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Supreme Court on Ponzi Scheme: ठगों की खैर नहीं! वित्तीय घोटालेबाजों को जमानत पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा और सख्त फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने पोंजी स्कीम और वित्तीय धोखाधड़ी के आरोपियों को गंभीर अपराधी माना। जमानत अब अपवाद बनेगी, नियम नहीं। लोगों की आर्थिक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट का जमानत आदेश रद्द कर दिया गया।
Supreme Court on Ponzi Scheme: ठगों की खैर नहीं! वित्तीय घोटालेबाजों को जमानत पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा और सख्त फैसला

Supreme Court on Ponzi Scheme Fraud: सुप्रीम कोर्ट ने वित्तीय घोटालों में लोगों को ठगने वालों के लिए बड़ा झटका दिया है। अब ऐसे धोखेबाजों को जमानत मिलना मुश्किल हो जाएगा। कोर्ट ने कहा कि पोंजी स्कीम जैसे अपराध गंभीर हैं, क्योंकि ये आम लोगों की मेहनत की कमाई छीन लेते हैं।

सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की बेंच ने यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के एक पुराने आदेश को पलट दिया। हाई कोर्ट ने धोखाधड़ी और जालसाजी के एक मामले में मुख्य आरोपी को जमानत दे दी थी। यह आरोपी काफी समय से फरार चल रहा था।

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हाई कोर्ट ने जमानत देने का आधार बताया था कि आरोपी के साथी आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी है। साथ ही यह मामला मजिस्ट्रेट कोर्ट के दायरे में आता है, इसलिए इसे गंभीर अपराध नहीं माना जा सकता। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इन तर्कों को पूरी तरह खारिज कर दिया। कोर्ट ने हाई कोर्ट का जमानत आदेश रद्द कर दिया।

जस्टिस संजय कुमार ने फैसले में साफ कहा कि समाज में लोगों की जिंदगी और आजादी का मतलब सिर्फ उनकी शारीरिक सुरक्षा नहीं है। इसमें उनकी आर्थिक स्थिति और बेहतरी भी शामिल है। अगर कोई व्यक्ति अपनी कमाई से ठगा जाता है, तो उसका जीवन प्रभावित होता है। इसलिए वित्तीय घोटालों को हल्के में नहीं लिया जा सकता।

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कोर्ट ने कहा कि ऐसे अपराधों में आरोपी दूसरों के भोलेपन और भरोसे का फायदा उठाते हैं। वे नाम और पहचान पत्रों की जालसाजी करते हैं और लोगों को ठगने की आदत डाल लेते हैं। यह दिखाता है कि वे बार-बार अपराध करने वाले और समाज के लिए खतरा हैं। ऐसे लोगों को ‘जमानत मिलना सामान्य है, जेल अपवाद’ वाला नियम लागू नहीं होना चाहिए।

इस मामले में शिकायतकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। कोर्ट ने उनकी अपील को सही ठहराया और आरोपी की जमानत खत्म कर दी। बता दें कि यह फैसला पूरे देश में पोंजी स्कीम और अन्य वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में आरोपीयों के लिए सख्ती का संकेत है। अब अदालतें इस तरह के मामलों में जमानत देते समय इन बातों पर जरूर ध्यान देंगी।

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