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Retail Inflation in India 2026: महंगाई ने तोड़ा आम आदमी का बजट, सितंबर में रिटेल महंगाई दर बढ़कर 5.54 प्रतिशत पर पहुंची

India News: राष्ट्रीय स्तर पर खाद्य पदार्थों की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया है। सितंबर महीने में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 5.54 प्रतिशत हो गई, जबकि ग्रामीण इलाकों में स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक बनी हुई है।
Updated By Prajasatta
Published on: 13 अक्टूबर 2026
Retail Inflation in India 2026: महंगाई ने तोड़ा आम आदमी का बजट, सितंबर में रिटेल महंगाई दर बढ़कर 5.54 प्रतिशत पर पहुंची

Retail Inflation in India 2026: देश में आम आदमी को महंगाई से एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। सितंबर 2026 में भारत की रिटेल महंगाई दर बढ़कर 5.54 प्रतिशत पर पहुंच गई, जो इससे पिछले महीने यानी अगस्त में 4.83 प्रतिशत दर्ज की गई थी। खाने-पीने की चीजों की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी इसकी मुख्य वजह रही है। खासतौर पर प्याज, अदरक, लहसुन और नींबू जैसी रोजमर्रा की रसोई में इस्तेमाल होने वाली वस्तुएं काफी महंगी हो गई हैं, जिससे आम जनता की जेब पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ गया है।

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सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में खाद्य महंगाई दर बढ़कर 7.74 प्रतिशत हो गई, जबकि अगस्त में यह आंकड़ा 5.97 प्रतिशत था। ये नए आंकड़े उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के नए बेस ईयर 2024 के आधार पर जारी किए गए हैं। सरकार द्वारा प्रस्तुत इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि उपभोक्ता वस्तुओं के मोर्चे पर आम नागरिकों को अभी राहत मिलने की कोई तत्काल संभावना नजर नहीं आ रही है।

ग्रामीण इलाकों में महंगाई का अधिक असर
सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से यह बात सामने आई है कि सितंबर महीने में ग्रामीण क्षेत्रों की रिटेल महंगाई दर बढ़कर 6.08 प्रतिशत हो गई, जो कि अगस्त में 5.24 प्रतिशत पर थी। इसके मुकाबले शहरी इलाकों में महंगाई दर 4.31 प्रतिशत से बढ़कर 4.88 प्रतिशत तक ही पहुंची।

खाने-पीने की चीजों के मामले में भी गांवों की स्थिति अधिक प्रभावित रही। ग्रामीण इलाकों में खाद्य महंगाई दर 8.06 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 7.18 प्रतिशत रही। इसके अलावा, रेस्टोरेंट और ठहरने की सेवाओं में महंगाई दर 9.36 प्रतिशत और पर्सनल केयर तथा सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी वस्तुओं में यह 13.75 प्रतिशत तक दर्ज की गई है।

प्याज और लहसुन की कीमतों में भारी उछाल
सब्जी बाजारों में सितंबर के दौरान सबसे ज्यादा असर प्याज की कीमतों पर देखने को मिला। प्याज की सालाना महंगाई दर अगस्त के 48.78 प्रतिशत से छलांग लगाकर सितंबर में 108.09 प्रतिशत तक जा पहुंची। इसके साथ ही, चांदी के गहनों में 87.80 प्रतिशत, अदरक में 62.85 प्रतिशत, लहसुन में 54.62 प्रतिशत और नींबू की कीमतों में 36.41 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

हालांकि, कुछ खाद्य पदार्थों की कीमतों में हल्की राहत भी मिली है। पिछले साल सितंबर की तुलना में आलू की कीमतों में 11.50 प्रतिशत, टमाटर में 8.62 प्रतिशत, भिंडी में 4.48 प्रतिशत और नारियल में 3.99 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा मोटर कार और जीप की कीमतों में भी सालाना आधार पर 4.51 प्रतिशत की कमी आई है।

राज्यों की स्थिति और विशेषज्ञों की चिंता
प्रमुख राज्यों की बात करें तो तमिलनाडु में महंगाई दर सबसे अधिक 6.81 प्रतिशत दर्ज की गई। इसके बाद ओडिशा में 6.70 प्रतिशत, मध्य प्रदेश में 6.68 प्रतिशत, तेलंगाना में 6.64 प्रतिशत और आंध्र प्रदेश में 6.29 प्रतिशत महंगाई रही। उत्तर प्रदेश में यह दर 6.08 प्रतिशत और महाराष्ट्र में 5.18 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में महंगाई अपेक्षाकृत कम यानी 3.40 प्रतिशत रही।

दूसरी ओर, इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (ISB) के प्रोफेसर प्रसन्ना तंत्री ने भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीतियों पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि ब्याज दरों को कृत्रिम रूप से कम रखने के प्रयासों से महंगाई का दबाव बढ़ सकता है। गौरतलब है कि केंद्रीय बैंक ने आगामी आर्थिक संतुलन को देखते हुए पूर्व में आवश्यक कदम उठाए हैं, और अक्टूबर के अगले आंकड़े आगामी 12 नवंबर को जारी किए जाएंगे।

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