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फर्जी डिग्री मामले में नहीं बख्शा जाएगा कोई भी आरोपी,बांटी 36,024 फर्जी डिग्रियां, 17 गिरफ्तार

MBU की स्थापना में हुई अनियमितताएं,शिक्षा विभाग के कई पूर्व व वर्तमान अधिकारियों की बढ़ेगी मुश्किलें

शिमला|
हिमाचल प्रदेश में फर्जी डिग्री बनाने और बेचने का मामला एक बार फिर बजट सत्र के दौरान विधानसभा में गूंजा। जिस पर जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने मानव भारती यूनिवर्सिटी द्वारा फर्जी डिग्रियां बेचने के मामले में दोषियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार किसी भी सूरत में आरोपियों को बख्शने के मूड में नहीं है।

शुक्रवार को विधानसभा में मानव भारती विश्वविद्यालय द्वारा प्रदेश व प्रदेश से बाहरी राज्यों व विदेशों में बेची गई फर्जी डिग्रियों से अर्जित किए गए करोड़ों रुपए के मामले पर कांग्रेस के राजेंद्र राणा द्वारा नियम 62 के तहत लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जवाब में कहा कि इस विश्वविद्यालय से जब्त 64 हार्ड डिस्क और 12 मोबाइल फोन से मिले रिकार्ड से 41479 डिग्रियां जारी होने की पुष्टि हुई है। इनमें से सिर्फ 5455 डिग्रियां ही वैध पाई गई हैं।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि मानव भारती विश्वविद्यालय के मालिक राज कुमार राणा द्वारा फर्जी डिग्रियां बेचकर हुई कमाई से जहां राजस्थान में माधव विश्वविद्यालय स्थापित किया, वहीं 5.47 करोड़ रुपए की अचल संपत्तियां भी खरीदी। उन्होंने माना कि एसआईटी जांच में पता चला है कि राजकुमार राणा ने फर्जी डिग्रियां बेचने के लिए देशभर में सैकड़ों एजेंट रखे थे।

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उन्होंने कहा कि अगर 2012 से ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की जाती तो अब तक आरोपी राजकुमार राणा को सजा मिल चुकी होती। यह मामला 2016 में सामने आया जब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी उस समय प्राइवेट यूनिवर्सिटी रेगुलेटरी कमीशन ने भी कहा था कि मानव भारती यूनिवर्सिटी में उसे फर्जी कोर्स चल रहे हैं और फर्जी डिग्रियों का मामला भी सामने आया।

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16 जनवरी 2020 को यह मामला प्राइवेट यूनिवर्सिटी रेगुलेटरी कमिशन को भेजा गया था। इसके बाद मामले में तीन एफआई आर दर्ज की गई। शिक्षा मंत्री ने कहा कि इन तीनों एफआई में 62 धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए। अतिरिक्त महानिरीक्षक निरीक्षकके नेतृत्व में 19 सदस्यों की एक एसआईटी भी बनाई गई है। टीम में ईडी और एक्साइज विभाग के अधिकारी भी शामिल किए गए हैं ताकि मामले की विस्तृत जांच भी की जाए। उन्होंने कहा कि यह मामला अदालत में भी विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर सरकार में भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं है।

इससे पूर्व, कांग्रेस सदस्य राजेंद्र राणा ने नियम 62 के तहत सदन में मानव भारती निजी विश्वविद्यालय द्वारा प्रदेश व प्रदेश के बाहरी राज्यों व विदेशों में बेची गई फर्जी डिग्रीयों से अर्जित किए गए करोड़ों रूपयों के लेन-देन के मामले को उठाया। उन्होंने कहा कि 5 लाख फर्जी डिग्री मानव भारती निजी विश्वविद्यालय ने बेची हैं और शिक्षा के क्षेत्र में यह बहुत बड़ा घोटाला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के दो बार मुख्यमंत्री रहे शांता कुमार ने भी इस पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि 2007 के दिसंबर में भाजपा सरकार का गठन होने के बाद हिमाचल में 17 निजी विश्वविद्यालय खोले गए और सोलन जिले में एक पंचायत में ही तीन विश्वविद्यालय खुल गए। उन्होंने कहा कि मानव भारती विश्वविद्यालय से फर्जी डिग्री लेकर लोग नौकरियों में लगे और जो ईमानदारी से पढ़ाई कर रहे हैं, उन्हें बाहर होना पड़ा है।

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राजेंद्र राणा ने कहा कि इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जाए, क्योंकि मामला कई राज्यों और विदेशों से जुड़ा है। उन्होंने पूछा कि सरकार इसकी जांच सीबीआई से क्यों नहीं करवा रही है। उन्होंने कहा कि इस मामले में ईडी ने 194 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की है। इसके बावजूद अभी तक सरकार ने इस विश्वविद्यालय को बंद करने की हिम्मत नहीं जुटाई है। उन्होंने इस मामले में सरकार पर कुछ लोगों को बचाने का भी आरोप लगाया।

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