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सोलन के दो बेटे चेतन जग्गा व ओजस कैंथला बने भारतीय सेना में अधिकारी

Published on: 29 May 2021
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प्रजासत्ता|
सोलन शहर के दो बेटों ने भारतीय सेना में अधिकारी बनने का गौरव हासिल किया है। चेन्नई स्थित ऑफिसर ट्रेनिंग अकादमी में शनिवार को आयोजित हुई पासिंग परेड में देशभर के 167 जैंटलमैन कैडेट्स सेना में अधिकारी बनें, जिसमें सोलन के चेतन जग्गा व ओजस कैंथला भी शामिल थे। पासिंग परेड के बाद दोनों ही विधिवत रूप से सेना में शामिल हो गए।

ओजस कैंथला थल सेना की 2/11 जीआर बटालियन में कमीशन प्राप्त कर अपने परिवार समेत प्रदेश का नाम रोशन किया है। उनका जन्म 21 दिसंबर 1997 को शलांग (मेघालय) में हुआ। ओजस के पिता कर्नल अरूण कैंथला उस समय मेघालय में तैनात थे। ओजस कैंथला का परिवार मूलत: शिमला जिला के नारकंडा से हैं। ओजस कैंथला की प्रारंभिक शिक्षा सोलन के सेंट ल्यूक्स स्कूल सोलन से हुई व जमा दो की परीक्षा अच्छे अंकों के साथ पास की। उसके बाद आर्मी लॉ कॉलेज चंडीगढ़ के पांच वर्षीय लॉ विषय की डिग्री हासिल की। आर्मी लॉ कॉलेज में डिग्री कंपलीट होने के बाद देश की बड़ी ट्राई लीगल कंपनी दिल्ली में चयन हुआ। ओजस ने वहां लीगल एसोसिएट के रूप में एक वर्ष तक कार्य किया। बचपन से ही अपने पापा व चाचा की तरह आर्मी ऑफिसर बनने की चाह पाले ओजस ने इसके लिए जॉब के साथ साथ तैयारी की। ओजस के पिता कर्नल अरूण कैंथला व चाचा ब्रिगेडियर अनुज कैंथला सेना से सेवानिवृत हो चुके हैं। माता अंबिका कैंथला भी एमए एलएलबी हैं। ओजस के दादा एचडी कैंथला जिला एवं सत्र न्यायधीश पद रह चुके हैं। वह अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और गुरूजनों को देते हैं।

सेना में अधिकारी बने चेतन जग्गा को शुरू से ही सैन्य अधिकारी बनने का जनून था और आज उनका यह सपना पूरा हुआ है। अपने बेटे की इस उपलब्धि पर माता अनु जग्गा व पिता सुनील जग्गा बहुत खुश है। अनु जग्गा ने कहा कि अभी तक वह मेरा बेटा था, लेकिन आज से वह भारत माता का बेटा बन गया, जिससे वह गर्व महसूस कर रही है। चेतन जग्गा का जन्म सोलन में छह फरवरी 1995 को हुआ था। सेंट ल्यूक्स स्कूल सोलन से जमा दो (नॉन मेडिकल) की परीक्षा 93 फीसदी अंक लेकर पास की। उसके बाद हमीरपुर एनआईटी से कैमिकल इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की। डिग्री पूरी होने के बाद इंफोसिस में नौकरी करते हुए सेना के लिए परीक्षाएं भी देता रहा। बिना किसी कोचिंग के उसका चेयन ओटीए चेन्नई के लिए हुआ है। इस उपलब्धि पर माता अनु जग्गा, पिता पूर्व पार्षद सुनील जग्गा व बहन शगुन जग्गा खुश है।

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