Sirmour News: सिरमौर जिले के पांवटा साहिब में बिट्टा स्टोन क्रशर के खिलाफ हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बड़ी कार्रवाई की है। बोर्ड के निर्देश पर बिजली विभाग ने क्रशर यूनिट की विद्युत आपूर्ति काट दी है। विभाग के अनुसार, क्रशर यूनिट के पास वैध संचालन की सहमति (CTO) नहीं थी और कई बार नोटिस व निर्देश जारी किए जाने के बावजूद आदेशों का अनुपालन नहीं किया गया।
हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय पांवटा साहिब की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 की धारा 33-ए और वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 की धारा 31-ए के तहत की गई है।
2024 से वैध संचालन अनुमति नहीं
विभागीय रिपोर्ट के अनुसार, बिट्टा स्टोन क्रशर को मिली पिछली संचालन अनुमति 31 मार्च 2024 तक वैध थी। इसके बाद नवीनीकरण के लिए किए गए आवेदन में विभागीय टिप्पणियों और निर्देशों का अनुपालन नहीं किए जाने के कारण अस्वीकृत हुए। बाद में यूनिट ने दोबारा नवीनीकरण के लिए आवेदन किया, जिसे 30 मई 2026 को टिप्पणियों के साथ वापस किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, इसके बावजूद यूनिट वैध संचालन अनुमति के बिना संचालित होती रही।
कई बार जारी किए गए नोटिस
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, क्रशर संचालक को 28 सितंबर 2024 से 9 मार्च 2026 के बीच कई बार नोटिस, कारण बताओ नोटिस और निर्देश जारी किए गए। इनमें वैध संचालन अनुमति के बिना गतिविधियां बंद करने और जल एवं वायु प्रदूषण नियंत्रण कानूनों के प्रावधानों का पालन करने के निर्देश दिए गए थे। विभागीय रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यूनिट की पर्यावरण मंजूरी 4 मार्च 2026 को समाप्त हो गई थी, जबकि PMT मंजूरी 6 जून 2026 को समाप्त हो चुकी थी।
निरीक्षण में भी सामने आए उल्लंघन
क्षेत्रीय अधिकारी द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान वैध संचालन अनुमति के बिना यूनिट चलाए जाने और पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन से संबंधित कमियां दर्ज की गईं। रिपोर्ट के मुताबिक, बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद अनुपालन नहीं होने पर विद्युत आपूर्ति काटने की कार्रवाई की गई। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी पवन शर्मा ने भी बिट्टा स्टोन क्रशर की विद्युत आपूर्ति काटे जाने की पुष्टि की है। बिजली विभाग के अधिकारियों ने भी कनेक्शन काटे जाने की पुष्टि की है।
यमुना में अवैध खनन को लेकर भी सवाल
स्थानीय स्तर पर यमुना नदी में कथित अवैध और अनियंत्रित खनन को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। नदी में कई स्थानों पर बड़े गड्ढे होने की बात सामने आई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार खनन से नदी के आसपास के क्षेत्र और यमुना पुल के पिलरों को लेकर भी चिंता बढ़ रही है।
हालांकि, इन दावों की वास्तविक स्थिति और खनन गतिविधियों की वैधता का निर्धारण संबंधित विभागों की जांच और आधिकारिक रिपोर्ट के आधार पर ही किया जा सकता है। स्थानीय लोगों ने यमुना किनारे खनन गतिविधियों के साथ-साथ पांवटा साहिब डिग्री कॉलेज के आसपास रेत-बजरी से भरे वाहनों की आवाजाही को लेकर भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि भारी वाहनों के कारण सड़क पर जाम की स्थिति बनती है और विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।


















