Nirmal Purja Dies: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) स्थित ब्रॉड पीक पर पर्वतारोहण के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया है। दुनिया के सबसे निडर और चर्चित पर्वतारोहियों में शुमार नेपाल के निर्मल पुर्जा का 8,051 मीटर ऊंचे ब्रॉड पीक पर चढ़ाई के दौरान निधन हो गया। रिकॉर्ड बनाने के जुनून में शुरू हुआ यह मिशन उनके जीवन का आखिरी सफर साबित हुआ।
30 जुलाई को चढ़ाई के दौरान टीम के ऊपर अचानक एक भीषण एवलांच (हिमस्खलन) आ गया। इस हादसे में निर्मल पुर्जा के साथ-साथ कई अन्य पर्वतारोहियों की भी जान चली गई। निर्मल पुर्जा की कंपनी एलीट एक्सपीड (Elite Exped) ने आधिकारिक रूप से इस दुखद घटना और उनके निधन की पुष्टि की है।

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने निर्मल पुर्जा और अन्य पर्वतारोहियों के निधन पर गहरा शोक और दुख जताया है। प्रधानमंत्री शाह ने अपने संदेश में कहा कि निर्मल पुर्जा की अदम्य हिम्मत, साहस और पर्वतारोहण के क्षेत्र में दिया गया योगदान आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरणा देता रहेगा।
Former British Tier 1 SBS operator Nirmal ‘Nimsdai’ Purja, a renowned mountaineer who summitted many of the highest peaks on Earth, is missing after an avalanche on Broad Peak in Pakistan.
संबंधित खबरेंThe avalanche left 10 climbers missing, while four bodies have been recovered. pic.twitter.com/WNK3Uv0jtJ
— Special Ops Magazine (@specialopsmag) July 31, 2026
गौरतलब है कि निर्मल पुर्जा का शुरुआती प्लान ब्रॉड पीक पर चढ़ने का नहीं था। वह मूल रूप से गशरब्रुम-2 (G2) पर चढ़ाई करने के इरादे से वहां गए थे। हालांकि, जब उन्हें ब्रॉड पीक पर एक नया इतिहास रचने का मौका दिखाई दिया, तो उन्होंने इस चुनौती को स्वीकार किया और ब्रॉड पीक अभियान की शुरुआत की।
निर्मल पुर्जा का अंतिम सपना था कि वह दुनिया की सभी 14 आठ हजार मीटर से ऊंची चोटियों पर बिना पूरक ऑक्सीजन (supplemental oxygen) के दो बार चढ़ाई पूरी करने वाले दुनिया के पहले पर्वतारोही बनें। इसी ऐतिहासिक रिकॉर्ड को अपने नाम करने की चाह में उन्होंने यह जोखिम उठाया था, लेकिन यह सपना अधूरा रह गया।
माउंटेनियरिंग की दुनिया में निर्मल पुर्जा का नाम बेहद सम्मान के साथ लिया जाता है। साल 2019 में उन्होंने अपने बहुचर्चित ‘प्रोजेक्ट पॉसिबल’ के तहत महज छह महीने के भीतर दुनिया की सभी 14 आठ हजार मीटर ऊंची चोटियों पर सफलतापूर्वक चढ़ाई कर एक नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया था।
इसके अलावा, साल 2018 में उन्होंने मात्र पांच दिनों के भीतर माउंट एवरेस्ट, ल्होत्से और मकालू जैसी दुनिया की सबसे कठिन चोटियों पर फतह हासिल कर इतिहास रचा था। निर्मल पुर्जा न केवल रिकॉर्ड बनाने के लिए जाने जाते थे, बल्कि उन्होंने कई जोखिम भरे रेस्क्यू मिशनों में भी हिस्सा लिया था और ऊंचे पहाड़ों पर फंसे साथी पर्वतारोहियों की जान बचाई थी।


















