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पेपर लीक के खिलाफ लड़ रही ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का खुद का डेटा लीक, एथिकल हैकर के दावे के बाद मचा हड़कंप

Cockroach Janta Party News: कॉकरोच जनता पार्टी के सदस्यों का निजी डेटा ऑनलाइन लीक होने का सनसनीखेज दावा। एथिकल हैकर निसर्ग अधिकारी के खुलासे के बाद पार्टी फाउंडर दिपके ने पूरे डेटाबेस को ऑफलाइन किया, सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल।
Published on: 3 July 2026
Cockroach Janta Party data leak: पेपर लीक के खिलाफ लड़ रही 'कॉकरोच जनता पार्टी' का खुद का डेटा लीक, एथिकल हैकर के दावे के बाद मचा हड़कंप

Cockroach Janta Party Data Leak: देश में पेपर लीक और भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन चला रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) खुद एक बड़े साइबर सुरक्षा संकट में घिर गई है। एथिकल हैकर निसर्ग अधिकारी ने दावा किया है कि इस राजनीतिक दल की आधिकारिक वेबसाइट से इसके सदस्यों की बेहद संवेदनशील और निजी जानकारियां सार्वजनिक रूप से लीक हो रही हैं। इस गंभीर सुरक्षा खामी के सामने आने के बाद पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पूरे प्रभावित डेटाबेस को इंटरनेट से हटाकर ऑफलाइन कर दिया है।

प्राप्त विवरण के अनुसार, यह मामला तब प्रकाश में आया जब पूर्व में CBSE के ऑनलाइन स्पॉट इवैल्यूएशन पोर्टल में बड़ी सुरक्षा खामियों का पर्दाफाश करने वाले एथिकल हैकर निसर्ग अधिकारी ने 1 जुलाई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कुछ स्क्रीनशॉट साझा किए। इन तस्वीरों में उन आम नागरिकों और कार्यकर्ताओं की विस्तृत निजी जानकारियां साफ दिखाई दे रही थीं, जिन्होंने सदस्यता अभियान के तहत कॉकरोच जनता पार्टी की वेबसाइट पर पंजीकरण कराया था।

लीक हुई इस डेटा शीट में सदस्यों के नाम, पंजीकृत मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और जन्मतिथि जैसी अत्यंत महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, इस सूची में वह विवरण भी दर्ज पाया गया है जिसमें सदस्यों ने यह स्पष्ट किया था कि वे इस विशिष्ट दल और इसके अभियानों से क्यों जुड़ना चाहते थे। डेटा सुरक्षा के लिहाज से इसे एक बड़ा उल्लंघन माना जा रहा है क्योंकि इस जानकारी का दुरुपयोग हो सकता है।

निसर्ग अधिकारी ने सोशल मीडिया पर इन साक्ष्यों को साझा करते हुए लिखा कि उन्हें कॉकरोच जनता पार्टी की वेबसाइट की तकनीकी संरचना में कई अत्यंत गंभीर कमियां मिली हैं। इन कमियों के कारण न केवल सदस्यों की निजी जानकारी बल्कि वेबसाइट का मुख्य सोर्स कोड भी पूरी तरह असुरक्षित होकर बाहर आ रहा था। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तकनीकी खामी की विस्तृत रिपोर्ट कॉकरोच जनता पार्टी की तकनीकी टीम के साथ-साथ भारत सरकार की प्रमुख साइबर सुरक्षा एजेंसी ‘सर्ट-इन’ को भी भेज दी गई है।

भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम, केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करने वाली देश की नोडल एजेंसी है, जिसका प्राथमिक कार्य राष्ट्रीय स्तर पर साइबर हमलों की निगरानी करना, देश के डिजिटल बुनियादी ढांचे की रक्षा करना और सुरक्षा संबंधी खतरों से निपटना है। इस शीर्ष संस्था को रिपोर्ट किए जाने के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।

इस पूरे घटनाक्रम पर कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी की है। उन्होंने इस सुरक्षा चूक को स्वीकार करते हुए निसर्ग अधिकारी का आभार व्यक्त किया है। दिपके ने सोशल मीडिया पर लिखा कि इस संवेदनशील तकनीकी मामले की ओर ध्यान आकर्षित करने और उनकी आंतरिक टीम से संवाद स्थापित करने के लिए वे हैकर के आभारी हैं। उन्होंने पुष्टि की कि तकनीकी टीम वर्तमान में इस समस्या को स्थायी रूप से ठीक करने में जुटी है और एहतियात के तौर पर पूरे डेटाबेस को तत्काल प्रभाव से ऑफलाइन कर दिया गया है।

हालांकि, इस तकनीकी उल्लंघन के पीछे किसी बाहरी साइबर अपराधी या हैकर समूह का हाथ है अथवा यह वेबसाइट के खराब कोडिंग प्रबंधन का परिणाम है, इस पर अभी तक किसी भी पक्ष द्वारा किसी विशिष्ट नाम का खुलासा नहीं किया गया है।

इस डेटा लीक से ठीक पहले, 1 जुलाई को ही अभिजीत दिपके ने एक अन्य गंभीर आरोप भी लगाया था। उन्होंने दावा किया था कि उनकी व्यक्तिगत और व्यावसायिक फोन कॉल्स की अवैध रूप से निगरानी की जा रही है। दिपके के अनुसार, उन्हें व्यवस्था के भीतर के विश्वसनीय सूत्रों से यह सूचना मिली है कि उनके फोन नंबरों को सर्विलांस पर रखा गया है और उनके व्हाट्सएप कॉल्स तथा चैट्स की लगातार जासूसी की जा रही है।

इस पूरे मामले को उजागर करने वाले निसर्ग अधिकारी वही युवा एथिकल हैकर हैं, जिन्होंने इसी वर्ष सीबीएसई से अपनी 12वीं कक्षा की शिक्षा पूर्ण की है। इतनी कम उम्र के बावजूद वे कई तकनीकी स्टार्टअप्स के साथ सलाहकार के रूप में कार्य कर चुके हैं। इससे पहले उन्होंने सीबीएसई के ओएसएम पोर्टल में पांच बेहद गंभीर सुरक्षा कमियां खोजकर राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरी थीं, जिसके बाद आईआईटी कानपुर के निदेशक मणेंद्र अग्रवाल ने स्वयं उनसे मुलाकात कर उन्हें सीधे नौकरी का प्रस्ताव दिया था।

वर्तमान में कॉकरोच जनता पार्टी देश में जारी पेपर लीक विवाद को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर निरंतर विरोध प्रदर्शन आयोजित कर रही है। इस आंदोलन में प्रसिद्ध पर्यावरणविद सोनम वांगचुक भी शामिल हैं, जिनकी भूख हड़ताल लगातार जारी है। पार्टी की मुख्य मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से तुरंत इस्तीफा दें। देश के विभिन्न राज्यों में भ्रष्टाचार के खिलाफ मोर्चा खोलने वाली इस पार्टी का अपना डेटा लीक होना अब राजनीतिक और तकनीकी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।

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