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Himachal Entry Tax Row: हिमाचल एंट्री टैक्स दरों में वृद्धि के विरोध में स्थानीय लोगों सहित धरने पर बैठे दून पूर्व विधायक पम्मी

Himachal Entry Tax Update: हिमाचल प्रदेश की सीमाओं पर पंजाब और हरियाणा के लोगों का उग्र प्रदर्शन और चक्का जाम जारी है। फिलहाल, सीमाओं पर तनाव की स्थिति बनी हुई है और प्रशासन की ओर से मार्ग बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं
Published on: 1 April 2026
Himachal Entry Tax Row: हिमाचल एंट्री टैक्स दरों में वृद्धि के विरोध में स्थानीय लोगों सहित धरने पर बैठे दून पूर्व विधायक पम्मी

Himachal Entry Tax Row:  प्रदेश सरकार द्वारा हिमाचल एंट्री टैक्स (प्रवेश शुल्क) की दरों में की गई बढ़ोतरी के विरोध में पंजाब और हरियाणा से सटी राज्य की सीमाओं पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। टैक्स दरों में वृद्धि के विरोध में आज सुबह से ही पड़ोसी राज्यों के लोगों ने सड़कों पर उतरकर चक्का जाम कर दिया, जिससे हिमाचल आने-जाने वाले हजारों वाहनों के पहिए थम गए हैं।

विरोध प्रदर्शन का सबसे व्यापक असर जिला सोलन की सीमाओं पर देखने को मिल रहा है। बरोटीवाला, बद्दी, बघेरी, ढेरोवाल और दभोटा जैसे प्रमुख एंट्री पॉइंट्स पर प्रदर्शनकारियों ने मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया है। स्थानीय निवासियों और यात्रियों पर पड़े अतिरिक्त वित्तीय बोझ के विरोध में पूर्व विधायक परमजीत सिंह पम्मी स्थानीय ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठ गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने सुक्खू सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और बढ़ी हुई दरों को तत्काल वापस लेने की मांग की।

बद्दी बॉर्डर पर धरने के दौरान पूर्व विधायक परमजीत सिंह पम्मी ने सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि सुबह जब लोग अपने काम और अन्य दैनिक कार्यों के लिए हिमाचल की ओर निकले, तो उनसे बढ़ी हुई दरों पर पर्ची काटी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों पर जबरन टैक्स थोप रही है, जिससे आम जनजीवन और सामाजिक रिश्तों पर बुरा असर पड़ रहा है।

पूर्व विधायक ने पिछली भाजपा सरकार का हवाला देते हुए कहा कि जयराम ठाकुर के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान छोटी गाड़ियों और पिकअप वाहनों का एंट्री टैक्स माफ करवाया गया था ताकि आम जनता को राहत मिल सके। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि बद्दी एक सीमावर्ती क्षेत्र है जहां लोगों की रिश्तेदारियां दूसरे राज्यों में हैं। अब 170 रुपये की पर्ची होने के कारण रिश्तेदारों का आना-जाना मुश्किल हो जाएगा, जिससे सामाजिक संबंधों में दूरियां बढ़ेंगी।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कांग्रेस नेता इस मुद्दे पर गुमराह करने वाले बयान दे रहे हैं। पूर्व विधायक पम्मी ने स्पष्ट किया है कि जब तक सरकार टैक्स की बढ़ी हुई दरें वापस नहीं लेती, तब तक यह विरोध प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा। धरने के दौरान बड़ी संख्या में सीमावर्ती गांवों के निवासी मौजूद रहे, जिन्होंने सरकार से इस फैसले को जनहित में बदलने की अपील की है।

इस गतिरोध के कारण हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और गुजरात सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले पर्यटकों और मालवाहक वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। वहीं, हिमाचल से बाहर जाने वाले स्थानीय लोग और पर्यटक भी बीच रास्ते में फंसे हुए हैं।

यातायात बाधित होने का सीधा असर हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक हब बद्दी-नालागढ़ पर पड़ रहा है। औद्योगिक क्षेत्र पहले से ही पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चुनौतियों का सामना कर रहा है, अब कच्चे माल की आपूर्ति और तैयार माल की निकासी रुकने से उत्पादन पर गंभीर संकट मंडराने लगा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह जाम लंबा खिंचता है, तो उद्योगों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

टैक्स दरों में अचानक आई तेजी को लेकर आबकारी विभाग (Excise Department) ने स्पष्टीकरण जारी किया है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि टोल की संशोधित दरें अभी तक तकनीकी रूप से सिस्टम में अपडेट नहीं हो पाई हैं, जिसके कारण सॉफ्टवेयर अधिक शुल्क दिखा रहा है। विभाग के अनुसार, सरकार के निर्देशानुसार केवल मामूली संशोधन किया गया है और पुरानी दरों के आधार पर ही वसूली की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। फिलहाल, सीमाओं पर तनाव की स्थिति बनी हुई है और प्रशासन की ओर से मार्ग बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

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