Shrikhand Mahadev Yatra 2026: उत्तर भारत की सबसे कठिन और प्रसिद्ध धार्मिक यात्राओं में शुमार श्रीखंड महादेव यात्रा को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। इस वर्ष यह पवित्र धार्मिक यात्रा 10 जुलाई से शुरू होकर 23 जुलाई तक संचालित की जाएगी। यात्रा के सफल और सुरक्षित संचालन के साथ-साथ सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने के लिए मंगलवार को निरमंड समिति सभागार में श्रीखंड यात्रा ट्रस्ट की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
इस उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं उपायुक्त कुल्लू ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की। बैठक में विशेष रूप से श्रीखंड यात्रा ट्रस्ट के संस्थापक सदस्य व प्रदेश मिल्क फेडरेशन के अध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर, ट्रस्ट सदस्य गोविंद प्रसाद शर्मा सहित विभिन्न सरकारी विभागों के आला अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष आधिकारिक यात्रा की अवधि 10 से 23 जुलाई तक ही सीमित रहेगी।

यात्रा को सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। एसडीएम निरमंड डॉ. जगदीप सिंह राठौर ने बैठक के बाद महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस बार पूरी यात्रा को छह अलग-अलग सेक्टरों में विभाजित किया गया है। यात्रा मार्ग पर बागीपुल और जाओं के मध्य सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती रहेगी। इसके अलावा सिंहगाड़, थाचडू, कुनशा, भीम डवारी और पार्वती बाग में विशेष बेस कैंप स्थापित किए जाएंगे ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी स्तर पर परेशानी न हो।
दुर्गम पहाड़ी रास्तों को देखते हुए प्रशासन ने इस बार सुरक्षा और राहत कार्यों पर सबसे ज्यादा ध्यान केंद्रित किया है। तय रणनीति के तहत प्रत्येक सेक्टर में एक सेक्टर मजिस्ट्रेट, पुलिस अधिकारी, पर्वतारोहण दल, जल शक्ति, वन, लोक निर्माण और अन्य आवश्यक विभागों की टीमें तैनात रहेंगी। आपातकालीन स्थितियों और आपदा प्रबंधन से निपटने के लिए इस वर्ष एसडीआरएफ (SDRF) के 18 जवान और अविमास के 24 विशेष बचाव कर्मी पूरे यात्रा मार्ग पर चौबीसों घंटे मुस्तैद रहेंगे, जिससे बचाव कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
हिमाचल प्रदेश के अलावा बाहरी राज्यों से भारी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इस बार प्रशासन डिजिटल तकनीकों का सहारा ले रहा है। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि श्रीखंड यात्रा के लिए जल्द ही एक ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल शुरू किया जाएगा, जिसे शीघ्र ही आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। इसके साथ ही, जो लोग ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पाएंगे, उनके लिए सीमित संख्या में ऑफलाइन पंजीकरण की व्यवस्था भी उपलब्ध रहेगी।
इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक बैठक में कई विभागों के प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें तहसीलदार निरमंड रजत शर्मा, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता आनंद शर्मा और जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता किशोर कुमार शामिल थे। इनके अलावा डीएफओ चमन राव, सहायक अभियंता राकेश नेगी, बीडीओ नरेश कुमार और कार्यकारी बीएमओ प्रदीप नेगी ने भी भाग लिया और अपनी-अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। सभी विभागों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं और स्वास्थ्य, राजस्व, पुलिस, वन और बचाव दलों की विशेष तैनाती समय से पहले सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
















