया।


















