Prajasatta Side Scroll Menu

हिमाचल में अप्रैल अंत में उपभोक्ताओं को लग सकता है महंगी बिजली का झटका

हिमाचल में बिजली के दाम बढ़ाने की तैयारी

प्रजासत्ता|
हिमाचल प्रदेश में अप्रैल अंत में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका लग सकता है क्योंकि बिजली दरों में बढ़ोतरी कर सकती है| गौरतलब है कि 251 करोड़ के घाटे का हवाला देकर बिजली बोर्ड ने दरें बढ़ाने के लिए नियामक आयोग में याचिका दायर की है। याचिका पर आयोग ने 28 अप्रैल को जन सुनवाई निर्धारित की है। इस दौरान बिजली दरों को लेकर उपभोक्ताओं के सुझाव और आपत्तियां दर्ज किए जाएंगे

बता दें कि कोरोना संकट में वर्ष 2020 में नियामक आयोग ने बिजली दरें नहीं बढ़ाईं थीं।
ऐसे में जब हालात कुछ समान्य हुए हैं बिजली बोर्ड भी कोरोना संकट के चलते राजस्व प्राप्ति कम होने का तर्क देते हुए दरें बढ़ाने की मांग कर रहा है। बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए 5642.04 करोड़ के राजस्व की जरूरत बताई है। वर्ष 2020-21 की राजस्व प्राप्ति 5384.1 करोड़ बताई गई है। 

इसे भी पढ़ें:  चंबा-भरमौर मार्ग पर करियां में निजी बस दुर्घटनाग्रस्‍त, 20 से ज्‍यादा यात्री घायल

हिमाचल प्रदेश के 21.48 लाख घरेलू और 4.18 लाख अन्य श्रेणियों के उपभोक्ताओं है। हालांकि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने 6 मार्च को पेश किए बजट में बिजली बोर्ड को 420 करोड़ की सब्सिडी दी है। ऐसे में संभावित है कि उपभोक्ताओं पर नई दरों का ज्यादा बोझ नहीं डाला जाए।

राज्य विद्युत नियामक आयोग साल 2021-22 के लिए बिजली दरें तय करने से पहले जनता की राय भी लेगा। नई बिजली दरों में उपभोक्ता बढ़ोतरी नहीं चाहते हैं तो नौ अप्रैल तक अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज करवा सकते हैं। इसी कड़ी में 28 अप्रैल को आयोग के कसुम्पटी स्थित कार्यालय में जन सुनवाई होगी। लोगों के सुझाव-आपत्तियों का बिजली बोर्ड 17 अप्रैल तक लोगों को जवाब देकर भेजेगा। जवाब से असंतुष्ट लोग 23 अप्रैल तक दोबारा अपनी बात रख सकेंगे।

इसे भी पढ़ें:  Himachal News: उद्योगों में निवेश को बढ़ावा देने की बजाय पुराने उद्योगों को पलायन करने पर मजबूर कर रही है हिमाचल सरकार!
Kasauli International Public School, Sanwara (Shimla Hills)
Aaj Ki Khabren Himachal Latest News Himachal News in Hindi Himachal Pradesh News Himachal Pradesh samachar Himachal update HP government news HP News Today

Join WhatsApp

Join Now