Arki Ruplal Death Mystery: सोलन जिला के मांगल क्षेत्र के करोग गांव में 15 अगस्त को हुई रूपलाल की मौत का मामला अब सड़क दुर्घटना से हत्या के संदेह में तब्दील होता दिख रहा है। मृतक के भाई राकेश कुमार ने पुलिस अधीक्षक सोलन को पत्र लिखकर मामले की दोबारा गहन जांच कराने और दोषियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 के तहत हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि इस घटना को जानबूझकर दुर्घटना का रूप दिया गया है, जबकि यह एक सोची-समझी हत्या हो सकती है। परिवार के अनुसार घटना वाले दिन थाना प्रभारी बागा द्वारा रूपलाल की मृत्यु का कारण कार दुर्घटना दर्ज किया गया था। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 281 और 106(ए) के तहत एफआईआर दर्ज की थी। हालांकि, मृतक के भाई ने घटना से जुड़े कई ऐसे बिंदुओं पर गंभीर संदेह जताया है, जो दुर्घटना वाली थ्योरी को कटघरे में खड़ा करते हैं।
शिकायत में बताया गया है कि 15 अगस्त की रात करीब 11:30 बजे धनी राम नामक व्यक्ति ने मृतक के भतीजे को फोन कर पूछा कि उसके पिताजी कहां हैं। उस समय धनी राम के घर पर एक कार्यक्रम चल रहा था और उसकी लाइव वीडियो में रूपलाल तथा अन्य लोग नाचते हुए दिखाई दे रहे थे। इसके बावजूद धनी राम ने परिजनों से झूठ बोला कि रूपलाल उनके यहां नहीं आए हैं।
इसके कुछ देर बाद उन्होंने दोबारा फोन कर नाले में गाड़ी गिरने की आवाज आने की सूचना दी। जब परिजन मौके पर पहुंचे तो धनी राम और उनकी पत्नी रमा देवी पहले से ही वहां मौजूद थे। रूपलाल को गाड़ी से बाहर निकालने के बाद दोनों चुपचाप अपने घर लौट गए, जिससे परिवार का संदेह और गहरा गया।
परिजनों के अनुसार दुर्घटना स्थल पर गाड़ी का चालक रामपाल मौजूद नहीं था। वह उस समय धनी राम के घर पर था। परिवार का आरोप है कि मृतक का घर दुर्घटना स्थल से धनी राम के घर की तुलना में अधिक नजदीक था। इसके बावजूद चालक ने घटना की सूचना सबसे पहले परिजनों को क्यों नहीं दी, जबकि वह परिवार के सभी सदस्यों को अच्छी तरह जानता था।
शव की स्थिति को लेकर भी परिवार ने गंभीर सवाल उठाए हैं। मृतक के गले की दाहिनी तरफ एक गहरा घाव था, जिससे खून निकलना स्वाभाविक था, लेकिन वहां खून के निशान नहीं थे। ऐसा लगता था कि घाव को धो दिया गया हो। मृतक की कमीज पर बहुत कम खून था और वह धुली हुई प्रतीत हो रही थी।
इसके अलावा गाड़ी या आसपास कहीं भी खून के निशान नहीं मिले। गले पर चोट होने के बावजूद बनियान पर खून का कोई दाग नहीं था, जिससे संदेह पैदा होता है कि बनियान बदली गई हो सकती है। इसके अलावा, पलटी हुई गाड़ी से चालक का सुरक्षित बाहर निकलना और उसके शरीर पर चोट के कोई निशान या खरोंच न होना भी जांच का विषय है।

परिवार का मानना है कि रूपलाल की हत्या गले पर भारी-नुकीली वस्तु से वार करके की गई और बाद में मामले को छिपाने के लिए गाड़ी को नाले में गिराकर दुर्घटना का रूप दिया गया। मौके से मिली एक अतिरिक्त कार की चाबी की भी जांच की मांग की गई है। परिवार ने इस मामले में बीएनएस की धारा 103 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की गुहार लगाते हुए इन सभी बिंदुओं को आधार बनाते हुए परिवार ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
ताकि यह स्पष्ट हो सके कि रूपलाल की मौत सड़क दुर्घटना में हुई या यह सुनियोजित हत्या थी। फिलहाल मामले की जांच चल रही है। परिवार के अनुसार शिमला में हुए पोस्टमॉर्टम की दी गई शुरुआती जानकारी सड़क दुर्घटना की ओर इशारा करती है, लेकिन अंतिम कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएंगे।
परिवार को आशंका है कि कार्यक्रम में हुई किसी बात की रंजिश के चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया है, जिसे सुनियोजित तरीके से छुपाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी के मद्देनजर, राकेश कुमार ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 के तहत हत्या का मामला दर्ज कर निष्पक्ष और कड़ी कानूनी कार्रवाई की गुहार लगाई है। फिलहाल पुलिस प्रशासन द्वारा इस पूरे मामले की विभिन्न पहलुओं से गहनता से जांच की जा रही है।


















