Shimla News: शिमला जिले में लंबे अंतराल के बाद राजनीतिक समीकरण बदलते हुए भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के मजबूत गढ़ में बड़ी जीत हासिल की है। जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए हुए चुनावों में भाजपा ने अपने दोनों उम्मीदवारों को जीत दिलाई, जिसके बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखने को मिला। शिमला जिला परिषद पर लंबे समय से कांग्रेस का दबदबा रहा था, लेकिन इस बार के परिणामों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।
जिला परिषद अध्यक्ष पद के लिए हुए, मुकाबले में भाजपा उम्मीदवार भूपेंद्र सिसोदिया ने जीत दर्ज की। उन्हें कुल 13 वोट प्राप्त हुए, जबकि उनके मुकाबले में खड़े कांग्रेस उम्मीदवार सुरेंद्र रेटका को 11 वोट मिले। इस चुनाव प्रक्रिया के दौरान दो वोट अमान्य भी घोषित किए गए, जिससे चुनावी मुकाबला काफी दिलचस्प रहा। इस प्रकार स्पष्ट बहुमत के साथ भाजपा ने अध्यक्ष पद की कमान अपने हाथों में ले ली।
अध्यक्ष पद के बाद उपाध्यक्ष पद के चुनाव में भी भाजपा ने अपनी बढ़त को बरकरार रखा। उपाध्यक्ष पद के लिए हुए मतदान में भाजपा उम्मीदवार भरत सिंह ने बाजी मारी। भरत सिंह को कुल 14 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के उम्मीदवार को 11 वोट ही प्राप्त हो सके। इस तरह भाजपा ने अध्यक्ष के साथ-साथ उपाध्यक्ष पद पर भी अपना कब्जा जमाकर जिला परिषद में पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, शिमला जिला को पारंपरिक रूप से कांग्रेस का मजबूत राजनीतिक गढ़ माना जाता रहा है। वर्तमान में भी शिमला जिला से कांग्रेस सरकार के तीन मंत्री आते हैं, जिनमें पंचायती राज मंत्री भी इसी जिले से ताल्लुक रखते हैं। इसके बावजूद जिला परिषद पर पार्टी का कब्जा न बरकरार रख पाना कांग्रेस के लिए एक बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है।
इस पूरी चुनावी रणनीति को जमीन पर उतारने के लिए भाजपा की ओर से सांसद हर्ष महाजन और सांसद सिकंदर कुमार को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई थी। दोनों नेताओं की देखरेख में पार्टी ने इस गढ़ में सेंध लगाने में सफलता हासिल की। आगामी वर्ष में होने वाले हिमाचल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले शिमला जिला परिषद के दोनों शीर्ष पदों पर भाजपा की यह जीत बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
चुनाव परिणामों के घोषित होने के बाद शिमला में भाजपा खेमे में जश्न का माहौल बन गया। जीत की खबर मिलते ही भारी तादाद में भाजपा कार्यकर्ता डीसी ऑफिस पहुंचे। शिमला की सड़कों पर भाजपा कार्यकर्ता ढोल-नगाड़ों की थाप पर जश्न मनाते नजर आए और पार्टी की इस ऐतिहासिक सफलता पर अपनी खुशी का इजहार किया।


















