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आज से गिराए जाएंगे क्षतिग्रस्त होटल और घर

Joshimath Land Sinking 1

Joshimath Land Sinking: जोशीमठ में लैंड स्लाइड से क्षतिग्रस्त हो चुके होटलों और घरों को आज से गिराने का काम शुरू होगा। अधिकारियों ने मंगलवार को कहा कि वे होटलों और घरों को गिराना शुरू करेंगे, जिनमें भूस्खलन और धंसने के बाद दरारें आ गई थीं।

अधिकारियों ने कहा कि होटल मलारी इन और माउंट व्यू में पहले से अधिक दरारें आ गई हैं, जिन्हें मंगलवार को गिरा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी निवासियों को ‘असुरक्षित क्षेत्रों’ से सुरक्षित निकाल लिया गया है। बता दें कि जोशीमठ में जमीन धंसने की समस्या के बीच कर्णप्रयाग नगर पालिका के बहुगुणा नगर में भी कुछ मकानों में दरार देखने को मिली।

CBRI के विशेषज्ञों की मौजूदगी में गिराए जाएंगे ढांचे

केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (CBRI), रुड़की के विशेषज्ञों की एक टीम की देखरेख में इमारतों को गिराने का काम शुरू होगा। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की एक टीम जरूरत पड़ने पर विध्वंस कार्य में जिला प्रशासन की सहायता के लिए तैयार है।

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NDRF ने कहा, “विशेषज्ञ ग्राउंड जीरो पर मौजूद हैं और प्रशासन उनके निर्देश और सलाह पर कार्रवाई करेगा।” स्थानीय निवासी मनमोहन सिंह रावत ने कहा, “वे अभी भी यहां रहने वाले 15-20 परिवारों की सुरक्षा के लिए इन होटलों को तोड़ रहे हैं। हमारे घर नष्ट हो गए हैं।”

केंद्रीय टीम लेगी जायजा

सोमवार को जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने बताया कि एक केंद्रीय टीम चमोली जिले में भू-धंसाव से हुए नुकसान का जायजा लेने और स्थानीय प्रशासन के साथ राहत और बचाव के प्रयासों में समन्वय करते हुए आगे का रास्ता सुझाने के लिए आने वाली है।

खुराना ने पहले कहा था, “गृह मंत्रालय की एक टीम मंगलवार को जोशीमठ आएगी। केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआई) रुड़की की टीम की देखरेख में इमारतों को गिराने का काम कल शुरू होगा।” बता दें कि इससे पहले सोमवार को जल शक्ति मंत्रालय की एक टीम भी जोशीमठ पहुंची। जिन इलाकों में इमारतें गिराई जाएंगी, उन्हें प्रशासन ने ‘असुरक्षित क्षेत्र’ घोषित कर खाली करा दिया है।

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NDMA के अधिकारियों ने CM धामी से की मुलाकात

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के अधिकारियों ने भी सोमवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उनके आवास पर मुलाकात की और राहत एवं बचाव कार्यों पर चर्चा की। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को जोशीमठ क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और भूस्खलन के कारणों की जांच का आश्वासन दिया। राज्य प्रशासन को भी आपदा राहत जुटाने में केंद्र का आश्वासन दिया गया था।

इसी बीच जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण चमोली ने जोशीमठ क्षेत्र में भूस्खलन को देखते हुए आपदा प्रबंधन से संबंधित बुलेटिन जारी किया। बुलेटिन के मुताबिक, जोशीमठ टाउन एरिया में कुल 678 इमारतों में दरारें देखी गई हैं। सुरक्षा के मद्देनजर कुल 81 परिवारों को अस्थाई रूप से विस्थापित किया गया है।

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बुलेटिन में कहा गया है, “जोशीमठ शहर क्षेत्र के तहत, 213 कमरों को अस्थायी रूप से रहने योग्य के रूप में चिन्हित किया गया है, जिनकी क्षमता 1191 अनुमानित है। इसके अलावा, जोशीमठ क्षेत्र के बाहर पीपलकोटी में 2,205 की संयुक्त क्षमता वाले 491 कमरे/हॉल की पहचान की गई है।”

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