Prajasatta Side Scroll Menu
Bahra University - Shimla Hills

दून विधानसभा में कांग्रेस भाजपा के लिए चुनौती बने आजाद प्रत्याशी देशराज चौहान

Published on: 22 October 2022
दून विधानसभा में कांग्रेस भाजपा के लिए चुनौती बने आजाद प्रत्याशी देशराज चौहान

बद्दी|
दून विधानसभा की कालू झिंडा पंचायत के पूर्व प्रधान व क्षेत्र के प्रमुख समाजसेवी देशराज चौहान ने शुक्रवार को अपने हजारों समर्थकों सहित बतौर आजाद प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। दून क्षेत्र में अब तक तीन उम्मीदवारों ने अपने अपने नामांकन पत्र दाखिल कर दिए हैं। बता दें कि पूर्व में प्रधान रहे देशराज चौहान वर्तमान पिछले कई दशकों से सामाजिक सेवा में लीन है।उनका एक मात्र लक्ष्य समाज सेवा बन गया है। सुबह से देर शाम तक वे लोगों के बीच रहते हैं।

नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद देशराज ने कहा कि वे दून क्षेत्र के इलावा कालका, कसौली,नालागढ़ के लोगों से भी मुखातिब होते रहे हैं। इनकी धर्मपत्नी जिप सदस्य के रूप में कार्य कर रही है। देशराज चौहान की अपने गृह क्षेत्र के इलावा अन्य पंचायतों में भी खासी पकड़ मानी जा रही है। इसका एक बड़ा कारण यह है कि क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से जितने भी सामाजिक व धार्मिक आयोजन हुए है इन्होंने सभी प्रकार के समारोहों में अपनी हाजरी लगा कर अपनी लोकप्रियता को बढ़ाया है। मृदुभाषी व सरल स्वभाव के मालिक देशराज चौहान अपनी मिलनसारिता के लिए प्रख्यात हैं। जब जब ये क्षेत्र के लोगों के बीच जाते हैं लोग आदर सहित इनको पलकों पर बिठा लेते है। हालांकि इन्होंने हमेशा अपनी जेब से क्षेत्र के लोगों की सहायता की है व यही कारण है कि इनके सामाजिक कार्यों, इनके जनून व निस्वार्थ सेवाभाव को देखते आज क्षेत्र के लोग इन्हे विधायक के रूप में देखना चाहते हैं।

देशराज चौहान का कहना है कि उन्होंने क्षेत्र के लोगों की मांग पर बतौर आजाद प्रत्याशी के तौर पर नामांकन भरा है। लोगों की अपेक्षाओं व आकाक्षाओं पर खरा उतरने की कोशिश की जाएगी। सूत्रों की मानें तो निर्दलीय प्रत्याशी देशराज चौहान के नामांकन भरने व चुनाव लड़ने पर अन्य प्रत्याशियों के लिए खतरे की घंटी है। माना जा रहा है कि जहां देशराज का अपना वोट बैंक है वहीं देशराज चौहान सभी पार्टियों की वोटों पर भी सेंध लगा सकते हैं,जिसमे सबसे ज्यादा नुकसान कांग्रेस पार्टी को हो सकता है।

सूत्र यह बताते है कि दून के लोग परिवार वाद को खत्म कर अब निर्दलीय प्रत्याशी को अपना मत देने का मन बना चुके हैं। हालांकि अभी चुनाव का दौर ज्यादा दूर नहीं है लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चा के बाजार गर्म होने लगे हैं। लोग नए समीकरण व नए विकल्प में दून का भविष्य देखने लगे हैं। दून की बाजी किसके हाथ लगेगी यह कहना अभी बहुत जल्दबाजी होगी, लेकिन दून में एक आजाद के रूप में चुनाव लडने का दम भरने वाले देशराज चौहान ने राजनीति के खिलाड़ियों की पटखनी देनी शुरू कर दी है।

Solan Himachal newsSolan HP updateSolan latest updateSolan local newsSolan NewsSolan News todaySolan samachar

Join WhatsApp

Join Now