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Bahra University - Shimla Hills

टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज के अनियंत्रित प्रदूषण के खिलाफ NGT जाएंगे सामाजिक कार्यकर्ता बबलू पंडित

Published on: 30 November 2020
सामाजिक कार्यकर्ता बबलू पंडित के साथ अधिवक्ता राजेश कुमार परमार एवं युवा नेता प्रकाश

प्रजासत्ता|
सामाजिक कार्यकर्ता और युवा नेता बबलू पंडित ने आज यह बताया की बीवीएन क्षेत्र में विशेषता बद्दी में जो टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज हैं वह सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत से अनियंत्रित तरीके से वातावरण को दूषित कर रही हैं| बबलू पंडित ने बताया की इन फैक्ट्रियों द्वारा ना केवल वायुमंडल दूषित किया जा रहा है अपितु जल स्त्रोत भी दूषित किए जा रहे हैं| दो बड़ी टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज का नाम लेकर उन्होंने बताया केवल एक कंपनी ही प्रतिदिन 1600000 लीटर भूमिगत जल ना केवल उपयोग में ला रही है अपितु उसे दूषित करके नदी नालों में छोड़ा जा रहा है जिससे नदी नालों की मछलियां समाप्त हो गई हैं और आम जनमानस जो उन नदी नालों का पानी उपयोग में ला रहे हैं उन्हें कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से जूझना पड़ रहा है|

हैरानी की बात यह है यह सब सरेआम हो रहा है और प्रशासन और प्रशासनिक अधिकारी इस पर आंखें मूंद कर के बैठे हैं| बबलू ने बताया की वह काफी समय से टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज द्वारा किए गए प्रदूषण संबंधित दस्तावेज इकट्ठे कर रहे है परंतु स्वास्थ्य संबंधी समस्या के कारण वह कोर्ट ना जा सके| मौजूदा समय में स्वास्थ्य संबंधित बीमारियां विशेषत: कैंसर बी बी एन क्षेत्र की आम समस्या बन गई है और शासन प्रशासन के साथ-साथ मौजूदा विधायक भी इस पर आंखें मूंद कर बैठे हैं|

टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज द्वारा छोड़े गए दूषित पानी का टीडीएस 25000 के आसपास है जो कि ट्रीटमेंट प्लांट द्वारा ट्रीट नहीं हो सकता जिससे वातावरण को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है| बबलू पंडित ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के द्वारा पारित किए गए पूर्व में निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि लार्ज इंडस्ट्रीज के ऊपर एक करोड रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है| हालांकि यह जुर्माना बद्दी की टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज के संबंध में अरबों में होगा क्योंकि बीवीएन की टैक्सटाइल इंडस्ट्री पिछले 20 25 सालों से भी अधिक समय से वातावरण को नुकसान पहुंचा रहे हैं|

बबलू पंडित के अधिवक्ता राजेश कुमार परमार ने बताया की टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज बीबीएन द्वारा जो पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है वह एनवायरमेंट प्रोटक्शन एक्ट और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल एक्ट के तहत संगेय अपराध है और जिस तरह जेपी सीमेंट प्लांट बगेरी नालागढ़ को भारी जुर्माना हुआ था उसी तरह का भारी जुर्माना बी बी एन मैं प्रदूषण फैला रहे टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज को भी होगा और जल्द ही वह इस मुद्दे को लेकर माननीय एनजीटी दिल्ली जाएंगे|

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