Google News Preferred Source
साइड स्क्रोल मेनू

वनडे सीरीज से वर्ल्ड कप क्वालीफायर की तैयारी शुरू करेंगे जिम्बाब्वे-नीदरलैंड, इन खिलाड़ियों की वापसी

[ad_1]

नई दिल्ली: जिम्बाब्वे अपने आईसीसी पुरुष क्रिकेट विश्व कप सुपर लीग शेड्यूल को पूरा करने के लिए तीन एकदिवसीय मैचों में नीदरलैंड की मेजबानी करेगा। इसके साथ ही घरेलू धरती पर क्रिकेट विश्व कप क्वालीफायर की तैयारी शुरू करेगा। प्रमुख खिलाड़ियों सिकंदर रजा और रयान बर्ल की वापसी से जिम्बाब्वे को मजबूती मिलेगी जबकि ब्लेसिंग मुजारबानी, सीन विलियम्स और तेंदाई चतारा को चोट के कारण वेस्टइंडीज के खिलाफ हालिया टेस्ट सीरीज से बाहर होने के बाद चुना गया है।

बास डी लीडे बाहर, आर्यन दत्त शामिल

वहीं नीदरलैंड ने भी एक मजबूत टीम का नाम दिया है, हालांकि ऑलराउंडर बास डी लीडे को एड़ी की चोट के कारण बाहर कर दिया गया है। उनकी जगह 19 वर्षीय आर्यन दत्त को शामिल किया गया है। दोनों टीमें जिम्बाब्वे में आयोजित होने वाले क्रिकेट विश्व कप क्वालीफायर के लिए एकदिवसीय श्रृंखला खेलेंगी। जहां आईसीसी पुरुष क्रिकेट विश्व कप 2023 में अंतिम दो स्थान दांव पर होंगे।

इसे भी पढ़ें:  IND vs AUS: रोहित शर्मा का जलवा, अर्धशतक लगाते ही नागपुर में झूम उठे दर्शक देखें Video

रयान वैन नीकेर्क होंगे कोच

जिम्बाब्वे और नीदरलैंड सुपर लीग स्टैंडिंग में नीचे के दो स्थानों पर हैं। नीदरलैंड अपने जिम्बाब्वे दौरे के बाद दक्षिण अफ्रीका में दो एकदिवसीय मैच खेलेगा। दो श्रृंखलाएं नीदरलैंड के 24 सुपर लीग फिक्स्चर को पूरा करेंगी। आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद में फील्डिंग कोच के रूप में नियुक्ति के बाद जिम्बाब्वे और दक्षिण अफ्रीका के दौरों के लिए नीदरलैंड के मुख्य कोच रयान नहीं होंगे। रयान वैन नीकेर्क नीदरलैंड के अंतरिम कोच के रूप में कदम रखेंगे। सभी मैच जिम्बाब्वे के हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले जाएंगे और स्थानीय समयानुसार सुबह 9.30 बजे शुरू होंगे।

इसे भी पढ़ें:  पहले टी20 के लिए वसीम जाफर ने चुनी टीम इंडिया की प्लेइंग 11, इन खिलाड़ियों को दी जगह

तीन मैचों की वनडे सीरीज का शेड्यूल

पहला वनडे: 21 मार्च
दूसरा वनडे: 23 मार्च
तीसरा वनडे: 25 मार्च

[ad_2]

Source link

YouTube video player
संस्थापक, प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया प्रजासत्ता पाठकों और शुभचिंतको के स्वैच्छिक सहयोग से हर उस मुद्दे को बिना पक्षपात के उठाने की कोशिश करता है, जो बेहद महत्वपूर्ण हैं और जिन्हें मुख्यधारा की मीडिया नज़रंदाज़ करती रही है। पिछलें 9 वर्षों से प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया संस्थान ने लोगों के बीच में अपनी अलग छाप बनाने का काम किया है।

Join WhatsApp

Join Now

प्रजासत्ता के 10 साल