Google News Preferred Source
साइड स्क्रोल मेनू

दिल्ली में पहली बार AAP का मेयर, जानिए कौन हैं शैली ओबेरॉय?

[ad_1]

Delhi Mayor Election: दिल्ली एमसीडी मेयर के लिए वोटिंग खत्म हो गई है। दिल्ली में पहली बार आम आदमी पार्टी ने मेयर पद पर जीत हासिल की है। आप पार्षद शैली ओबरॉय ने मेयर पद का चुनाव जीता। शैली ओबरॉय को 150 और भाजपा की रेखा गुप्ता 116 वोट मिले हैं। वहीं, 9 कांग्रेस पार्षदों ने चुनाव का बहिष्कार कर दिया।

मेयर के लिए AAP की शैली ओबेरॉय और BJP की रेखा गुप्ता के बीच मुकाबला था। तीसरी कैंडिडेट के तौर पर AAP की आशु ठाकुर भी मैदान में थीं। दिल्ली में MCD चुनाव 4 दिसंबर को हुए थे, जबकि इनका रिजल्ट 8 दिसंबर को आया था। चुनाव में 15 साल बाद भाजपा को MCD में बहुमत नहीं मिला। AAP ने 15 साल से एमसीडी की जड़ों में जमी बीजेपी को उखाड़ दिया है।

इसे भी पढ़ें:  बेरोजगारी और महंगाई को लेकर आर-पार के मूड में कांग्रेस, ‘भारत जोड़ो यात्रा’ को लेकर लॉन्च की वेबसाइट

कौन हैं दिल्ली की मेयर शैली ओबेरॉय?

शैली ओबेरॉय दिल्ली की पटेल नगर विधानसभा में आने वाले वॉर्ड नंबर 86 से पार्षद चुनी गई हैं। पीएचडी कर चुकीं शैली ओबेरॉय पेशे से प्रोफेसर हुआ करती थीं। शैली ओबेरॉय ने 27 अप्रैल को ट्वीट की थी। उन्होंने कैप्शन लिखा कि इग्नू में आयोजित 35वें दीक्षांत समारोह में उन्हें PhD की डिग्री मिली। शैली ओबेरॉय  2013 में एक कार्यकर्ता के रूप में आप में शामिल हुईं और 2020 तक पार्टी की महिला मोर्चा की उपाध्यक्ष रहीं।

शैली ओबेरॉय के पिता का नाम सतीश कुमार ओबराय है। शैली दो बहन और एक भाई है, बहन का नाम मिली खन्ना और भाई का नाम तुषार ओबराय है। उनकी पढ़ाई लिखाई दिल्ली और हिमाचल से हुई है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के जानकी देवी कॉलेज से बीकॉम तो हिमाचल विश्वविद्यालय से एमकॉम किया है।

इसे भी पढ़ें:  ताजा झटके से कांपा तुर्की, कहारनमारास में 7.6 तीव्रता का आया भूंकप

[ad_2]

Source link

YouTube video player
संस्थापक, प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया प्रजासत्ता पाठकों और शुभचिंतको के स्वैच्छिक सहयोग से हर उस मुद्दे को बिना पक्षपात के उठाने की कोशिश करता है, जो बेहद महत्वपूर्ण हैं और जिन्हें मुख्यधारा की मीडिया नज़रंदाज़ करती रही है। पिछलें 9 वर्षों से प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया संस्थान ने लोगों के बीच में अपनी अलग छाप बनाने का काम किया है।

Join WhatsApp

Join Now

प्रजासत्ता के 10 साल