शिमला ब्यूरो |
हिमाचल प्रदेश के रोहड़ू क्षेत्र में सेब को नाले में फैंकने का मामला, एक बार फिर सुर्ख़ियों में आ गया है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद जहां प्रदेश में आई आपदा के समय विपक्षी दल भाजपा ने सरकार को इस मामले में जमकर घेरा था। वही अब सेब फैंकने वाले बागवान पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एक्शन लेते हुए एक लाख जुर्माना का जुर्माना लगाया है। जिससे यह मामला फिर सुर्ख़ियों में आ गया है।
जानकारी के अनुसार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड हिमाचल प्रदेश (Pollution Control Board himachal Pradesh) ने रोहड़ू क्षेत्र के बागवान यशवंत ठाकुर पर एक लाख जुर्माना लगाया है। हालांकि बागवान यशवंत ठाकुर को इस बारे भेजे नोटिस में बोर्ड ने एक लाख की रकम को जुर्माना ना बताते हुए पर्यावरण को हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति करार दिया है।
नोटिस में बोर्ड ने एनजीटी के 2013 के आदेशों के साथ साथ पर्यावरण संरक्षण कानून का हवाला भी दिया है। साथ ही बागवान यशवंत ठाकुर को जुर्माने की रकम 15 दिनों में बोर्ड के बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते में जमा करने को कहा है। ऐसा न करने की स्थिति में यशवंत ठाकुर के खिलाफ बोर्ड पर्यावरण संरक्षण कानून के प्रावधानों के तहत कार्रवाई करेगी।
क्या था मामला
उल्लेखनीय है कि हिमाचल में बीते जुलाई माह में भारी बारिश की वजह से कई जिलों में सडक़ें क्षतिग्रस्त हुई। इसी बीच रोहड़ू के बागवान यशवंत ठाकुर का सोशल मीडिया में सेब को गाड़ी से क्रेट में उतार कर नाले में फेंकने का वीडियो वायरल हुआ था। जिसके बाद भाजपा ने इस मुद्दे को सरकार को घेरने का अवसर समझते हुए सरकार पर निशाना साधा।
सेब बागवान यशवंत का कहना था कि संपर्क सड़क बंद होने की वजह से उन्होंने सेब को नाले में फेंका। हालांकि सेब को खड्ड में फेंकने के मुद्दे पर ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने उन्हें नोटिस दिया है। साथ ही जुर्माना भी लगाया है। माना जा रहा है कि सेब की वजह से जल प्रदूषण के संभावित खतरे को देखते हुए यह नोटिस दिया गया है।
बागवानी मंत्री ने बताया था षड्यंत्र
इस मामले मुख्यमंत्री और सरकार की तरफ से भी जबाब आया था। खुद बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी का आरोप लगाया है कि भाजपा ने षड्यंत्र के तहत सेब को नाले में नष्ट करने वाला वीडियो बनाया और उसे मीडिया में वायरल किया। उन्होंने कहा था कि भाजपा आपदा में भी अवसर ढूंढ रही है और गंदी राजनीति कर रही है जबकि यह वक्त मदद करने का है। सरकार ने मामले को लेकर एसडीएम रोहड़ू को जांच कर आदेश दिए थे। जिसमें पाया गया है कि भाजपा नेताओं के इशारे पर करीब दो सप्ताह पुराना वीडियो वायरल किया गया था।
नाले में सेब फेंकने वाले बागवान पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का एक्शन, लगाया एक लाख का जुर्माना














