Solan RLA Scam: हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के बहुचर्चित आरएलए वाहन पंजीकरण फर्जीवाड़े में पुलिस एसआईटी को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। सोलन पुलिस की एक विशेष टीम ने इस पूरे घोटाले के मुख्य तकनीकी मास्टरमाइंड को हरियाणा के गुरुग्राम से धर दबोचा है। इस शातिर आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब इस हाई-प्रोफाइल जालसाजी मामले में सलाखों के पीछे पहुंचने वाले कुल आरोपियों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है। पुलिस इस आरोपी को पकड़ने के लिए काफी समय से प्रयासरत थी।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस साल मई महीने में इस पूरे घोटाले के मुख्य मास्टरमाइंड गौरव भारद्वाज को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस द्वारा की गई कड़ी और गहन पूछताछ में गौरव भारद्वाज ने इस तकनीकी खेल के पीछे छिपे असली चेहरे का पर्दाफाश किया था। गौरव ने पुलिस के सामने हरियाणा के गुरुग्राम के रहने वाले साहुन खान के नाम का खुलासा किया था, जिसके बाद पुलिस ने साहुन खान की तलाश में अपनी जांच तेज कर दी थी।

मामले की जांच में यह बेहद चौंकाने वाला सच सामने आया है कि साहुन खान ही वह मुख्य तकनीकी मास्टरमाइंड था, जो पूरे रैकेट को ऑपरेट कर रहा था। साहुन खान सरकारी वाहन पोर्टल को अवैध तरीके से हैक करने और उसमें फर्जी लॉगिन आईडी बनाने के काम को अंजाम देता था। साहुन खान का नाम सामने आने के तुरंत बाद सोलन पुलिस ने उसे दबोचने के लिए उसके कई संभावित ठिकानों पर बार-बार दबिश दी थी, लेकिन वह बेहद शातिर होने के कारण हर बार पुलिस की भनक लगते ही चकमा देकर फरार होने में कामयाब हो जाता था। अंततः पुलिस ने पुख्ता रणनीति के तहत जाल बिछाकर उसे गुड़गांव से दबोच लिया।
विदित रहे कि सोलन में चल रहे इस बहुत बड़े आरएलए फर्जीवाड़े का आधिकारिक तौर पर खुलासा इसी साल 26 जनवरी को हुआ था। इस मामले को लेकर तत्कालीन एसडीएम सोलन डॉ. पूनम बंसल ने पुलिस विभाग में एक औपचारिक शिकायत दर्ज करवाई थी। शुरुआती जांच के दौरान यह मामला उत्तर प्रदेश नंबर के केवल तीन ट्रालों को आरएलए सोलन में फर्जी और अवैध तरीके से पंजीकृत करने तथा उसके बाद उन्हें आरएलए झंडूता में ट्रांसफर करने का प्रतीत हो रहा था।
शुरुआती शिकायत के बाद जब सोलन पुलिस ने मामले की गहराई से तफ्तीश शुरू की, तो परतें खुलती चली गईं। पुलिस जांच में यह स्पष्ट हो गया कि यह अवैध खेल केवल तीन ट्रालों तक ही सीमित नहीं था, बल्कि इसका दायरा बेहद विशाल था। इस गिरोह द्वारा करीब 70 से अधिक विभिन्न वाहनों को आरएलए सोलन में पूरी तरह फर्जी दस्तावेजों और फर्जी आईडी के सहारे पंजीकृत किया गया था। इन वाहनों को सोलन में दर्ज करने के बाद बिलासपुर और झंडूता आरएलए में अवैध रूप से ट्रांसफर कर दिया गया था।
वाहन पंजीकरण घोटाले का यह दायरा और आकार लगातार बड़ा होता देख पुलिस अधीक्षक सोलन ने इस पूरे मामले की कड़ाई से जांच करने के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया था। वर्तमान में यह एसआईटी टीम डीएसपीअशोक चौहान की अध्यक्षता में बहुत बारीकी से काम कर रही है। इस विशेष टीम में सोलन के थाना प्रभारी हंसराज सहित पुलिस विभाग के कई अन्य तेजतर्रार और कुशल सदस्यों को शामिल किया गया है, जो लगातार तकनीकी पहलुओं की जांच कर रहे हैं।
इस बड़े फर्जीवाड़े के मामले में सोलन पुलिस की एसआईटी टीम ने तत्परता दिखाते हुए पहले तत्कालीन पंजीकरण क्लर्क और मुख्य आरोपी गौरव भारद्वाज सहित कुल सात अन्य आरोपियों को अलग-अलग समय पर गिरफ्तार कर जेल भेजा था। अब इसी कड़ी में तकनीकी विशेषज्ञ साहुन खान को भी दबोच लिया गया है। डीएसपी अशोक चौहान ने गुरुग्राम से हुई इस नई और महत्वपूर्ण गिरफ्तारी की आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है।
डीएसपी अशोक चौहान ने बताया कि हरियाणा के गुरुग्राम से पकड़ा गया यह आरोपी इस पूरे वाहन पंजीकरण फर्जीवाड़े का एक बेहद अहम और मजबूत मास्टरमाइंड है, जो पोर्टल के तकनीकी हिस्से को संभालता था। फिलहाल सोलन पुलिस की विशेष टीम साहुन खान को रिमांड पर लेकर कड़ी पूछताछ कर रही है। पुलिस अधिकारियों को पूरी उम्मीद है कि साहुन खान से होने वाली इस गहन पूछताछ के बाद इस अंतरराज्यीय रैकेट से जुड़े कई और चौंकाने वाले बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं तथा कुछ अन्य चेहरों से भी नकाब उतर सकता है।
















