Himachal Local Body Election: हिमाचल प्रदेश के हालिया पंचायती राज और नगर निकाय चुनावों में सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी को मिली करारी हार देश के राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है। क्योंकि गुजरात के सूरत में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल प्रदेश के स्थानीय निकाय और चार नगर निगम चुनाव के नतीजों का विशेष रूप से जिक्र किया है।
प्रधानमंत्री ने इस चुनावी परिणाम के बहाने हिमाचल प्रदेश की सत्ताधारी कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधा। पीएम नरेंद्र मोदी ने जनसभा में उपस्थित लोगों के सामने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार होने के बावजूद वहां की जनता ने कांग्रेस के कुशासन को पूरी तरह और बुरी तरह से नकार दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन के दौरान कांग्रेस की मौजूदा राजनीति को ‘परजीवी पॉलिटिक्स‘ करार दिया। उन्होंने कहा कि हमारा देश कभी भी अराजकता, अनिश्चितता और निराशा के माहौल को पसंद नहीं करता है। कांग्रेस पिछले 12 वर्षों से देश के भीतर अराजकता और अनिश्चितता फैलाकर अपने लिए राजनीतिक अवसर खोजने का प्रयास कर रही है। लेकिन, देश की जागरूक जनता उनके इन प्रयासों को समझ चुकी है और उन्हें बार-बार करारा जवाब दे रही है।
गुजरात का उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि गुजरात की जनता ने तो कांग्रेस को पूरी तरह हाशिए पर धकेल दिया है। उन्होंने आगे कहा कि जिन राज्यों में वर्तमान समय में कांग्रेस की सरकारें चल रही हैं, वहां भी आम जनता उनके कुशासन से पूरी तरह तंग आ चुकी है। इसका सबसे ताजा उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि अभी-अभी हिमाचल प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनाव संपन्न हुए हैं, जहां कांग्रेस की पूर्ण सरकार है। इसके बावजूद वहां के चुनावों में कांग्रेस बुरी तरह हार गई है, क्योंकि हिमाचल की जनता ने उनके कुशासन को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
अपने भाषण के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अन्य राज्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इससे पहले हरियाणा में हुए निकाय चुनावों में भी कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा था। इसके साथ ही पंजाब के लोगों ने भी कांग्रेस को स्पष्ट और कड़ा संदेश दे दिया है। प्रधानमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि अब देश में कांग्रेस की परजीवी पॉलिटिक्स और अराजकता में अवसर ढूंढने की राजनीति बिल्कुल नहीं चलेगी।
कर्नाटक राज्य की राजनीतिक स्थिति पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने दावा किया कि वहां की जनता के भीतर भी वर्तमान कांग्रेस सरकार के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने कहा कि यही मुख्य कारण है कि कर्नाटक में कांग्रेस को अपना मुख्यमंत्री तक बदलना पड़ रहा है।
पीएम मोदी ने कहा कि आज का भारत नकारात्मकता के दौर से कहीं आगे निकल चुका है और भारत के नागरिक अब बड़े सपनों और मजबूत संकल्पों से भरे हुए हैं, जो कि इस देश की असली ताकत है। उन्होंने लोगों से विकसित भारत का संकल्प लेकर आगे बढ़ने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि जनता दो कदम चलेगी, तो वह तीन कदम चलने के लिए हमेशा तैयार हैं, क्योंकि रुकना और थकना उन्हें मंजूर नहीं है।
उल्लेखनीय है कि पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में हाल ही में हुए इन स्थानीय निकाय चुनावों और चार नगर निगमों के चुनावों को सत्ता का सेमीफाइनल माना जा रहा था, जिसमें कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। इन चुनावी नतीजों से हिमाचल कांग्रेस के लिए कोई अच्छी खबर सामने नहीं आई है। राज्य के चार नगर निगमों के लिए हुए चुनाव में परिणाम पूरी तरह से भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में गए हैं। चुनाव नतीजों के अनुसार मंडी, धर्मशाला और सोलन नगर निगम में कमल खिला है, यानी वहां भाजपा ने जीत दर्ज की है।
हालांकि, नगर निगम पालमपुर में स्थिति कांग्रेस के अनुकूल रही और वहां की जनता ने कांग्रेस के हाथ का साथ दिया। पालमपुर नगर निगम के चुनाव नतीजों ने भले ही इस सेमीफाइनल में कांग्रेस की लाज बचा ली हो, लेकिन कुल मिलाकर देखा जाए तो ये चुनावी नतीजे हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार के लिए बेहद निराशाजनक साबित हुए हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार के लिए इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में हार मिलना एक बड़ा राजनीतिक नुकसान माना जा रहा है, जिसकी गूंज अब गुजरात तक सुनाई दे रही है। हालांकि सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार का दावा है कि उनकी पार्टी समर्थित प्रधान और उप-प्रधान अधिक संख्या में जीते हैं। लेकिन बीडीसी (पंचायत समिति) और जिला परिषद चुनावों में कांग्रेस को स्पष्ट झटका लगा है, जहां भाजपा समर्थित प्रत्याशियों का दबदबा रहा।

















