नई दिल्ली: एयर इंडिया की उड़ान पर अनियंत्रित व्यवहार और धूम्रपान करने के आरोप में एक व्यक्ति को मुंबई की एक अदालत ने जमानत के लिए 25,000 रुपये देने से इनकार करने के बाद जेल भेज दिया। आरोपी ने कहा कि जिस आईपीसी की धारा के तहत जुर्माने लगाया गया है उसका जुर्माना इतना नहीं है।
आरोपी ने अदालत को बताया कि उसने ऑनलाइन पढ़ा था कि आईपीसी की धारा 336 के तहत देय जुर्माना 250 रुपये है, जिसे वह देने को तैयार है, लेकिन जमानत राशि नहीं। इसके बाद अंधेरी मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने सोमवार को उन्हें जेल भेज दिया।
एक अदालत ने आरोपी रत्नाकर द्विवेदी को नकद जमानत दे दी है, लेकिन उसने राशि देने से इनकार कर दिया और सोमवार को अदालत से कहा कि वह जेल जाने के लिए तैयार है। बता दें कि 10 मार्च को एयर इंडिया की लंदन-मुंबई उड़ान के शौचालय में कथित रूप से धूम्रपान करते हुए और अनियंत्रित व्यवहार करते पकड़े जाने के बाद उन पर भारतीय दंड संहिता की धारा 336 (दूसरों की जान या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने का कार्य) के तहत आरोप लगाया गया था।
एयर इंडिया ने कहा था कि एक यात्री को विमान के शौचालय में धूम्रपान करते हुए पाया गया था और उसने बार-बार चेतावनी देने के बावजूद अनियंत्रित और आक्रामक तरीके से व्यवहार किया।





















