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केंद्रीय कर्मचारियों को झटका, नहीं मिलेगा यह पैसा

Published on: 15 March 2023
7th Pay Commission 10

7th Pay Commission: महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की आस के बीच देश के एक करोड़ से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स को बड़ा झटका लगा है। केंद्र सरकार ने कोरोना काल में रोके गए महंगाई भत्ते (DA Arrear) का एरियर देने से साफ-साफ इनकार कर दिया है। केंद्र सरकार के इस ऐलान से पुराने महंगाई भत्ते के एर‍ियर का इंतजार कर रहे केंद्र के 65 लाख कर्मचार‍ी और 48 लाख पेंशनर्स मायूस नजर आ रहे हैं।

दरअसल लोकसभा में एक प्रश्‍न के जवाब में सरकार की तरफ से साफ-साफ कहा गया कि डीए एरियर की कोई योजना नहीं है। केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने लिखित में जवाब देते हुए कहा कि केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों (7th Pay Commission) के कोरोना काल के दौरान फ्रीज किए गए डीए और डीआर का एरियर दिए जाने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल के दौरान कर्मचारियों के रोके गए महंगाई भत्ते से 34,402.32 करोड़ रुपये की बचत हुई थी। जिसका इस्‍तेमाल महामारी को रोकने के ल‍िए क‍िया गया।

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आपको बता दें कि कोरोना महामारी के दौरान साल 2020 में केंद्रीय कर्मचारी और पेंशर्नस के डीए और डीआर हाइक की तीन किस्त को रोक द‍िया था। जनवरी 2020, जुलाई 2020 और जनवरी 2021 के बाद इसे जुलाई 2021 में बहाल क‍िया गया।

हालांकि सरकार ने जनवरी 2020, जून 2020 और जनवरी 2021 के लिए डीए में एकमुश्‍त 17 फीसदी की बढ़ोतरी की। लेकिन उस दौरान फ्रीज किए गए पैसों का कर्मचारियों को भुगतान नहीं किया गया। कोरोना से हालात में सुधार के बाद से कर्मचारी संघ लगातार सरकार से 18 महीने के डीए एर‍ियर के भुगतान की मांग कर रही है। लेकिन केंद्र सरकार ने एकबार फिर 18 महीने के महंगाई भत्ता और महंगाई राहत देने से साफ इनकार कर द‍िया है।

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कर्मचारी संगठन कर रहे हैं एरियर की मांग

बताया जा रहा है कि पिछले दिनों नेशनल काउंसिल के सचिव (स्‍टाफ साइड) शिव गोपाल मिश्रा ने कैबिनेट सचिव को एक लेटर लिखा था जिसमें उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के दिनांक 8 फरवरी 2021 के उस फैसले का जिक्र कर कहा था कि, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने था कि आर्थिक संकट के कारण कर्मचारियों के वेतन और पेंशन को तात्कालिक रूप रोका जा सकता है, लेकिन स्थिति में सुधार होने पर इसे कर्मचारियों को वापस देना होगा। यह कर्मचारियों का अधिकार है। कानून के मुताबिक भुगतान किया जाना चाहिए।

कर्मचारी और पेंशनर्स को होता बड़ा फायदा

सरकार के इस फैसले से केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स खासे मायूस नजर आ रहे हैं। इस एक अनुमान के मुताबिक अगर सरकार एरयिर का भुगतान करती तो लेवल-1 के कर्मचारियों का DA बकाया 11,880 रुपये से लेकर 37,554 रुपये तक का फायदा होता। लेवल-13 (7वें सीपीसी मूल वेतनमान 1,23,100 रुपये से लेकर 2,15,900 रुपये) या लेवल-14 (वेतनमान) पर कर्मचारियों पर 1,44,200 रुपये से 2,18,200 रुपये का डीए बनता है। एरियर की राशि अलग-अलग ग्रेड के कर्मचारियों के लिए अलग-अलग होती।

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