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NTA Exam Reforms 2026: NTA में बड़ा फेरबदल, 600 विशेषज्ञ हटाए गए और प्रश्नपत्रों के लिए लागू हुई 4-स्तरीय जांच प्रणाली

NTA Major Changes: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बहाल करने के लिए व्यापक फेरबदल शुरू कर दिए हैं, जिसके तहत सुरक्षा से लेकर प्रश्नपत्र तैयार करने की पूरी प्रक्रिया बदली जा रही है।
Published on: 19 August 2026
NTA Exam Reforms 2026: NTA का बड़ा फैसला, 600 विशेषज्ञ हटाए गए और प्रश्नपत्रों के लिए लागू हुई 4-स्तरीय जांच प्रणाली

NTA Exam Reforms 2026: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली और परीक्षाओं की अखंडता पर लगातार उठ रहे गंभीर सवालों के बीच केंद्र सरकार ने देश की परीक्षा व्यवस्था में व्यापक और कड़े बदलावों की घोषणा की है। शिक्षा मंत्रालय द्वारा साझा की गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, NTA ने अपनी आंतरिक परीक्षा प्रणाली और विशेषज्ञ समितियों में बड़े स्तर पर पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

मंत्रालय के अनुसार, NTA की विषय विशेषज्ञ समिति से लगभग 600 विशेषज्ञों को सेवामुक्त कर दिया गया है और उनके स्थान पर नए विशेषज्ञों को शामिल किया जा रहा है। इसके साथ ही, भविष्य में आयोजित होने वाली सभी परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों की त्रुटिहीनता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक नई चार-स्तरीय (4-Tier) प्रश्नपत्र जांच प्रणाली को तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्णय लिया गया है।

शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने मंत्रालय को इन सुधारात्मक कदमों की विस्तृत जानकारी सौंपी। चार-स्तरीय जांच व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य परीक्षा शुरू होने से पहले प्रश्नों की गुणवत्ता, तथ्यात्मक सटीकता, भाषाई अनुवाद और अन्य संभावित तकनीकी या टाइपिंग त्रुटियों की बहुस्तरीय कड़ाई से जांच करना है।

मंत्रालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुपालन में, NTA आगामी दो से तीन हफ्तों के भीतर लगभग 20 से 25 नए अधिकारियों की सीधी भर्ती करने जा रहा है। संस्थागत दक्षता बढ़ाने के लिए मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी, मुख्य वित्त अधिकारी, मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी, जनरल मैनेजर (टेस्ट सिक्योरिटी), तथा जनरल मैनेजर (रिसर्च, डेवलपमेंट एंड साइकोमैट्रिक्स) जैसे महत्वपूर्ण व्यावसायिक पदों पर नियुक्तियों की प्रक्रिया संचालित की जा रही है।

इसके अतिरिक्त, प्रश्नपत्र निर्माण, साइबर सुरक्षा और साइकोमैट्रिक्स जैसे संवेदनशील एवं जटिल क्षेत्रों में प्रशासनिक पारदर्शिता बनाए रखने के लिए निजी क्षेत्र के शीर्ष विशेषज्ञों की सेवाएं भी ली जा रही हैं। सरकार का लक्ष्य परीक्षा संचालन के प्रत्येक चरण में पेशेवर दक्षता और आधुनिक तकनीक का समावेशन करना है।

NTA की यह व्यापक कार्रवाई हाल ही में UGC-NET परीक्षा के तीन प्रमुख विषयों, अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र के प्रश्नपत्रों में सामने आई गंभीर गड़बड़ियों के बाद देखने को मिली है। एजेंसी ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया था कि इन विषयों के पत्रों में तथ्यात्मक, अनुवाद और टाइपिंग संबंधी त्रुटियां पाई गईं, जिसके चलते उक्त परीक्षाओं को रद्द कर पुनः आयोजित करने का निर्णय लिया गया। निरस्त हुई इन परीक्षाओं की नई तिथियां 9 और 10 सितंबर 2026 तय की गई हैं।

UGC-NET विवाद से ठीक एक दिन पूर्व शिक्षा मंत्रालय ने NTA को अपनी समस्त परीक्षा प्रक्रियाओं का व्यापक ढांचागत ऑडिट करने का सख्त निर्देश दिया था। इससे पूर्व NEET-UG परीक्षा से जुड़े विवादों और पेपर लीक के आरोपों के बाद देशभर में परीक्षार्थियों द्वारा बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए गए थे, जिसके बाद केंद्रीय स्तर पर समीक्षा प्रक्रिया तेज की गई।

परीक्षा केंद्रों और प्रशासनिक परिसरों की अभेद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए NTA अपने मौजूदा नई दिल्ली स्थित ओखला इंडस्ट्रियल एस्टेट कार्यालय को जल्द ही एक नए और अधिक सुरक्षित परिसर में स्थानांतरित करने जा रहा है। नए परिसर की संपूर्ण सुरक्षा व्यवस्था केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के सशस्त्र दस्तों के सुपुर्द की जाएगी। उच्च शिक्षा विभाग के तहत कार्यरत इस स्वायत्त संस्था में सुधारों का मुख्य उद्देश्य देश के लाखों छात्रों के बीच परीक्षा प्रणाली के प्रति खोए हुए विश्वास को पुनस्थापित करना है।

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