Prajasatta Side Scroll Menu
Bahra University - Shimla Hills

नौसेना को नई ताकतवर सौगात: पहला स्वदेशी विमानवाहक पोत INS विक्रांत शामिल, मिला नया ध्वज

Published on: 2 September 2022
नौसेना को नई ताकतवर सौगात: पहला स्वदेशी विमानवाहक पोत INS विक्रांत शामिल, मिला नया ध्वज

प्रजासत्ता नेशनल डेस्क |
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को पहला स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत देश को समर्पित कर दिया। बता दें कि विक्रांत 25 वर्ष बाद नए रूप में नौसेना की शान बना है। इस दौरान उन्होंने नौसना के ध्वज को भी बदल दिया। नया ध्वज छत्रपति शिवाजी से प्रेरित है। नौसेना के नए ध्वज में सेंट जॉर्ज क्रॉस को हटा दिया गया है। ऊपर बाईं ओर तिरंगा है। बगल में नीले रंग के बैकग्राउंड पर गोल्डर कलर में अशोक चिह्न बना है, जिसके नीचे सत्यमेव जयते लिखा गया है। इसके नीचे संस्कृत भाषा में ‘शं नो वरुणः’ लिखा गया है।

इस अवसर पर बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज 2 सितंबर 2022 की ऐतिहासिक तारीख को इतिहास बदलने वाला एक और काम हुआ है। आज भारत ने, गुलामी के एक निशान, गुलामी के एक बोझ को अपने सीने से उतार दिया है। आज से भारतीय नौसेना को एक नया ध्वज मिला है।

पीएम मोदी ने कहा कि रामधारी सिंह दिनकर जी ने अपनी कविता में लिखा था-
नवीन सूर्य की नई प्रभा, नमो, नमो।
नमो स्वतंत्र भारत की ध्वजा, नमो, नमो…

भारतीय नौसेना के नए झंडे में क्या है नौसेना के नए ध्वज में सेंट जॉर्ज क्रॉस को हटा दिया गया है। ऊपर बाईं ओर तिरंगा है। बगल में नीले रंग के बैकग्राउंड पर गोल्डर कलर में अशोक चिह्न बना है, जिसके नीचे सत्यमेव जयते लिखा गया है। इसके नीचे संस्कृत भाषा में ‘शं नो वरुणः’ लिखा गया है।
भारतीय नौसेना के नए झंडे में क्या है
नौसेना के नए ध्वज में सेंट जॉर्ज क्रॉस को हटा दिया गया है। ऊपर बाईं ओर तिरंगा है। बगल में नीले रंग के बैकग्राउंड पर गोल्डर कलर में अशोक चिह्न बना है, जिसके नीचे सत्यमेव जयते लिखा गया है। इसके नीचे संस्कृत भाषा में ‘शं नो वरुणः’ लिखा गया है।

आज इसी ध्वज वंदना के साथ मैं ये नया ध्वज नौसेना के जनक छत्रपति वीर शिवाजी महाराज को समर्पित करता हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि छत्रपति वीर शिवाजी महाराज ने इस समुद्री सामर्थ्य के दम पर ऐसी नौसेना का निर्माण किया, जो दुश्मनों की नींद उड़ाकर रखती थी। जब अंग्रेज भारत आए, तो वो भारतीय जहाजों और उनके जरिए होने वाले व्यापार की ताकत से घबराए रहते थे।

पीएम मोदी ने कहा कि शिवाजी महाराज ने भारत के समुद्री सामर्थ्य की कमर तोड़ने का फैसला लिया। इतिहास गवाह है कि कैसे उस समय ब्रिटिश संसद में कानून बनाकर भारतीय जहाजों और व्यापारियों पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए गए। INS विक्रांत के हर भाग की अपनी एक खूबी है, एक ताकत है, अपनी एक विकासयात्रा भी है। ये स्वदेशी सामर्थ्य, स्वदेशी संसाधन और स्वदेशी कौशल का प्रतीक है। इसके एयरबेस में जो स्टील लगी है, वो स्टील भी स्वदेशी है।

पीएम मोदी ने कहा कि आज विक्रांत को देखकर समंदर की ये लहरें, आह्वान कर रही हैं, अमर्त्य वीर पुत्र हो, दृढ़-प्रतिज्ञ सोच लो, प्रशस्त पुण्य पंथ हैं, बढ़े चलो-बढ़े चलो…। आज भारत विश्व के उन देशों में शामिल हो गया है, जो स्वदेशी तकनीक से इतने विशाल एयरक्राफ्ट कैरियर का निर्माण करता है। आज आईएनएस विक्रांत ने देश को एक नए विश्वास से भर दिया है, देश में एक नया भरोसा पैदा कर दिया है। ये हर भारतीय के लिए गौरव का अनमोल अवसर है। ये हर भारतीय का मान, स्वाभिमान बढ़ाने वाला अवसर है। मैं इसके लिए हर भारतीय को बधाई देता हूं।

Aaj Ki Khabrenbreaking news todayIndia government newsIndia politics newslatest news Indianational headlinestop news India

Join WhatsApp

Join Now