Women Reservation Bill: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को देशभर की महिलाओं, माताओं और बेटियों के नाम एक विशेष पत्र साझा किया है। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने महिला आरक्षण सुनिश्चित करने के सरकार के निर्णय पर मिल रहे व्यापक जनसमर्थन के लिए देश की नारी शक्ति का धन्यवाद किया।
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि साल 2029 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों से महिला आरक्षण को जमीन पर उतारने के निर्णय की देशभर में सराहना हो रही है। उन्होंने इस संकल्प को दशकों से लंबित बताया, जिसे अब जल्द ही साकार करने की दिशा में सरकार कदम बढ़ा रही है।

पीएम मोदी ने अप्रैल के महीने को ऐतिहासिक बताते हुए बाबा साहेब डॉ. बीआर अंबेडकर की जयंती का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि संविधान निर्माण में बाबा साहेब का योगदान आज भी राष्ट्र का मार्गदर्शन कर रहा है। उन्होंने जोर दिया कि महिलाओं को विधायी संस्थाओं में पर्याप्त प्रतिनिधित्व देना अब समय की मांग बन चुकी है।
प्रधानमंत्री ने इतिहास का स्मरण कराते हुए बताया कि वर्षों पहले सरदार पटेल ने अहमदाबाद म्युनिसिपैलिटी में महिलाओं के लिए सीट आरक्षित करने की पहल की थी। उन्होंने गर्व के साथ उल्लेख किया कि भारत ने आजादी के तुरंत बाद ही महिला-पुरुष को समान मतदान का अधिकार दे दिया था, जबकि कई विकसित देशों को इसके लिए लंबा संघर्ष करना पड़ा।
बदलते भारत की ‘नारी शक्ति’
पत्र में प्रधानमंत्री ने स्टार्टअप, विज्ञान, शिक्षा, खेल और कला जैसे क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी की सराहना की। उन्होंने कहा कि छोटे शहरों से निकलकर खेल जगत में नए कीर्तिमान स्थापित करने वाली बेटियां आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
‘लखपति दीदी’ और स्वयं सहायता समूहों का उदाहरण देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जमीनी स्तर पर महिलाएं सशक्त हो रही हैं। उन्होंने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को इसी सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा संवैधानिक कदम बताया, जो नीति निर्माण में महिलाओं की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करेगा।
विकसित भारत @2047 का लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने देशवासियों को याद दिलाया कि वर्ष 2047 में जब भारत अपनी आजादी के 100 साल पूरे करेगा, तब ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए महिलाओं की भागीदारी अनिवार्य होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि जब महिलाएं निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा बनेंगी, तो देश की प्रगति और भी तीव्र होगी।
अंत में, पीएम मोदी ने महिलाओं से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्र के सांसदों को पत्र लिखकर इस विधेयक के पूर्ण समर्थन के लिए प्रेरित करें। उन्होंने सभी को आने वाले त्योहारों की शुभकामनाएं देते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना की।



















