West Bengal Assembly Elections 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झारग्राम में एक जनसभा को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता ने टीएमसी सरकार को 15 साल का लंबा समय दिया, लेकिन इन वर्षों में आदिवासी क्षेत्रों को केवल बदहाली ही मिली। प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि इन क्षेत्रों में शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य सेवाएं और सिंचाई जैसी बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है।
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने सीधे तौर पर कहा कि टीएमसी के नेता अपनी तिजोरियां भरने में व्यस्त हैं, जिसके परिणामस्वरूप आदिवासी क्षेत्रों में विकास पूरी तरह ठप पड़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आदिवासियों की सैकड़ों एकड़ भूमि पर टीएमसी के सिंडिकेट ने अवैध रूप से कब्जा जमा रखा है, जिससे स्थानीय समुदाय अपने ही अधिकारों से वंचित हो गया है।
बंगाल की चुनावी राजनीति पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आगामी चुनाव इस राज्य की समृद्ध विरासत और पहचान को बचाने के लिए है। उन्होंने चेतावनी दी कि टीएमसी जिस दिशा में आगे बढ़ रही है, उसका एजेंडा काफी खतरनाक है। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी राज्य में घुसपैठियों के लिए सरकार बनाना चाहती है, जो केवल एक विशेष समुदाय की भाषा और तौर-तरीकों की रक्षा करने तक सीमित रहेगी।
इससे पूर्व, पुरुलिया में एक जनसभा के दौरान प्रधानमंत्री ने किसानों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि टीएमसी सरकार ने बंगाल के आलू किसानों को हर कदम पर धोखा दिया है। मंडियों और कोल्ड स्टोरेज पर टीएमसी के सिंडिकेट का पूर्ण नियंत्रण है, जिससे किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। भाजपा ने संकल्प लिया है कि सत्ता में आते ही इस सिंडिकेट को जड़ से उखाड़ फेंका जाएगा।
पीएम मोदी ने राज्य के बिगड़ते हालात पर कटाक्ष करते हुए इसे ‘टीएमसी का महाजंगलराज’ करार दिया। उन्होंने कहा कि इन आदिवासी जिलों में सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं बदहाल हैं। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताते हुए कहा कि जनता का मन अब बदल चुका है। उन्होंने दावा किया कि इस बार भाजपा राज्य में भारी बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है, क्योंकि लोग टीएमसी के भय और भ्रष्टाचार से मुक्ति चाहते हैं।
संसद में महिला आरक्षण विधेयक से जुड़े संशोधनों के पारित न हो पाने पर भी प्रधानमंत्री ने विपक्षी दलों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके और समाजवादी पार्टी पर महिलाओं के अधिकारों के विधेयक को रोकने का आरोप लगाया। बांकुरा की सभा में पीएम मोदी ने कहा कि विपक्ष ने एक सोची-समझी रणनीति के तहत महिलाओं को उनके अधिकार देने वाले विधेयक को गिराया है, जिसका जवाब जनता चुनावों में देगी।
















