Jantar Mantar Girl FIR PM Modi Case: दिल्ली के जंतर-मंतर पर 30 जुलाई को आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाली 15 वर्षीय किशोरी से जुड़ा मामला अब एक नया मोड़ ले चुका है। प्रधानमंत्री द्वारा अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर वीडियो जारी कर नाबालिग को माफ किए जाने के बाद, किशोरी के वकील और उसकी मां की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर महत्वपूर्ण बयान सामने आए हैं।
किशोरी के वकील अनिल सिंह ने पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर (FIR) की निष्पक्षता और जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। वकील अनिल सिंह का कहना है कि एफआईआर में दर्ज की गई जानकारियां पूरी तरह से असत्य और भ्रामक हैं। पुलिस ने बिना प्राथमिक जांच के जल्दबाजी में यह मामला दर्ज किया है।

वकील ने स्पष्ट किया कि किशोरी की उम्र 15 साल है और वह ओपन स्कूल के माध्यम से 10वीं कक्षा की पढ़ाई कर रही है। एफआईआर में उसे सैलून में काम करने वाली बताया गया है, जो कि पूरी तरह गलत है। वकील ने यह भी बताया कि पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक नोटिस या फोन नहीं आया है और परिवार पर कोई बाहरी दबाव नहीं है। शुक्रवार को छात्रा का जन्मदिन था, ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिया गया माफी का संदेश उसके लिए एक खास उपहार की तरह है।
गौरतलब है कि शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो संदेश साझा किया था। इस वीडियो में उन्होंने जंतर-मंतर पर हुई घटना का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदर्शन के दौरान कुछ बच्चों ने बेहद असभ्य और अभद्र भाषा का प्रयोग किया था, जिससे उन्हें और उनकी दिवंगत माता को लेकर दुखद टिप्पणियां की गईं। हालांकि, पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि वह इस मामले को कटुता या नफरत के नजरिए से नहीं देखना चाहते।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि बचपन में गलतियां होना स्वाभाविक है और बच्चों को अपनी भूल सुधारने का अवसर दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में इस घटना को लेकर नाराजगी होना स्वाभाविक है, लेकिन इन बच्चों को सजा देने या समाज से अलग करने के बजाय सही दिशा में लाना पूरे समाज की नैतिक जिम्मेदारी है। पीएम मोदी ने सकारात्मक सोच के साथ किशोरी को माफ करते हुए देश के युवाओं से अपनी गलतियों से सीखने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। इससे पहले किशोरी ने भी एक वीडियो जारी कर अपनी गलती स्वीकार करते हुए पीएम मोदी से सार्वजनिक माफी मांगी थी।
दूसरी ओर, शनिवार को किशोरी की मां ने सामने आकर अपनी बेटी और परिवार के लिए कड़े सुरक्षा इंतजामों की मांग की है। मां का आरोप है कि जंतर-मंतर का वीडियो वायरल होने और नोएडा पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद से 15 साल की बच्ची को सोशल मीडिया पर बेहद आपत्तिजनक टिप्पणियों, दरिंदगी और जान से मारने की धमकियों का सामना करना पड़ रहा है।
मां ने सुरक्षा की गुहार लगाते हुए कहा कि उनकी बेटी को किसी सुरक्षित स्थान पर रखा जाए ताकि उसके साथ कोई अप्रिय घटना न घटे। उन्होंने अंदेशा जताया कि यदि उनके परिवार के साथ कोई हादसा होता है, तो कुछ तत्व इसका दोष प्रधानमंत्री या उनके समर्थकों पर मढ़ सकते हैं। मां ने भावुक अपील करते हुए कहा कि उनकी बेटी के पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं, इसलिए उसे अपने दिवंगत पिता के घर में कानूनी हक और रहने की जगह मिलनी चाहिए।
अपनी मांगों को रखते हुए किशोरी की मां ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि वह उनकी बेटी को गोद ले लें और उसके अधिकारों को सुनिश्चित करें। इसके साथ ही उन्होंने किशोरी के खिलाफ नोएडा पुलिस में दर्ज एफआईआर को तुरंत वापस लेने की मांग की। मां ने दर्द व्यक्त करते हुए कहा कि यदि उनकी बेटी देश के लिए शहीद होती तो उन्हें गर्व होता, लेकिन एक नाबालिग बच्ची को एक गलती के लिए इस तरह दरिंदगी और हत्या की धमकियां मिलना अत्यंत दुखद है।


















