National News: भ्रष्टाचार निरोधक संस्था लोकपाल ने गुरुवार को सात लग्जरी बीएमडब्ल्यू कारों की खरीद के लिए जारी टेंडर को रद्द कर दिया है। यह टेंडर इसलिए चर्चा में था क्योंकि इससे सरकारी कोष पर लगभग 5 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा था। लोकपाल के लिए जारी इस टेंडर पर पहले दिन से ही यह सवाल उठने लगे थे कि आखिर भ्रष्टाचार रोकने के लिए बनी संस्था को इतनी महंगी व आलीशान कारों की जरूरत क्यों है।
उल्लेखनीय है कि लोकपाल की पूर्ण पीठ द्वारा इस खरीद को रद्द करने का निर्णय लिया गया है। बता दें कि लोकपाल ने 16 अक्टूबर, 2025 को एक प्रस्ताव अनुरोध जारी कर सात BMW 3 सीरीज 330एलआई एम स्पोर्ट्स मॉडल कारों की आपूर्ति के लिए निविदा मांगी थी। इनमें लंबी पहिएदारी (लॉन्ग व्हीलबेस) वाली सफेद रंग की कारें शामिल थीं। इस प्रस्ताव पर सिविल सोसायटी और विपक्षी राजनीतिक दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी।
अध्यक्ष सहित सदस्यों के लिए थीं कारें
लोकपाल ने यह टेंडर अपने अध्यक्ष तथा छह अन्य सदस्यों के लिए जारी किया था। संस्था के वर्तमान अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) एएम खानविलकर हैं। लोकपाल में एक अध्यक्ष के अतिरिक्त अधिकतम आठ सदस्य हो सकते हैं, जिनमें चार न्यायिक और चार गैर-न्यायिक सदस्य शामिल हैं।
इस मामले पर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने लोकपाल को ‘शौक पाल’ तक कह डाला था। वहीं, नीति आयोग के पूर्व सीईओ अमिताभ कांत ने सुझाव दिया था कि लोकपाल को इस टेंडर को रद्द कर देश में निर्मित इलेक्ट्रिक वाहनों को वरीयता देनी चाहिए। इन सभी आलोचनाओं और सवालों के बीच लोकपाल द्वारा टेंडर रद्द करने का यह कदम उठाया गया है।













