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कसौली कांग्रेस में भी चौहान और सुल्तानपुरी गुट आमने-सामने, कारण-बाहरी लोगों की हकुमत और दो बार की हार

कसौली कांग्रेस में भी चौहान और सुल्तानपुरी गुट आमने-सामने, कारण-बाहरी लोगों की हकुमत और दो बार की हार

प्रजासत्ता।
विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही कसौली विधानसभा में कांग्रेस की गुटबाजी खुलकर सामने आने लगी है। जिसका सीधा दृष्टांत शिमला ग्रामीण विधायक विक्रमादित्य के नेतृत्व में निकली जा रही रोजगार संकल्प यात्रा के कसौली विधानसभा के धर्मपुर और गड़खल में आयोजित कार्यक्रम में देखने को मिला। दरअसल धर्मपुर में रोजगार संघर्ष यात्रा के शुरू होने से पहले दो धड़ों रमेश चौहान और विनोद सुल्तानपुरी गुट में आमने-सामने नारेबाजी हुई।

इसी बीच एक धड़े ने विनोद सुल्तानपुरी को कंधे पर उठाकर दूसरी ओर ले गया और दूसरी ओर खड़े ब्लॉक कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच विनोद सुल्तानपुरी गुट ने जाकर जमकर नारेबाजी की। इस तरह से विनोद सुल्तानपुरी के समर्थकों ने शक्ति प्रदर्शन किया। इस दौरान विनोद सुल्तानपुरी भी काफी जोश में नजर आए। वहीँ दुसरे धड़े में ब्लॉक कांग्रेस के अध्यक्ष ठाकुर दास शर्मा, रमेश चौहान और हाल ही कांग्रेस में शामिल हुए ध्यान सिंह भी मौजूद थे।

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हालांकि रोजगार संकल्प यात्रा के आयोजन के लिए पहले जब कसौली कांग्रेस की बैठक हुई थी, तो उसमे सभी ने सर्व सहमति में गड़खल में इस कार्यक्रम के आयोजन को लेकर हामी भरी थी, लेकिन रमेश चौहान गुट ने अपना शक्ति प्रदर्शन दिखाने के लिए एकाएक धर्मपुर में कार्यक्रम आयोजित कर लिया। जिस बात की नाराजगी कही न कहीं दुसरे गुट मे नजर आई, और इसी बात की चर्चा रोजगार यात्रा के दौरान इकठ्ठा हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं में होती रही।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं में रमेश चौहान और ध्यान सिंह के खिलाफ काफी विरोध स्वर उठ रहे थे,वहीँ कसौली कांग्रेस के अध्यक्ष ठाकुर दास का भी विरोध खुलकर हुआ, तो कसौली से अध्यक्ष की कमान युवा नेता अजय कँवर को देने की मांग भी उठी। क्योंकि कसौली से कांगेस कार्यकर्ता कसौली से अध्यक्ष ठाकुरदास और कांग्रेस प्रवक्ता रमेश चौहान को बाहरी मानते हैं। उनका कहना है कि बाहरी लोग यहाँ अपनी हकुमत चला रहे हैं और पार्टी से जुड़े स्थानीय लोगों को दरकिनार किया जा रहा है। विरोध का दूसरा सबसे बड़ा कारण कांग्रेस कार्यकर्ताओं को कसौली से विनोद सुल्तानपुरी की दो बार हार के पीछे रमेश चौहान का हाथ लगता है। जिसका जिक्र गड़खल में मौजूद हर कोई कार्यकर्त्ता कर रहा था।

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हालांकि चुनाव में टिकट किस गुट के उम्मीदवार को मिलेगा वह तो आने वाला समय ही बतायेगा, लेकिन पार्टी के अन्दर जो विरोध के स्वर उठ रहे हैं, उससे यह बात साफ है सब कुछ ठीक नहीं है और अगर मौजूदा विधायक और स्वास्थ्य मंत्री जीत का चौका लगते हैं तो कसौली से अगामी लम्बे समय तक कांग्रेस ऊपर नहीं उठ पाएगी। क्योंकि चौहान गुट ध्यान सिंह और सोकृत कश्यप के लिए टिकट की मांग कर रहा है। इनमे से प्राथमिकता ध्यानसिंह के लिए है। जबकि एक गुट चाहता है की कैबिनेट मत्री राजीव सैजल को हराने में अगर को अहम भूमिका निभा सकता है तो वह विनोद सुल्तानपुरी ही हो सकते है। क्योंकि पहले भी दो बार उन्होंने राजीव सैजल को कांटे की टक्कर दी।

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