India New Zealand Deal: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की न्यूजीलैंड यात्रा के दौरान भारत और न्यूजीलैंड ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को एक नए स्तर पर पहुंचाते हुए इन्हें ‘स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ का दर्जा दे दिया है। इस ऐतिहासिक दौरे में दोनों देशों ने वर्ष 2030 तक विभिन्न क्षेत्रों में आपसी सहयोग को मजबूती प्रदान करने के लिए एक साझा रोडमैप पर सहमति जताई है। इस रणनीतिक कदम के तहत दोनों पक्षों ने कुल 10 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।
इन समझौतों का मुख्य उद्देश्य भारत और न्यूजीलैंड के बीच आर्थिक विकास, रणनीतिक रक्षा सहयोग और लोगों के बीच आपसी संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ बनाना है। हस्ताक्षरित समझौतों के तहत ट्रेड, डिफेंस, मैरीटाइम सेल्फ डिफेंस, एग्रीकल्चर, एजुकेशन, रिसर्च, कल्चर, खेल और क्लीन एनर्जी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को शामिल किया गया है। दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व ने इस साझा विजन को धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्धता जताई है।

रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाते हुए जारी किए गए वर्ष 2030 के साझा रोडमैप में मुख्य रूप से व्यापार, रक्षा, कृषि, नवाचार और पर्यटन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है। दोनों देशों का मानना है कि इन क्षेत्रों में मिलकर काम करने से न सिर्फ द्विपक्षीय व्यापार बढ़ेगा, बल्कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता और विकास की नई राहें भी खुलेंगी।
व्यापार और कृषि के क्षेत्र में दोनों देशों ने एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है. भारत और न्यूजीलैंड ने वर्ष 2030 तक अपने द्विपक्षीय व्यापार को 7 अरब न्यूजीलैंड डॉलर, जो भारतीय मुद्रा में करीब 35,000 करोड़ रुपये होता है, तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को आगे बढ़ाने पर भी सहमति बनी है। कृषि क्षेत्र के अंतर्गत कीवी फल का उत्पादन बढ़ाने के लिए ‘कीवी फ्रूट एक्शन प्लान’ की शुरुआत की गई है।
रक्षा क्षेत्र में भी दोनों देशों ने कदम आगे बढ़ाए हैं. समुद्री सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारतीय नौसेना और न्यूजीलैंड की नौसेना के बीच लॉजिस्टिक सहयोग को मंजूरी दी गई है। इसके अतिरिक्त, दोनों देशों की सेनाओं के बीच समुद्री सहयोग बढ़ाने के लिए भी समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं। दोनों राष्ट्र इंडो-पैसिफिक रीजन में मैरीटाइम डिफेंस को मजबूत करने के लिए एक साथ मिलकर अपनी गतिविधियां संचालित करेंगे।
आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में भारत के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और न्यूजीलैंड की डिजास्टर मैनेजमेंट एजेंसी ने एक महत्वपूर्ण समझौता किया है। इसके तहत दोनों देश मिलकर भूकंप और सुनामी जैसी गंभीर प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए तकनीक और रणनीतियों का आदान-प्रदान करेंगे। खेल के क्षेत्र में उच्च स्तरीय ट्रेनिंग प्रदान करने के लिए भी दोनों देशों ने सहमति व्यक्त की है। इसके साथ ही, न्यूजीलैंड भारत के गुजरात के लोथल में स्थित राष्ट्रीय समुद्री धरोहर परिसर के विकास में भी महत्वपूर्ण सहयोग करेगा।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए 10 प्रमुख एग्रीमेंट
| समझौता | क्या तय हुआ | |
|---|---|---|
| 1 | स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप और वर्ष 2030 का साझा रोडमैप | दोनों देशों ने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया और वर्ष 2030 तक सहयोग बढ़ाने के लिए रोडमैप अपनाया. |
| 2 | वर्ष 2030 तक ट्रेड लक्ष्य | द्विपक्षीय व्यापार को वर्ष 2030 तक 7 अरब न्यूजीलैंड डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया. |
| 3 | फ्री ट्रेड एग्रीमेंट | मुक्त व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने और आर्थिक सहयोग मजबूत करने पर सहमति बनी. |
| 4 | कीवी फ्रूट एक्शन प्लान | नागालैंड और उत्तराखंड में कीवी उत्पादन के लिए दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने का फैसला हुआ. |
| 5 | डिफेंस और समुद्री सहयोग | रक्षा सहयोग बढ़ाने और समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में मिलकर काम करने पर समझौता हुआ. |
| 6 | नौसेना लॉजिस्टिक सहयोग | भारतीय नौसेना और न्यूजीलैंड नौसेना के बीच लॉजिस्टिक सपोर्ट और सहयोग पर सहमति बनी. |
| 7 | मैरीटाइम सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी सहयोग | मैरीटाइम सिक्योरिटी डायलॉग शुरू करने और आतंकवाद विरोधी ज्वाइंट वर्किंग ग्रुप बनाने का फैसला लिया गया. |
| 8 | डिजास्टर मैनेजमेंट | भूकंप और सुनामी जैसी आपदाओं से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर हुए. |
| 9 | कल्चर, पर्यटन और खेल | सांस्कृतिक आदान प्रदान, पर्यटन को बढ़ावा और खेलों में सहयोग के लिए संयुक्त कार्य योजना बनाई गई. |
| 10 | एजुकेशन, रिसर्च और स्वच्छ ऊर्जा | शिक्षा, अंटार्कटिका रिसर्च, छात्र आदान प्रदान और ग्लोबल बायोफ्यूल अलायंस में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी. |


















