साइड स्क्रोल मेनू

RBI New UCB License 2026: खुशखबरी! 22 साल बाद खुलेंगे नए सरकारी सहकारी बैंक, RBI ने जारी की नई लाइसेंसिंग शर्तें

RBI MPC meeting RBI New UCB License 2026 RBI New Rules: RBI के नए नियम: अधिग्रहण के लिए बैंक लोन, डिपॉजिट इंश्योरेंस में बदलाव और कॉर्पोरेट लोन की सीमा खत्म

RBI New UCB License 2026: भारतीय रिजर्व बैंक ने शहरी सहकारी बैंकों को लेकर बड़ा संकेत दिया है। करीब 22 साल बाद एक बार फिर नए शहरी सहकारी बैंकों को लाइसेंस देने पर विचार शुरू किया गया है। साल 2004 के बाद से इस तरह के लाइसेंस लगभग रोक दिए गए थे, क्योंकि उस समय खुले कई नए बैंक कुछ ही सालों में कमजोर पड़ गए थे और जमाकर्ताओं की पूंजी पर खतरा पैदा हो गया था।

अब RBI का मानना है कि हाल के वर्षों में सहकारी बैंकिंग सेक्टर में बड़ा सुधार हुआ है। नियमों को पहले से ज्यादा सख्त किया गया है और बैंकों की निगरानी भी बढ़ाई गई है। जो बैंक लगातार कमजोर प्रदर्शन कर रहे थे, उन्हें दूसरे बैंकों में मिला दिया गया या उनका लाइसेंस रद्द कर दिया गया। इन्हीं बदलावों के चलते RBI को लगता है कि मजबूत आधार वाले नए बैंक लोगों को बेहतर सेवाएं दे सकते हैं।

इसे भी पढ़ें:  रेड लाइट एरिया जीबी रोड में चली गोली, दो लोग घायल

गुड रिटर्न के डिजिटल प्लेटफोम की एक खबर के मुताबिक इस मुद्दे पर RBI ने एक चर्चा पत्र जारी किया है। इसके जरिए आम लोगों, बैंकिंग विशेषज्ञों और संस्थाओं से राय मांगी गई है। लोग 13 फरवरी 2026 तक अपने सुझाव भेज सकते हैं। केंद्रीय बैंक यह जानना चाहता है कि क्या मौजूदा हालात नए शहरी सहकारी बैंकों के लिए सही हैं और अगर हां, तो किन शर्तों पर उन्हें मंजूरी दी जानी चाहिए।

RBI इस बार कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। प्रस्ताव के मुताबिक नए शहरी सहकारी बैंक खोलने के लिए कम से कम 300 करोड़ रुपये की पूंजी होना जरूरी होगा। साथ ही संबंधित सहकारी संस्था के पास कम से कम दस साल का अनुभव और पिछले वर्षों का अच्छा रिकॉर्ड होना चाहिए। बैंक की आर्थिक मजबूती को लेकर भी कड़े मानक तय किए जाएंगे।

इसे भी पढ़ें:  Today Headlines, 25 March 2023: आज कर्नाटक के दौरे पर पीएम मोदी

RBI ने साफ कहा है कि जमाकर्ताओं के पैसे की सुरक्षा उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इसलिए सिर्फ वही बैंक लाइसेंस पा सकेंगे, जो लंबे समय तक टिकने में सक्षम हों और भरोसे के साथ काम कर सकें। फिलहाल देश में 1400 से ज्यादा शहरी सहकारी बैंक काम कर रहे हैं और लाखों लोग इनसे जुड़े हुए हैं।

अब आगे का फैसला चर्चा पत्र पर मिलने वाली राय पर निर्भर करेगा। इन्हीं सुझावों के आधार पर RBI अंतिम कदम उठाएगा। अगर मंजूरी मिलती है, तो आने वाले समय में देश को मजबूत और भरोसेमंद नए शहरी सहकारी बैंक देखने को मिल सकते हैं।

इसे भी पढ़ें:  Covid 19 Cases In India: भारत में 24 घंटे में कोविड-19 से 5 मौतें, ए​क्टिव केस बढ़कर 4,026 हुए, जाने राज्यों में कोविड-19 की स्थिति..!
प्रजासत्ता न्यूज़ डेस्क उन समर्पित पत्रकारों की टीम है जो देश-दुनिया की ताज़ा खबरें सच्चाई, निष्पक्षता और पाठकों के भरोसे को प्राथमिकता देते हुए पेश करती है। हम सच्चाई और निष्पक्षता के साथ हर कहानी को दिल से बयां करते हैं।

Join WhatsApp

Join Now