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Himachal Politics: हिमाचल विधानसभा के इतिहास में पिता-पुत्र के बाद अब पहली बार दिखेगा पति-पत्नी का कॉम्बिनेशन

Himachal Politics: हिमाचल विधानसभा के इतिहास में पिता-पुत्र के बाद अब पहली बार दिखेगा पति-पत्नी का कॉम्बिनेशन

प्रजासत्ता ब्यूरो|
Himachal Politics News: हिमाचल के इतिहास में पिता-पुत्र के बाद अब पहली बार पति-पत्नी (Husband-wife combination in Himachal Assembly) एक साथ विधानसभा में नजर आएंगे। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की पत्नी कमलेश ठाकुर के देहरा विधानसभा सीट से उपचुनाव जीतने के बाद यह संभव हुआ है। उन्होंने अपने प्रतिद्वंदी भाजपा के होशियार सिंह को 9399 मतों के अंतर से करारी शिकस्त दी है। सीएम सुक्खू और कमलेश ठाकुर की इस जीत ने पति-पत्नी को एक साथ विधानसभा पहुँचने की उपलब्धि हासिल करने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।

बता दें कि इससे पहले साल 2017 के विधानसभा चुनाव के बाद पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह और उनके पुत्र विक्रमादित्य सिंह के एक साथ जीत कर विधानसभा पहुँचने से पिता-पुत्र (Father-son combination in Himachal Assembly) की जुगलबंदी देखने को मिली थी। हालांकि वीरभद्र सिंह अपने स्वास्थ्य के चलते पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए थे। बीमारी के कारण उनका निधन हो गया था। लेकिन हिमाचल के चुनावी इतिहास में पिता पुत्र के एक साथ विधायक बनने का रिकॉर्ड दर्ज हुआ है तो वीरभद्र सिंह के परिवार के नाम हुआ है।

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वहीँ इस बार उपचुनाव में सीएम सुक्खू की पत्नी के चुनाव जीत जाने के बाद हिमाचल के इतिहास में एक और रिकॉर्ड दर्ज हुआ है। ऐसा पहली बार हुआ है कि जब कोई पति-पत्नी एक साथ विधानसभा में नजर आएंगे। शपथ ग्रहण के बाद सीएम सुक्खू की पत्नी कमलेश ठाकुर जल्द हिमाचल विधानसभा का हिस्सा होंगी, और अपने पति सुखविंदर सुक्खू के साथ विधानसभा में अपनी आवाज बुलंद करती हुई नज़र आएगी।

Himachal Politics: हिमाचल विधानसभा के इतिहास में पिता-पुत्र के बाद अब पहली बार दिखेगा पति-पत्नी का कॉम्बिनेशन
हिमाचल के इतिहास में दोनों परिवारों ने अपने-अपने नाम दर्ज किये ये रिकॉर्ड..!

हिमाचल विधानसभा के चुनावी इतिहास पर नजर दौडाए तो एक ही परिवार के दो सदस्यों को, एक साथ विधानसभा में होने का सौभाग्य केवल पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह और मौजूदा सीएम सुखविंदर सुक्खू के परिवारों को ही नसीब हुआ है। पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल दो बार सीएम रहे लेकिन उनके बेटे अनुराग ठाकुर एक साथ विधायक नहीं बने। पंडित सुखराम हिमाचल प्रदेश के कद्दावर नेता थे। वह प्रदेश में विधायक के अलावा, सांसद और केंद्र में मंत्री भी रहे। लेकिन उनके विधायक रहते उनके बेटे अनिल शर्मा विधायक नहीं बना पाए।

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पूर्व सीएम यशंवत परमार, पूर्व सीएम शांता कुमार, पूर्व सीएम रामलाल ठाकुर, कौल सिंह, जीएस बाली, जयराम ठाकुर, महेंद्र सिंह ठाकुर सहित अन्य नेताओं की अगली पीढ़ी जरूर राजनीति में सक्रिय थी और है, लेकिन पूर्व सीएम वीरभद्र और मौजूदा सीएम सुक्खू के परिवारों के आलावा किसी भी नेता के परिवार को एक साथ हिमाचल विधानसभा में पहुँचने का सौभाग्य नहीं मिला।

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