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Rahul Gandhi on Election Commission: राहुल गांधी ने महाराष्ट्र चुनाव में मतदाता सूची को लेकर उठाए सवाल, चुनाव आयोग से मांगी जवाबदेही.!

Published on: 7 February 2025
Rahul Gandhi on Election Commission: राहुल गांधी ने महाराष्ट्र चुनाव में मतदाता सूची को लेकर उठाए सवाल, चुनाव आयोग से मांगी जवाबदेही.!

Rahul Gandhi on Election Commission: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, एनसीपी (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले और शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने महाराष्ट्र में मतदाता सूची में अचानक हुए बदलाव और नए मतदाताओं की संख्या को लेकर गंभीर सवाल उठाए। विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग से पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की।

मतदाता सूची में अचानक बढ़ोतरी पर सवाल

राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, “हम यहां महाराष्ट्र में पिछले चुनाव में लड़ने वाले पूरे विपक्ष का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। हम भारत के लोगों का ध्यान महाराष्ट्र चुनाव से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों की ओर खींचना चाहते हैं। हमारी टीम ने मतदाता सूची और मतदान पैटर्न का गहन अध्ययन किया है। दुर्भाग्य से, हमें कई अनियमितताएं मिली हैं, जो लोकतंत्र और उसमें विश्वास रखने वाले युवाओं के लिए चिंता का विषय हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “महाराष्ट्र में 2019 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव के बीच पांच सालों में 32 लाख नए मतदाता जोड़े गए। लेकिन लोकसभा 2024 और महाराष्ट्र विधानसभा 2024 के बीच सिर्फ 5 महीने में 39 लाख नए मतदाता जोड़े गए। सवाल यह है कि 5 महीने में पिछले 5 साल से ज्यादा मतदाता कैसे जोड़े गए?”

राहुल गांधी ने इस आंकड़े को हिमाचल प्रदेश के कुल मतदाताओं के बराबर बताया और कहा, “यह संख्या महाराष्ट्र की कुल मतदाता आबादी से अधिक है। यह स्पष्ट है कि अचानक इतने मतदाता कैसे बनाए गए। यह लोकतंत्र के लिए एक गंभीर मुद्दा है।”

चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल

राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “डॉ. बीआर अंबेडकर ने कहा था कि लोकतंत्र में मतदाता सूची सबसे बुनियादी चीज है। चुनाव किसी भी तरह के हस्तक्षेप से मुक्त होने चाहिए। लेकिन पहले चुनाव आयुक्तों को एक समिति द्वारा चुना जाता था, जिसमें सीजेआई, नेता प्रतिपक्ष और प्रधानमंत्री शामिल होते थे। इस सरकार ने इसे बदल दिया है। सीजेआई को समिति से हटा दिया गया और एक भाजपा समर्थक को शामिल कर लिया गया। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले एक चुनाव आयुक्त को हटा दिया गया और दो नए आयुक्तों की नियुक्ति की गई।”


उन्होंने आगे कहा, “हम चुनाव आयोग से महाराष्ट्र के मतदाताओं के नाम और पते वाली मतदाता सूची मांग रहे हैं। हमें लोकसभा और विधानसभा चुनाव की मतदाता सूची चाहिए, ताकि हम समझ सकें कि ये नए मतदाता कौन हैं। बहुत से मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं और कई मतदाताओं को एक बूथ से दूसरे बूथ पर ट्रांसफर कर दिया गया है। इनमें से अधिकतर दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यक समुदायों से हैं। चुनाव आयोग ने हमारे अनुरोधों का कोई जवाब नहीं दिया है।”

संजय राउत और सुप्रिया सुले ने भी उठाए सवाल

शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने चुनाव आयोग पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी ने देश के सामने बहुत जरूरी सवाल रखे हैं। अगर चुनाव आयोग का जमीर जिंदा है, तो उन्हें जवाब देना होगा। मुझे लगता है कि चुनाव आयोग सरकार की गुलामी कर रहा है। यह 39 लाख मतदाता कहां से आए हैं और कहां जाएंगे? यह वोटर घूमते रहते हैं, कभी दिल्ली, कभी बिहार, तो कभी उत्तर प्रदेश। सरकार ऐसे ही चुनाव लड़ती है और जीतती है।”

एनसीपी (एसपी) नेता सुप्रिया सुले ने भी चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि उन निर्वाचन क्षेत्रों में बैलेट पेपर पर दोबारा चुनाव हों, जहां हमारे उम्मीदवार चुनाव चिन्हों के भ्रम के कारण हार गए। 11 सीटें ऐसी हैं, जहां यह समस्या हुई। हमने ‘तुतारी’ चुनाव चिन्ह बदलने के लिए कई बार अनुरोध किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। हम केवल चुनाव आयोग से निष्पक्षता की मांग करते हैं।”

विपक्ष की मांग

विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग से मतदाता सूची की पूरी जानकारी सार्वजनिक करने और अनियमितताओं की जांच करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना जरूरी है। विपक्ष ने यह स्पष्ट किया कि वह इस मुद्दे को लेकर संसद और सड़क दोनों जगह आवाज उठाएगा।

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