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25 वर्षों से रुका परवाणू का विकास, सीएम सुक्खू के आने से जगी परवाणू की जनता को नई आस

Published on: 20 December 2022
25 वर्षों से रुका परवाणू का विकास, सीएम सुक्खू के आने से जगी परवाणू की जनता को नई आस

परवाणू
प्रदेश का पहला मुख्य द्वार परवाणू में रुके विकास कार्यो व परवाणू की समस्याओं को लेकर परवाणू के समाजसेवी व श्री शिरडी साईं भक्त संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सतीश बेरी ने प्रदेश के नवनियुक्त मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू को पत्र लिखा है | पत्र में परवाणू की समस्याओं का उल्लेख करते हुए सतीश बेरी ने कहा की आज भी परवाणु शहर पिछले 25 वर्ष पूर्व जैसा ही दिखता है और परवाणु में ऐसी कोई बड़ी उपलब्धि नहीं जिसे विकास की संज्ञा दी जा सके |

सतीश बेरी ने पत्र में क्रम बद्ध कर लिखा और बताया की परवाणु बॉर्डर से सटा शहर है और इस शहर की सुरक्षा को लेकर वर्षों से खिलवाड़ किया जा रहा है | परवाणू थाना में ना तो पर्याप्त स्टाफ है और ना ही पर्याप्त वाहन सुविधा | अधिकतर पुलिस के अधिकारी व एक मात्र वाहन प्रोटोकॉल डियूटी पर रहते है जिस कारण शहर में असुरक्षा का आभाव रहता है | सुरक्षा से जुड़ी इस समस्या को लेकर परवाणू थाना के पदों के आधार पर नियुक्ति की जाए और वाहनों की भी व्यवस्था की जाए ।

सतीश बेरी ने कहा की परवाणू का युवा वर्ग दिन व दिन नशे की चपेट मैं आ रहा है । परवाणू में लगभग पांच नशा मुक्ति केंद्र खुल चुके है परन्तु यहां के बच्चे नशे की ज़रूरत को पूरा करने के लिए चोरियां व अन्य आपराधिक मामलों में संलिप्त होते जा रहे है जिसके लिए आपकी सहायत चाहिए ।

समाजसेवी सतीश बेरी ने पत्र में कहा की परवाणू नगर परिषद् को कई वर्षों से विकासात्मक कार्यों के लिए फंड नहीं मिल रहा है जिस कारण नगर परिषद् पिछले दो वर्षों से फंड ना होने की दुविधा झेल रहे है । बैरी ने निवेदन किया की परवाणू में एक मात्र अस्पताल है जिसमे भी पर्याप्त सुविधाओं या स्टाफ का आभाव रहता है, जिस कारण यहां की जनता को इलाज के लिए चंडीगढ़ जाना पड़ता है । सतीश बेरी ने अपने पत्र में शहर की खराब पढ़ी सड़कों के बारे में भी मुख्यमंत्री को लिखा जिसमे की सीवरेज लाइन डालने की वजह से सड़कों की हालत बहुत खराब है जिसे जल्द से जल्द ठीक करवाया जाए ।

समाज सेवी सतीश बेरी ने मुक्यमंत्री को पत्र में लिखा की परवाणू के लगभग सभी सरकारी विभागों में स्टाफ की भारी कमी है । कई विभाग तो मात्र 40 प्रतिशत स्टाफ के साथ ही काम करने को मजबूर है जिस कारण काम का सारा भार मौजूदा कर्मचारियों पर आ जाता है और जनता के काम में भी देरी होती है ।
सतीश बेरी ने मुख्यमंत्री से अनुरोध करते हुए बताया की परवाणू प्रदेश का प्रवेश द्वार है और सबसे पुराना औद्योगिक नगर भी । औद्योगिक नगर होने के नाते अन्य शहरों के मुकाबले परवाणू शहर सरकार को भारी रेवेन्यू देता है, इस लिहाज से परवाणू का विकास सुपर होना चाहिए जो की आज तक नहीं हो पाया।

सतीश बेरी ने कहा की प्रवेश द्वार व औद्योगिक नगर होने के नाते परवाणू को तो एक विकासशील शहर होने का मॉडल होना चाहिए था परंतु परवाणू का यह दुर्भाग्य है की यह नहीं बन पाया । अंत में सतीश बेरी ने लिखा की उपरोक्त जो समस्याएं आपके समक्ष रखी गई है, इनके अलावा भी परवाणू में कई समस्याएं है परन्तु उपरोक्त चिन्हित की गई समस्याओं को समाप्त कर परवाणू के विकास का नया इतिहास लिखने में कृपया सहायता करें, क्योंकि इस बार परवाणू की जनता को आपसे बहुत उम्मीदें हैं ।

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