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College Student Death Case: “सजा भुगतने को तैयार हूं अगर आरोप साबित हुए”, धर्मशाला कॉलेज प्रोफेसर का पहला बयान,

College Student Death Case: “सजा भुगतने को तैयार हूं अगर आरोप साबित हुए”, धर्मशाला कॉलेज प्रोफेसर का पहला बयान,

College Student Death Case:  हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला सरकारी डिग्री कॉलेज में छात्रा पल्लवी की मौत से जुड़े रैगिंग और यौन उत्पीड़न के सनसनीखेज मामले में आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर अशोक कुमार ने आखिरकार चुप्पी तोड़ी है। मीडिया के सामने अपना पक्ष रखते हुए उन्होंने चुनौती भरे अंदाज में कहा कि यदि उनके खिलाफ लगे आरोप साबित हो जाते हैं तो वे किसी भी सजा को स्वीकार करने के लिए तैयार हैं।

प्रोफेसर अशोक कुमार ने भावुक अपील करते हुए कहा, “मेरी खुद दो बेटियां हैं। इस मामले की पूरी तरह निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। सच्चाई सामने आने से दिवंगत छात्रा की आत्मा को शांति मिलेगी और मुझे भी इंसाफ।”

अपने बचाव में उन्होंने तर्क दिया कि अगर कॉलेज में छात्रा के साथ कोई गलत व्यवहार हुआ था तो उसकी शिकायत तुरंत एंटी-रैगिंग कमेटी या प्रशासन से की जानी चाहिए थी। उनका दावा है कि रिकॉर्ड पर ऐसी कोई शिकायत दर्ज नहीं है। सरकार द्वारा उन्हें निलंबित करने के फैसले पर प्रोफेसर ने कहा, “प्रशासन ने जो कदम उठाया वह सही है, ताकि जांच बिना किसी दबाव के पारदर्शी तरीके से पूरी हो सके।”

गौरतलब है कि धर्मशाला कॉलेज की छात्रा पल्लवी की मौत और उससे पहले कथित रैगिंग/उत्पीड़न के मामले ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस मामले को लेकर राजनीतिक दल, छात्र संगठन और सामाजिक कार्यकर्ता न्याय की मांग कर रहे हैं। अब सबकी नजरें पुलिस जांच और यूजीसी की रिपोर्ट पर टिकी हैं।

वहीं इस मामले में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के आदेशों पर आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर अशोक कुमार को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। शिक्षा विभाग ने शनिवार शाम को इस संबंध में आदेश जारी किए। इससे पहले, मुख्यमंत्री सुक्खू ने सोलन के कंडाघाट में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कहा था कि धर्मशाला में छात्रा ने अपने वीडियो बयान में जिस प्रोफेसर का नाम लिया है, उसे निलंबित किया जाएगा।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रोफेसर के निलंबन के आदेश दे दिए गए हैं और मामले की और गहन जांच कॉल डिटेल्स के आधार पर की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जो भी इस घटना में शामिल होगा, सरकार उस पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करेगी।” उधर, राष्ट्रीय महिला आयोग ने छात्रा से रैगिंग, शारीरिक उत्पीड़न व यौन उत्पीड़न से जुड़ी इस घटना पर स्वतः संज्ञान लिया है। जबकि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) भी जांच करेगा। यूजीसी ने इस मामले की जांच के लिए शुक्रवार को फैक्ट फाइंडिंग कमेटी गठित कर दी है।

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