Kasauli Politics: भाजपा कसौली मंडल अध्यक्ष लक्ष्मी दत्त अत्री ने कांग्रेस नेताओं द्वारा विधायक विनोद सुल्तानपुरी को बार-बार “सड़कों वाला विधायक” बताकर वाहवाही करने पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं को विकास कार्यों का श्रेय लेने से पहले अपने लंबे शासनकाल का हिसाब जनता के सामने रखना चाहिए।
अत्री ने कहा कि कांग्रेस इन दिनों यह प्रचार करने में लगी है कि विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने उन क्षेत्रों तक सड़कें पहुंचा दी हैं, जहां आज तक सड़क नहीं पहुंची थी और इसी उपलब्धि को लेकर वे पूर्व विधायक एवं पूर्व मंत्री राजीव सैजल को निशाना बनाकर पूछ रहे हैं कि उन्होंने 15 वर्षों में क्या किया। उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर जिन गांवों और दुर्गम क्षेत्रों में सड़क नहीं थी, वहां सड़क पहुंचना अच्छी बात है और लोगों को सड़क सुविधा मिलना स्वागत योग्य है।
लेकिन कांग्रेसियों को इतिहास भूलकर केवल राजनीतिक वाहवाही लूटने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। अत्री ने कहा कि पूर्व मंत्री राजीव सैजल ने अपने कार्यकाल में कसौली विधानसभा क्षेत्र के ऐसे अनेक दुर्गम गांवों तक सड़कें पहुंचाईं, जहां लोग वर्षों तक पैदल चलकर और सिर पर टोकरियां उठाकर अपनी सब्जियां मंडियों तक पहुंचाने को मजबूर थे।
उन्होंने कहा कि सैजल के कार्यकाल में केवल नई सड़कों को जोड़ने का काम ही नहीं हुआ, बल्कि पुरानी सड़कों के रखरखाव और उन्हें बेहतर बनाए रखने पर भी बराबर ध्यान दिया गया। अत्री ने कांग्रेस को सीधे सवाल करते हुए कहा कि कांग्रेस को यह भी सोचना चाहिए कि अगर 25 साल तक उसका विधायक और करीब 30 साल तक उसका सांसद इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करता रहा, तो आखिर इतने लंबे समय में उन दुर्गम इलाकों तक सड़कें क्यों नहीं पहुंच पाईं?
कमी कहां रही—व्यवस्था में, इच्छाशक्ति में या फिर कांग्रेस की प्राथमिकताओं में? उन्होंने कहा कि आज भाजपा सरकार और पूर्व मंत्री राजीव सैजल के कार्यकाल में किए गए कामों को भूलकर कांग्रेस केवल नए कामों की वाहवाही लूटने में लगी है, लेकिन जनता इतनी भी भोली नहीं है कि वह पिछले दशकों का इतिहास भूल जाए।
अत्री ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं को यह बताना चाहिए कि जब उनके पास लगातार 25 वर्षों तक विधानसभा और करीब 30 वर्षों तक संसद का प्रतिनिधित्व रहा, तब भी जिन गांवों के लोग सड़क के लिए तरसते रहे, उसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी थी। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक कांग्रेस का ही सांसद रहा है। इसलिए कांग्रेस नेताओं को दूसरों पर उंगली उठाने से पहले एक बार अपने राजनीतिक परिवार के कार्यकाल का भी हिसाब जनता के सामने रखना चाहिए।
अत्री ने कहा कि आज अगर कांग्रेस किसी गांव में सड़क पहुंचने पर श्रेय ले रही है तो उसे यह भी जवाब देना चाहिए कि उसी गांव को सड़क से जोड़ने में इतनी देर क्यों हुई और उसके जिम्मेदार कौन थे। उन्होंने कहा कि भाजपा विकास के हर काम का स्वागत करती है, लेकिन कांग्रेस द्वारा हर नए कार्य को अपनी सरकार की ऐतिहासिक उपलब्धि बताकर पूर्व सरकारों को कटघरे में खड़ा करने की राजनीति ज्यादा दिन नहीं चलेगी।
अत्री ने कांग्रेस नेताओं को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उन्हें विकास की तुलना करनी ही है तो खुले मंच पर कांग्रेस के 25 वर्षों के विधायक कार्यकाल, करीब 30 वर्षों के सांसद कार्यकाल और भाजपा के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों का हिसाब-किताब जनता के सामने रख दिया जाए, फिर जनता खुद तय कर देगी कि किसने क्या किया और किसने केवल राजनीति की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पहले अपने लंबे शासनकाल का हिसाब दे, फिर भाजपा के 15 वर्षों पर सवाल उठाए—वरना दूसरों से हिसाब मांगने की राजनीति जनता के सामने खुद कांग्रेस के लिए सवाल बन जाएगी।


















