Solan News: हिमाचल प्रदेश के दून विधानसभा क्षेत्र में वन विभाग के पट्टा ब्लॉक ऑफिसर सतीश कुमार पर भ्रष्टाचार के मामले में बड़ी विभागीय गाज गिरी है। रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े जाने के बाद वन विभाग ने आधिकारिक कार्रवाई करते हुए सोमवार को उन्हें निलंबित कर दिया है।
इस मामले में विजिलेंस टीम द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपी ब्लॉक ऑफिसर सतीश कुमार और उनका एक दलाल वर्तमान में न्यायिक हिरासत में चल रहे हैं। दोनों आरोपियों के खिलाफ मामले से जुड़ी आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि विजिलेंस टीम ने बीते शुक्रवार को पट्टा स्थित वन विभाग के कार्यालय में छापेमारी की थी। इस दौरान बीओ सतीश कुमार को कथित तौर पर 22 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया था। जांच में सामने आया कि आरोपी अधिकारी ने खैर कटान की अनुमति से जुड़ी फाइल को आगे बढ़ाने के एवज में शुरुआत में 50 हजार रुपये की मांग की थी, लेकिन बाद में सौदा 22 हजार रुपये में तय हुआ था।
विजिलेंस विभाग ने भ्रष्टाचार के इस गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए जाल बिछाया आरोपी ब्लॉक ऑफिसर और उसके साथ एक दलाल को रंगे हाथ दबोचा। आरोपितों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा-7 के तहत मामला दर्ज किया है। इसके बाद दोनों को अदालत के समाने पेश किया गया था जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
उधर, आरोपी बीओ की गिरफ्तारी के बाद नियमानुसार कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए डीएफओ कुनिहार राज कुमार शर्मा ने उनके निलंबन का प्रस्ताव तैयार किया था। उन्होंने निलंबन की सिफारिश के लिए अरण्यपाल, वन वृत्त बिलासपुर को आधिकारिक पत्र भेजा था। पत्र पर संज्ञान लेते हुए सोमवार को अरण्यपाल वन वृत्त बिलासपुर मृत्युंजय माधव ने सतीश कुमार को नियमानुसार निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मामले की पुष्टि करते हुए डीएफओ कुनिहार राज कुमार शर्मा ने बताया कि बीओ सतीश कुमार की गिरफ्तारी के तुरंत बाद ही निलंबन प्रक्रिया शुरू कर अरण्यपाल कार्यालय को पत्र भेजा गया था। वहीं, अरण्यपाल वन वृत्त बिलासपुर मृत्युंजय माधव ने भी पुष्टि की कि सोमवार को प्रशासनिक नियमों के तहत सतीश कुमार के निलंबन का आदेश जारी कर दिया गया है।


















