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Himachal Adventure Sports: हिमाचल में 16 सितंबर के बाद शुरू होंगी एडवेंचर स्पोर्ट्स गतिविधियां, बीड़ बिलिंग में पैराग्लाइडिंग और व्यास में राफ्टिंग का लें रोमांच

Himachal Paragliding And Rafting Reopening: हिमाचल प्रदेश की विश्व प्रसिद्ध बीड़ बिलिंग घाटी में दो महीने के प्रतिबंध के बाद 16 सितंबर से पैराग्लाइडिंग और कुल्लू में ब्यास नदी में राफ्टिंग गतिविधियां दोबारा शुरू हो रही हैं। प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
Updated By Prajasatta
Published on: 14 सितम्बर 2026
Himachal Adventure Sports: हिमाचल में 16 सितंबर के बाद शुरू होंगी एडवेंचर स्पोर्ट्स गतिविधियां, बीड़ बिलिंग घाटी में पैराग्लाइडिंग और व्यास में राफ्टिंग का लें रोमांच

Himachal Adventure Sports: हिमाचल प्रदेश में एडवेंचर स्पोर्ट्स का इंतजार कर रहे पर्यटकों के लिए राहत की खबर आई है। मानसून सीजन और बरसात के कारण करीब दो महीने से बंद पड़ी पैराग्लाइडिंग और राफ्टिंग गतिविधियां आगामी 16 सितंबर से एक बार फिर से बहाल होने जा रही हैं। एक तरफ जहाँ कुल्लू-मनाली में व्यास  की लहरों के बीच राफ्टिंग का दौर भी शुरू हो जाएगा। वहीं दूसरी तरफ बिलिंग की पहाड़ियों से पर्यटकों और पायलटों की उड़ानें आसमान में फिर से नजर आने लगेंगी।

जानकारी के मुताबिक पैराग्लाइडिंग सीजन की शुरुआत को लेकर पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन और बैजनाथ प्रशासन ने सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली हैं। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बीड़ में तैनात साडा (SADA) और पर्यटन विभाग के सुपरवाइजर रणविजय ने इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए बताया कि बिलिंग टेक ऑफ साइट को पैराग्लाइडिंग गतिविधियों के संचालन के लिए पूरी तरह से तैयार कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि साइट पर जो भी छोटी-मोटी कमियां रह गई थीं, उन्हें भी समय रहते दूर किया जा रहा है। 16 सितंबर की तारीख से सभी व्यावसायिक और व्यक्तिगत उड़ानों की प्रक्रिया विधिवत रूप से दोबारा चालू कर दी जाएगी। पैराग्लाइडिंग गतिविधियों के दौरान हादसों को रोकने और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ रखने के लिए टेक ऑफ साइट पर विशेष चौकसी बरती जा रही है।

इसके अलावा बिलिंग टेक ऑफ साइट पर चार सुरक्षा मार्शलों की तैनाती की गई है। ये मार्शल उड़ान भरने से ठीक पहले सभी पायलटों के आवश्यक दस्तावेजों और उनके आधिकारिक पंजीकरण की गहन जांच करते हैं। नियमों के अनुरूप सभी मानक पूरे करने वाले वैध पायलटों को ही टेक ऑफ करने की अनुमति प्रदान की जाती है। जानकारी के मुताबिक वर्तमान में बीड़ बिलिंग में टेंडम फ्लाइंग के लिए करीब 350 पायलट पंजीकृत हैं।

टेंडम उड़ान के तहत पर्यटक एक प्रशिक्षित एवं अधिकृत पायलट के साथ पैराग्लाइडिंग का सुरक्षित अनुभव लेते हैं। इसके अलावा भारत सहित विदेशों से आने वाले कई अनुभवी पायलट सोलो फ्लाइंग के लिए भी बीड़ बिलिंग पहुंचते हैं।

सामान्यतः टेंडम पैराग्लाइडिंग में एक पैराग्लाइडर पर दो लोग एक साथ उड़ान भरते हैं, जिसमें आगे अधिकृत पायलट होता है और पीछे पर्यटक बैठता है। इसमें पर्यटक को ग्लाइडर नियंत्रित करने की आवश्यकता नहीं होती। इसके विपरीत, सोलो पैराग्लाइडिंग में एक प्रशिक्षित पायलट अकेले ही हवा में उड़ान भरता है और हवा के दबाव व दिशा के अनुसार पैराग्लाइडर का पूरा नियंत्रण स्वयं संभालता है।

उल्लेखनीय है कि बीड़ बिलिंग अपनी विशिष्ट भौगोलिक परिस्थितियों और अनुकूल हवा के कारण दुनिया के शीर्ष पैराग्लाइडिंग स्थलों में शुमार है। समुद्र तल से करीब 2290 मीटर की ऊंचाई पर स्थित बिलिंग को टेक ऑफ साइट और बीड़ को लैंडिंग साइट के रूप में प्रयोग किया जाता है। अपनी उत्कृष्ट प्राकृतिक बनावट के कारण इसे ‘भारत की पैराग्लाइडिंग राजधानी’ भी कहा जाता है। यहां से अनुभवी पायलट 200 किलोमीटर तक की लंबी फ्लाइंग आसानी से कर सकते हैं। इस स्थल पर अब तक दो बार पैराग्लाइडिंग वर्ल्ड कप और 10 से अधिक बार प्री वर्ल्ड कप का सफल आयोजन किया जा चुका है।

पैराग्लाइडिंग के साथ-साथ बीड़ क्षेत्र अपनी प्राकृतिक सुंदरता, धौलाधार की पहाड़ियों के दृश्यों, तिब्बती संस्कृति और बौद्ध मठों के लिए भी जाना जाता है। सीजन की शुरुआत से स्थानीय पर्यटन कारोबारियों, होटल चालकों और होमस्टे संचालकों को व्यापार में तेजी आने की उम्मीद है। बैजनाथ के एसडीएम संकल्प गौतम ने स्पष्ट किया कि प्रशासन सुरक्षा नियमों के सख्त पालन के लिए पूरी तरह तत्पर है और गतिविधियों की लगातार समीक्षा की जाएगी।

इसके साथ ही देश-विदेश से कुल्लू की वादियों को निहारने आने वाले पर्यटक अब ब्यास की जलधारा में राफ्टिंग कर सकेंगे। करीब दो महीने बाद ब्यास नदी में 16 सितंबर से राफ्टिंग का रोमांच शुरू हो रहा है। नदी में राफ्टिंग शुरू करने के लिए तकनीकी कमेटी ने मंजूरी दे दी है। बता दें कि राज्य में 15 सितंबर के बाद राज्य में पर्यटन सीजन रफ्तार पकड़ेगा।

राफ्टिंग शुरू होने से करीब 5,000 युवाओं को एक बार फिर से रोजगार मिल जाएगा। 15 जुलाई से लेकर 15 सितंबर तक बरसात के चलते जिले में साहसिक गतिविधियां बंद कर दी गई थीं। अब दो महीने बाद राफ्टिंग शुरू होने से पर्यटन कारोबार में तेजी आएगी। इसके अलावा राफ्टिंग गतिविधियों के लिए भी कड़े नियम लागू रहेंगे और बिना अनिवार्य सुरक्षा उपकरणों व लाइफ जैकेट के राफ्टिंग की अनुमति नहीं दी जाएगी।

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