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Astronaut Sunita Williams Retires: सुनीता विलियम्स ने सितारों के बीच 27 साल के सुनहरे सफर को दिया विराम, अंतरिक्ष को बताया सबसे पसंदीदा ठिकाना

Astronaut Sunita Williams Retires: सुनीता विलियम्स ने सितारों के बीच 27 साल के सुनहरे सफर को दिया विराम, अंतरिक्ष को बताया सबसे पसंदीदा ठिकाना

Astronaut Sunita Williams Retires: अंतरिक्ष की दुनिया में हिम्मत, धैर्य और जुनून की बात हो, तो सुनीता विलियम्स का नाम अपने आप सामने आ जाता है। नासा के साथ 27 साल के शानदार करियर के बाद सुनीता विलियम्स दिसंबर 2025 के अंत में सेवानिवृत्त हो गईं। 60 वर्ष की उम्र में उन्होंने जो उपलब्धियां हासिल कीं, वे न केवल रिकॉर्ड हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा भी हैं। उनका पूरा सफर यह दिखाता है कि सपने अगर मजबूत हों, तो सितारों तक पहुँचना भी संभव है।

सुनीता विलियम्स ने अपने करियर में कुल 608 दिन अंतरिक्ष में बिताए। वे नासा के इतिहास में अंतरिक्ष में सबसे अधिक समय बिताने वाली दूसरी अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री हैं। उन्होंने अंतरिक्ष यान से बाहर निकलकर 9 बार स्पेसवॉक किया और खुले अंतरिक्ष में 62 घंटे 6 मिनट तक काम किया, जो किसी भी महिला के लिए विश्व रिकॉर्ड है। इतना ही नहीं, वे अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर ट्रेडमिल पर दौड़ते हुए मैराथन पूरी करने वाली दुनिया की पहली इंसान बनीं।

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जून 2024 में सुनीता बोइंग स्टारलाइनर से केवल 8 दिन के मिशन पर गई थीं, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण उन्हें अंतरिक्ष स्टेशन पर 9 महीने रुकना पड़ा। इस कठिन समय में भी उन्होंने संयम और नेतृत्व का परिचय दिया। मार्च 2025 में वे स्पेसएक्स के ज़रिये सुरक्षित और मुस्कुराते हुए धरती पर लौटीं।

सुनीता का अंतरिक्ष सफर रोमांच से भरा रहा। उन्होंने ‘डिस्कवरी’ यान से अपनी पहली अंतरिक्ष यात्रा की और वहीं अपने रिकॉर्डतोड़ स्पेसवॉक किए। साल 2012 में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की कमांडर की जिम्मेदारी संभाली और यह पद पाने वाली दूसरी महिला बनीं। भारतीय मूल की सुनीता हर मिशन में अपने साथ भगवद गीता, उपनिषद और समोसे जैसी भारतीय यादें भी ले जाती रहीं। उनका मानना है कि अंतरिक्ष से देखने पर पूरी धरती एक परिवार जैसी लगती है, जहां कोई सीमाएं नहीं होतीं।

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सेवानिवृत्ति के मौके पर सुनीता विलियम्स ने भावुक होते हुए कहा कि नासा में बिताए गए 27 साल उनके जीवन के सबसे खूबसूरत पल रहे। अंतरिक्ष उनका सबसे पसंदीदा स्थान रहा है। उन्हें संतोष है कि भविष्य के मून और मार्स मिशनों के लिए मजबूत आधार तैयार किया गया है और अब वे नई पीढ़ी को नए इतिहास रचते देखने के लिए उत्साहित हैं।

भारतीय मूल की दिग्गज अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री, जिन्होंने अंतरिक्ष में बनाए कई रिकॉर्ड!
सुनीता विलियम्स का पूरा नाम सुनीता लिन विलियम्स (Sunita Lyn Williams), जिन्हें प्यार से ‘सुनी’ कहा जाता है, एक भारतीय-अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री और पूर्व अमेरिकी नौसेना अधिकारी हैं। उनका जन्म 19 सितंबर 1965 को अमेरिका के ओहायो राज्य के यूक्लिड शहर में हुआ था। उनके पिता दीपक पंड्या गुजराती मूल के हैं, जो गुजरात के मेहसाणा जिले के झुलासन गांव से संबंध रखते हैं, जबकि मां स्लोवेनियाई मूल की हैं।

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सुनीता ने 1987 में यूएस नेवल एकेडमी से फिजिकल साइंस में स्नातक किया और बाद में फ्लोरिडा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से मास्टर डिग्री हासिल की। वे अमेरिकी नौसेना में कैप्टन रैंक तक पहुंचीं और टेस्ट पायलट के रूप में काम किया। 1998 में नासा ने उन्हें अंतरिक्ष यात्री चुना।

बता दें कि सुनीता विलियम्स का नाम अंतरिक्ष इतिहास में हमेशा साहस और समर्पण की मिसाल बना रहेगा। सुनीता विलियम्स न केवल अंतरिक्ष विज्ञान की प्रतीक हैं, बल्कि भारतीय मूल की महिलाओं के लिए बड़ी प्रेरणा स्रोत भी हैं। उनकी यात्रा साहस, मेहनत और सपनों की उड़ान की मिसाल है!

Kasauli International Public School, Sanwara (Shimla Hills)
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