Rahul Gandhi News Today: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान 20 जुलाई को हुए विरोध प्रदर्शन में घायल हुए 19 वर्षीय छात्र साहिल को मीडिया के सामने पेश किया। इस दौरान कांग्रेस सांसद ने केंद्र सरकार पर छात्रों के खिलाफ दमनात्मक और कठोर कार्रवाई करने का गंभीर आरोप लगाया।
राहुल गांधी ने बताया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा चलाए गए पैलेट गन के हमले में साहिल के चेहरे और आंख पर गंभीर चोट आई है, जिससे उनकी एक आंख की रोशनी स्थायी रूप से जाने का खतरा बना हुआ है।

राहुल गांधी ने अपनी मांगों को दोहराते हुए केंद्र सरकार से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने घटना के लिए जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से देश के पीड़ित छात्रों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की अपील की।
घायल छात्र साहिल के बारे में जानकारी देते हुए राहुल गांधी ने बताया कि साहिल दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र हैं और अपने परिवार की आर्थिक सहायता के लिए पार्ट-टाइम कार चलाने का काम करते हैं। साहिल वर्ष 2025 की एसएससी दिल्ली कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले से प्रभावित अभ्यर्थियों में शामिल रहे हैं और वे अपनी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे थे।
कांग्रेस नेता ने बताया कि साहिल को इस बात की गहरी आशंका थी कि जिस एजेंसी के कार्यकाल में पेपर लीक हुआ था, उसी एजेंसी को दोबारा परीक्षा आयोजित करने का जिम्मा सौंपा जा रहा है। इसी डर और दोबारा पेपर लीक होने की संभावना के चलते साहिल अपनी मांग और जवाबदेही तय कराने के लिए 20 जुलाई के प्रदर्शन में शामिल हुए थे।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि जवाबदेही और बेहतर भविष्य की मांग कर रहे शांतिपूर्ण छात्रों पर पुलिस बल का प्रयोग किया गया, जिसके परिणामस्वरूप साहिल के चेहरे पर पैलेट गन से गंभीर चोटें आईं। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई उन युवाओं को दी जा रही सजा की तरह है जो सरकार से अपने अधिकार और निष्पक्षता को लेकर सवाल पूछ रहे हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस का समापन करते हुए राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी साहिल और देश भर में न्याय की मांग कर रहे सभी युवाओं के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने प्रधानमंत्री से पुनः अपील की कि वे छात्रों से इस घटना के लिए माफी मांगें, दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करें और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद से अविलंब हटाएं।


















